ईरान ने होर्मुज खोलने के लिए पेश किया अपना रोडमैप, खारिज किया ट्रंप का दावा; ओमान के साथ बातचीत जारी
ईरान का कहना है कि ओमान के साथ उसकी बातचीत में अमेरिका शामिल नहीं है और यह बातचीत एक नया समुद्री ढांचा बनाने पर केंद्रित है जो ईरान की संप्रभुता की रक्षा करे. युद्ध से पहले, इस जलमार्ग से कमर्शियल जहाज आसानी से आते-जाते थे.

ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट के उन दावों को खारिज कर दिया है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) कुछ ही दिनों में एक नए समझौते के तहत फिर से खुल सकता है. ईरान का कहना है कि ओमान के साथ उसकी बातचीत में अमेरिका शामिल नहीं है और यह बातचीत एक नया समुद्री ढांचा बनाने पर केंद्रित है जो ईरान की संप्रभुता की रक्षा करे.
प्रेस टीवी के अनुसार, एक जानकार सूत्र का हवाला देते हुए ईरान ने कहा कि ओमान के साथ बातचीत का मकसद इस रणनीतिक जलमार्ग के माध्यम से एक मध्यवर्ती गलियारा (Intermediate Corridor) स्थापित करना है.
क्या है प्रस्तावित व्यवस्था?
सूत्र ने कहा कि प्रस्तावित व्यवस्था मौजूदा ईरान-नियंत्रित उत्तरी मार्ग और अमेरिका-समर्थित दक्षिणी मार्ग, दोनों की जगह एक नया गलियारा लाएगी, जिसे ईरान की संप्रभुता, राष्ट्रीय हितों और सुरक्षा की रक्षा के लिए डिजाइन किया गया है.
ईरान ने ट्रंप की डेडलाइन को खारिज किया
ये टिप्पणियां ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट के उस बयान के बाद आईं जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने और नेविगेशन की स्वतंत्रता बहाल करने के लिए ईरान के साथ ‘आज या कल’ समझौता कर सकता है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कहा था कि बातचीत आगे बढ़ रही है और संकेत दिया था कि जलमार्ग जल्दी ही फिर से खुल सकता है. हालांकि, ईरान ने उन दावों को खारिज कर दिया.
प्रेस टीवी के अनुसार, सूत्र ने कहा, ‘ट्रंप ने अपने वादों का उल्लंघन किया है और ईरान अमेरिकी धमकियों की परवाह किए बिना होर्मुज में व्यवस्था स्थापित करने की अपनी योजना के साथ आगे बढ़ रहा है और वह सफल होगा.’ सूत्र ने आगे कहा कि ईरान अपने हितों और प्राथमिकताओं को ट्रंप के शेड्यूल या मांगों के आधार पर तय नहीं करता है.
ईरान और ओमान के बीच बातचीत
ईरान का कहना है कि ओमान के साथ बातचीत आगे बढ़ रही है. इससे पहले मंगलवार को ईरान की सरकारी IRNA समाचार एजेंसी ने कहा कि ओमान के साथ तकनीकी और राजनीतिक बातचीत रचनात्मक रही है.
IRNA ने ईरानी अधिकारियों के हवाले से कहा, ‘अब तक तकनीकी और राजनीतिक बातचीत रचनात्मक रही है. ईरान इस रणनीतिक चोकपॉइंट (अहम समुद्री रास्ते) में भविष्य के समुद्री ट्रैफिक मैनेजमेंट के लिए रूपरेखा तैयार करने के वास्ते ओमान के साथ काम कर रहा है. अंतिम नतीजे तय होने के बाद सार्वजनिक किए जाएंगे.’
इसके अलावा, अल जजीरा ने ईरानी राजनयिक सूत्रों और आधिकारिक बयानों का हवाला देते हुए बताया कि कुछ मतभेदों के बावजूद ओमान के साथ बातचीत में लगातार प्रगति हो रही है.
कुछ मुद्दे अभी भी अनसुलझे
रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने हाल ही में संकेत दिया था कि बातचीत में अच्छी प्रगति हुई है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने भी बातचीत को सकारात्मक बताया, साथ ही यह भी माना कि कुछ मुद्दे अभी भी अनसुलझे हैं.
ईरान में राजनयिक सूत्रों ने अल जजीरा को बताया कि अब समझौता होने की संभावना है. हालांकि, उन्होंने बिना नाम बताए कुछ बाधा डालने वाले तत्वों पर इस प्रक्रिया को पटरी से उतारने की कोशिश करने का आरोप लगाया. सूत्रों ने कहा कि हो सकता है कि बुधवार के अंत तक कोई समझौता हो जाए.
ईरान को मिलेगा अधिक कंट्रोल
प्रस्तावित व्यवस्था से ईरान को अधिक नियंत्रण मिलेगा. प्रेस टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, ओमान के साथ प्रस्तावित समझौते से होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुज़रने वाले समुद्री ट्रैफिक पर ईरान की निगरानी का दायरा काफी बढ़ जाएगा. रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान आने वाले सभी कमर्शियल जहाजों पर पूरा संप्रभु अधिकार रखेगा, जबकि ओमान बाहर जाने वाले जहाजों को मंजूरी देने में सीमित भूमिका निभाएगा.
हालांकि, रिपोर्ट के मुताबिक ओमान ऐसा केवल ईरानी अधिकारियों को सूचित करने के बाद ही करेगा, जिससे तेहरान जहाजों की आवाजाही पर नजर रख सकेगा और जरूरत पड़ने पर दखल देने की क्षमता भी बनाए रखेगा.
होर्मुज सबसे बड़ी अड़चन
ईरान और अमेरिका के बीच लगभग छह महीने से चल रहे टकराव को कम करने की कूटनीतिक कोशिशों में होर्मुज जलडमरूमध्य मुख्य मुद्दा बन गया है. युद्ध से पहले, इस जलमार्ग से कमर्शियल जहाज आसानी से आते-जाते थे और दुनिया भर में होने वाली तेल की सप्लाई का लगभग पांचवां हिस्सा यहीं से गुजरता था.
तनाव बढ़ने के बाद से, ईरान ने इस जलडमरूमध्य पर अपना नियंत्रण कड़ा कर दिया है और समुद्री प्रबंधन के लिए एक नए ढांचे की मांग कर रहा है, जबकि अमेरिका बिना किसी रोक-टोक के समुद्री आवाजाही की आजादी पर जोर दे रहा है.
ओमान की बढ़ती कूटनीतिक सक्रियता और किसी समाधान की उम्मीद को लेकर अमेरिका के आशावादी रुख के बावजूद, ईरान इस बात से इनकार करता रहा है कि अमेरिका के साथ सीधे किसी समझौते पर बातचीत हो रही है. उसका कहना है कि मौजूदा बातचीत सिर्फ तेहरान और मस्कट के बीच ही हो रही है.
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