मई में भारत का इंडस्ट्रियल आउटपुट ग्रोथ दर बढ़कर 5.1% हुई, अप्रैल में थी 4.9 फीसदी
इस बढ़ोतरी में मुख्य रूप से मैन्युफैक्चरिंग (जिसमें 5.5% की वृद्धि हुई) और बिजली व गैस सप्लाई (जिसमें 9.9% की तेजी आई) का योगदान रहा. मई 2026 के लिए IIP के शुरुआती अनुमान में 5.1% की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो पिछले साल इसी महीने में 3.6% थी.

मई 2026 में भारत का औद्योगिक उत्पादन सालाना आधार पर 5.1 फीसदी बढ़ा है. अप्रैल में यह बढ़ोतरी 4.9 फीसदी थी. सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) द्वारा जारी इंडेक्स ऑफ इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन (IIP) के ताजा अनुमानों के अनुसार, माइनिंग (खनन) में गिरावट के बावजूद फैक्टरी गतिविधियों में लगातार विस्तार देखा गया है.
किस सेक्टर में इजाफा?
इस बढ़ोतरी में मुख्य रूप से मैन्युफैक्चरिंग (जिसमें 5.5% की वृद्धि हुई) और बिजली व गैस सप्लाई (जिसमें 9.9% की तेजी आई) का योगदान रहा. पानी की सप्लाई, सीवरेज और वेस्ट मैनेजमेंट में भी 5.5% की बढ़ोतरी हुई, जबकि माइनिंग और क्वारीइंग में 1.6% की गिरावट आई.
मई 2026 के लिए IIP के शुरुआती अनुमान में 5.1% की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो पिछले साल इसी महीने में 3.6% थी.
बदल गया है बेस ईयर
IIP के लिए बेस ईयर को 2011-12 से बदलकर 2022-23 कर दिया गया है. नई सीरीज में 120 नए आइटम ग्रुप और कई सेक्टर के लिए अलग-अलग इंडेक्स शामिल किए गए हैं, जिनमें रिन्यूएबल और नॉन-रिन्यूएबल बिजली उत्पादन भी शामिल है.
नई सीरीज में रेयर अर्थ मिनरल्स, गैस सप्लाई, वॉटर मैनेजमेंट और वेस्ट ट्रीटमेंट जैसे उभरते और पहले कम प्रतिनिधित्व वाले सेक्टर को शामिल करके इंडेक्स के दायरे को बढ़ाया गया है.
‘इंडेक्स ऑफ इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन’ (IIP) भारत के अहम और तेजी से बदलने वाले आर्थिक संकेतकों में से एक है. यह माइनिंग, मैन्युफैक्चरिंग, बिजली, गैस और पानी की सप्लाई, सीवरेज और कचरा प्रबंधन जैसी गतिविधियों में उत्पादन के बदलावों पर नजर रखता है.
नीति बनाने वाले, बिजनेस और निवेशक औद्योगिक गतिविधि और व्यापक अर्थव्यवस्था के शुरुआती संकेत के तौर पर इस पर बारीकी से नजर रखते हैं.
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