2047 तक 100 GW का लक्ष्य! Nuclear Power सेक्टर में मचेगी बड़ी हलचल; NTPC, Adani और Tata Power की मेगा तैयारी

भारत में न्यूक्लियर पावर सेक्टर में निजी कंपनियों की भागीदारी का रास्ता खुलने के बाद NTPC, Adani Power और Tata Power ने नई परियोजनाओं के लिए संभावित साइटों की पहचान शुरू कर दी है. सरकार का लक्ष्य 2047 तक 100 GW न्यूक्लियर पावर क्षमता विकसित करना है.

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Nuclear Power: भारत में न्यूक्लियर पावर सेक्टर में निजी कंपनियों की एंट्री का रास्ता खुलने के बाद देश की प्रमुख बिजली कंपनियों ने बड़े पैमाने पर तैयारी शुरू कर दी है. NTPC, Adani Power और Tata Power भविष्य की न्यूक्लियर पावर परियोजनाओं के लिए देशभर में संभावित जमीन की पहचान कर रही हैं. सरकार का लक्ष्य वर्ष 2047 तक देश की न्यूक्लियर पावर क्षमता को 100 GW तक पहुंचाना है. ऐसे में यह सेक्टर आने वाले वर्षों में बड़े निवेश और तेज विस्तार का गवाह बन सकता है.

NTPC ने 30 से ज्यादा संभावित साइटों की पहचान की

फाइनेंशियल एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, देश की सबसे बड़ी थर्मल पावर उत्पादक कंपनी NTPC ने आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात, ओडिशा, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में 30 से अधिक संभावित साइटों की पहचान की है. इनमें से 10 स्थानों पर शुरुआती अध्ययन भी शुरू कर दिया गया है.

कंपनी की पहली बड़ी न्यूक्लियर पावर परियोजना राजस्थान में 2.8 GW क्षमता वाला माही बांसवाड़ा न्यूक्लियर प्लांट होगा, जिसे NPCIL और NTPC के माध्यम से विकसित किया जा रहा है. इसके अलावा, NTPC ने वर्ष 2047 तक 30 GW न्यूक्लियर पावर क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखा है. कंपनी ने हाल ही में कहा है कि वित्त वर्ष 2037 तक न्यूक्लियर पावर परियोजनाओं पर करीब 1.28 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा.

Adani Power भी तैयारियों में जुटी

देश की सबसे बड़ी निजी थर्मल पावर कंपनी Adani Power भी न्यूक्लियर पावर सेक्टर में तेजी से कदम बढ़ा रही है. कंपनी मध्य प्रदेश के बीना और निगरी में संभावित साइटों का अध्ययन कर रही है. ये दोनों परियोजनाएं पहले जयप्रकाश एसोसिएट्स के पास थीं, जिनका अधिग्रहण अडानी ग्रुप ने किया है.

इसके अलावा, Adani Power ने न्यूक्लियर कारोबार के लिए अडानी एटॉमिक एनर्जी नाम से नई सहायक कंपनी बनाई है. कंपनी ओडिशा में 2,800-2,800 मेगावाट क्षमता वाले दो न्यूक्लियर पावर Plant लगाने की योजना पर भी काम कर रही है. इन परियोजनाओं में करीब 1.5 लाख करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव राज्य सरकार को सौंपा जा चुका है.

Tata Power ने भी शुरू किया प्रारंभिक काम

Tata Power ने भी मध्य प्रदेश, ओडिशा और गुजरात में संभावित परियोजना स्थलों की पहचान कर ली है. कंपनी के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी प्रवीर सिन्हा के मुताबिक, इन स्थानों पर मिट्टी परीक्षण और तकनीकी अध्ययन जैसे शुरुआती कार्य जारी हैं. अगले छह से आठ महीनों में कंपनी परियोजनाओं को आगे बढ़ाने की स्थिति में होगी.

कंपनी का लक्ष्य वर्ष 2028 की शुरुआत में निर्माण कार्य शुरू करना और वर्ष 2032-33 तक अपना पहला न्यूक्लियर रिएक्टर चालू करना है. हालांकि, कंपनी ने साफ किया है कि सरकार की ओर से विस्तृत नियम जारी होने के बाद ही निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा.

2047 तक 100 GW न्यूक्लियर पावर का लक्ष्य

विशेषज्ञों का मानना है कि SMRs और नई न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी की मदद से कम जमीन में सुरक्षित न्यूक्लियर पावर Plant विकसित किए जा सकते हैं. इससे जमीन अधिग्रहण, सुरक्षा और स्थानीय स्वीकृति जैसी चुनौतियों को कम करने में मदद मिलेगी.

यदि सरकार समय पर नियम जारी कर देती है और परियोजनाओं को मंजूरी मिल जाती है, तो वर्ष 2047 तक भारत की न्यूक्लियर पावर क्षमता को 100 GW तक पहुंचाने का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है. इससे देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में भारत को नई बढ़त मिल सकती है.

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