IIFCL की बड़ी तैयारी, विदेश से जुटाएगी 1 अरब डॉलर; जानें देश को कैसे होगा फायदा

सरकारी वित्तीय संस्था IIFCL विदेशी मार्केट से 1 अरब डॉलर का कर्ज जुटाने की तैयारी कर रही है. कंपनी 15 साल की अवधि के लिए 7 फीसदी से कम ब्याज दर पर यह फंड़ जुटाना चाहती है. इसके अलावा ADB से 40 करोड़ डॉलर के अलग कर्ज पर भी बातचीत चल रही है. RBI की नई विदेशी करेंसी उधारी सुविधा के बाद कंपनी ने कर्ज का साइज बढ़ाया है.

IIFCL विदेशी मार्केट से 1 अरब डॉलर का कर्ज जुटाने की तैयारी कर रही है.

IIFCL Foreign Loan: देश की सरकारी वित्तीय संस्था इंडिया इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस कंपनी लिमिटेड यानी IIFCL विदेशी मार्केट से बड़ी रकम जुटाने की तैयारी कर रही है. कंपनी करीब 1 अरब डॉलर का विदेशी कर्ज लेने की योजना बना रही है. इसके अलावा एशियाई डेवलपमेंट बैंक यानी ADB से भी 40 करोड़ डॉलर के अलग कर्ज पर बातचीत चल रही है. भारतीय रिजर्व बैंक की नई पहल के बाद विदेशी करेंसी में कर्ज लेने की रफ्तार तेज हुई है. इस कदम का मकसद इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट के लिए सस्ता फाइनेंस जुटाना और रुपये को मजबूती देना है. यदि यह सौदा पूरा होता है तो यह IIFCL का अब तक का सबसे बड़ा विदेशी कर्ज होगा.

1 अरब डॉलर का विदेशी कर्ज जुटाने की तैयारी

IIFCL विदेशी निवेशकों से 1 अरब डॉलर का कर्ज लेने की योजना पर काम कर रही है. यह कर्ज 15 साल की अवधि के लिए होगा और इसकी ब्याज दर 7 फीसदी से कम रहने की संभावना है. पहले कंपनी 50 करोड़ डॉलर जुटाने की योजना बना रही थी. लेकिन RBI की नई सुविधा मिलने के बाद कर्ज का आकार बढाकर 1 अरब डॉलर कर दिया गया.

ADB से भी 40 करोड़ डॉलर का कर्ज लेने की योजना

कंपनी Asian Development Bank से करीब 40 करोड़ डॉलर के अलग कर्ज पर भी बातचीत कर रही है. यह कर्ज 20 साल की अवधि के लिए हो सकता है. लंबी अवधि का यह फंड देश की इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट के फाइनेंसिंग में मदद करेगा. इससे कंपनी को कम लागत पर कैपिटल उपलब्ध होने की उम्मीद है.

RBI की नई योजना से मिला बढ़ावा

भारतीय रिजर्व बैंक ने हाल ही में विदेशी करेंसी के फ्लो को बढ़ाने और रुपये को सपोर्ट देने के लिए कई कदम उठाए हैं. इसके तहत सरकारी कंपनियों और बैंकों को विदेशी करेंसी में कर्ज जुटाने की सुविधा दी गई है. साथ ही विदेशी करेंसी रिस्क से बचाव के लिए रियायती दर पर हेजिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है. इसी वजह से विदेशी कर्ज लेने की गतिविधियां तेज हो गई हैं.

डॉलर बॉन्ड जारी करने की भी तैयारी

IIFCL इस साल के अंत तक करीब 10 करोड़ डॉलर का पहला डॉलर बॉन्ड जारी करने पर भी विचार कर रही है. कंपनी का यह बॉन्ड तीन से पांच साल की अवधि का हो सकता है. यदि यह योजना सफल रहती है तो भविष्य में कंपनी अंतरराष्ट्रीय पूंजी मार्केट से और अधिक फंड जुटा सकती है.

कई बैंक भी विदेशी मार्केट से जुटा रहे कैपिटल

RBI की नई सुविधा के बाद कई भारतीय बैंक और सरकारी कंपनियां भी विदेशी मार्केट से धन जुटा रही हैं. HDFC Bank ने 75 करोड़ डॉलर का पांच साल का बॉन्ड जारी किया है. Axis Bank ने 80 करोड़ डॉलर का डॉलर बॉन्ड जारी किया है. वहीं Power Finance Corporation ने 30 करोड़ डॉलर जुटाए हैं. State Bank of India और Bank of Baroda भी विदेशी मार्केट से फंड जुटाने की तैयारी में हैं.

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इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर को मिलेगा लाभ

विदेशी करेंसी में सस्ता कर्ज मिलने से देश की इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को वित्त उपलब्ध कराना आसान होगा. इससे सड़कों, रेल, एनर्जी और अन्य विकास प्रोजेक्ट को गति मिलने की उम्मीद है. साथ ही विदेशी निवेश बढ़ने से भारतीय अर्थव्यवस्था और रुपये को भी मजबूती मिल सकती है.