$682 अरब के पार पहुंचा देश का विदेशी मुद्रा भंडार, एक हफ्ते में 6.12 अरब डॉलर का इजाफा

देश का फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व 24 जुलाई को समाप्त सप्ताह में 6.118 अरब डॉलर बढ़कर 682.354 अरब डॉलर पर पहुंच गया. इससे पहले सप्ताह में भी रिजर्व में 1.08 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई थी. RBI के अनुसार फॉरेन करेंसी एसेट में सबसे अधिक 4.873 अरब डॉलर का इजाफा हुआ. वहीं गोल्ड रिजर्व भी 1.308 अरब डॉलर बढ़कर 103.058 अरब डॉलर हो गया.

देश का फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व 682.354 अरब डॉलर पर पहुंच गया है. Image Credit: money9live.com

देश के फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व में एक बार फिर अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई है. 24 जुलाई को समाप्त सप्ताह में देश का फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व 6.118 अरब डॉलर बढ़कर 682.354 अरब डॉलर पर पहुंच गया. इससे पहले वाले सप्ताह में भी रिजर्व में बढ़ोतरी दर्ज की गई थी. फॉरेन करेंसी एसेट और सोने के भंडार में आई तेजी ने कुल रिजर्व को मजबूती दी है. हालांकि SDR और IMF में भारत की रिजर्व स्थिति में हल्की कमी दर्ज की गई.

फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व में 6.12 अरब डॉलर की तेजी

रिजर्व बैंक के मुताबिक, 24 जुलाई को समाप्त सप्ताह में भारत का फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व 6.118 अरब डॉलर बढा. इसके बाद कुल फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व 682.354 अरब डॉलर पर पहुंच गया. इससे पिछले सप्ताह यह 676.237 अरब डॉलर था. लगातार दूसरे सप्ताह रिजर्व में बढ़ोतरी दर्ज होने से देश की बाहरी वित्तीय स्थिति मजबूत हुई है. यह बढ़ोतरी फॉरेन करेंसी एसेट और सोने के भंडार में इजाफे की वजह से हुई.

फॉरेन करेंसी एसेट से मिला सपोर्ट

फॉरेन करेंसी एसेट टोटल रिजर्व का सबसे बड़ा हिस्सा होती हैं. रिपोर्टिंग सप्ताह में यह 4.873 अरब डॉलर बढ़कर 555.929 अरब डॉलर पर पहुंच गईं. इसमें डॉलर के अलावा यूरो, पाउंड और येन जैसी विदेशी मुद्राएं भी शामिल होती हैं. इन मुद्राओं की कीमत में उतार चढाव का असर भी विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों पर दिखाई देता है. इसी वजह से कुल रिजर्व में अच्छी बढोतरी दर्ज हुई.

सोने के भंडार में भी हुआ इजाफा

देश के गोल्ड रिजर्व में भी मजबूती देखने को मिली. रिपोर्टिंग सप्ताह में सोने का भंडार 1.308 अरब डॉलर बढ़कर 103.058 अरब डॉलर हो गया. ग्लोबल मार्केट में सोने की कीमतों और रिजर्व मैनेजमेंट का असर इस आंकड़े पर दिखाई देता है. भारत लगातार अपने गोल्ड रिजर्व को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है. इससे फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व को अतिरिक्त मजबूती मिलती है.

SDR और IMF रिजर्व में हल्की गिरावट

जहां फॉरेन करेंसी एसेट और सोने का भंडार बढ़ा, वहीं स्पेशल ड्राइंग राइट्स में हल्की कमी आई. SDR 53 करोड़ डॉलर घटकर 18.617 अरब डॉलर रह गया. इसी तरह अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष में भारत की रिजर्व स्थिति 11 करोड़ डॉलर घटकर 4.75 अरब डॉलर रही. हालांकि इन दोनों में गिरावट का कुल फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व पर ज्यादा असर नहीं पड़ा.

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फरवरी के रिकॉर्ड स्तर से अब भी नीचे है रिजर्व

भारत का फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व फरवरी 2026 में 728.494 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था. इसके बाद पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने और रुपये पर दबाव आने से रिजर्व में गिरावट आई. उस दौरान रिजर्व बैंक ने रुपये को स्थिर रखने के लिए डॉलर की बिक्री भी की थी. हाल के सप्ताहों में फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व में लगातार सुधार देखने को मिल रहा है, जिससे अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है.