कच्चा तेल महंगा, आम जनता परेशान लेकिन Oil कंपनियां मालामाल; ऐसे हो रही तगड़ी कमाई
ईरान युद्ध और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में सप्लाई बाधित होने से कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है. इसका फायदा ExxonMobil, Chevron, Shell, BP और Saudi Aramco जैसी बड़ी Oil कंपनियों को मिला है. ऊंची क्रूड कीमतों और मजबूत रिफाइनिंग मार्जिन से इन कंपनियों का मुनाफा तेजी से बढ़ा है.

ईरान युद्ध और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में सप्लाई बाधित होने से दुनियाभर में कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव बढ़ा है. इसका सीधा असर पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर देखने को मिल रहा है. अमेरिका और यूरोप में आम लोगों का ईंधन खर्च बढ़ा है. लेकिन दूसरी तरफ दुनिया की कई बड़ी Oil कंपनियों के मुनाफे में जोरदार उछाल आया है. ExxonMobil, Chevron, Shell, BP और Saudi Aramco जैसी कंपनियों ने मजबूत तिमाही नतीजे पेश किए हैं. सवाल है कि जब महंगे तेल से आम जनता परेशान है तो Oil कंपनियां इतनी कमाई कैसे कर रही हैं.
तेल की कीमतों को मिला सपोर्ट
ईरान से जुडे़ संघर्ष और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में आवाजाही प्रभावित होने से वैश्विक तेल सप्लाई पर चिंता बढ़ी है. इससे कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई और उन कंपनियों को फायदा मिला जिनकी सप्लाई सीधे होर्मुज से प्रभावित नहीं हुई. अलजजीरा की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 की दूसरी छमाही में ग्लोबल बेंचमार्क क्रूड की औसत कीमत 96.68 डॉलर प्रति बैरल रही. यह 2026 की पहली तिमाही के 78.38 डॉलर और 2025 की दूसरी तिमाही के 66.71 डॉलर से काफी ज्यादा है. ऊंची कीमतों ने Oil कंपनियों की कमाई को मजबूत किया.
ExxonMobil से Chevron तक कंपनियों की बंपर कमाई
ExxonMobil ने दूसरी तिमाही में 14.5 अरब डॉलर का मुनाफा दर्ज किया. यह कंपनी का चार साल का सबसे ऊंचा तिमाही मुनाफा रहा. Chevron ने 12 अरब डॉलर का मुनाफा कमाया, जो करीब छह साल का सबसे बेहतर तिमाही प्रदर्शन है. Shell की दूसरी तिमाही की कमाई करीब 10 अरब डॉलर रही, जो पिछले साल के मुकाबले दोगुने से ज्यादा है. BP का मुनाफा 5.73 अरब डॉलर रहा, जो एक साल पहले के 2.35 अरब डॉलर से काफी ज्यादा है.
Saudi Aramco की कमाई में भी जोरदार उछाल
तेल से कमाई का फायदा केवल पश्चिमी कंपनियों तक सीमित नहीं रहा. दुनिया की सबसे बड़ी सरकारी Oil कंपनी Saudi Aramco ने भी दूसरी तिमाही में जोरदार प्रदर्शन किया. कंपनी की कमाई सालाना आधार पर 44 फीसदी बढ़कर 32.69 अरब डॉलर हो गई. Saudi Aramco के लिए East West Pipeline एक अहम फायदा है. इसके जरिए कंपनी तेल निर्यात के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अपनी निर्भरता कम कर सकती है. इससे क्षेत्रीय सप्लाई बाधित होने के बावजूद कंपनी को फायदा मिला.
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रिफाइनिंग मार्जिन ने भी बढ़ाई कमाई
Oil कंपनियों के मुनाफे की वजह केवल कच्चे तेल की ऊंची कीमत नहीं है. पश्चिमी देशों में बड़ी रिफाइनिंग क्षमता रखने वाली कंपनियों को मजबूत रिफाइनिंग मार्जिन का भी फायदा मिला. मिडिल ईस्ट से तेल उत्पादों की सप्लाई प्रभावित होने से पेट्रोल और डीजल जैसे रिफाइंड उत्पादों की कीमतों पर दबाव बढ़ा. इससे रिफाइनिंग कारोबार की कमाई मजबूत हुई. यानी कंपनियों को एक तरफ महंगे कच्चे तेल से फायदा मिला तो दूसरी तरफ रिफाइंड उत्पादों पर बेहतर मार्जिन ने मुनाफे को और सहारा दिया.
आम लोगों की जेब पर बढ़ा ईंधन का बोझ
जहां Oil कंपनियों की कमाई बढ़ रही है, वहीं आम लोगों के लिए महंगा तेल चिंता का कारण बना हुआ है. अमेरिका में पेट्रोल की औसत कीमत 4 डॉलर प्रति गैलन से ऊपर पहुंच गई है. यह युद्ध से पहले के स्तर से करीब 40 फीसदी ज्यादा है. ब्रिटेन में भी पेट्रोल की कीमत 160.85 पेंस प्रति लीटर के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई. डीजल की कीमत भी 180 पेंस प्रति लीटर से ऊपर चली गई. इससे लोगों के ट्रांसपोर्ट खर्च के साथ महंगाई का दबाव भी बढ़ सकता है.