RBI MPC Announcement: रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं, पश्चिम एशिया संघर्ष बना चुनौती; GDP ग्रोथ 6.6% रहने का अनुमान

RBI MPC Announcement: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर संजय मल्होत्रा ​​ने पश्चिम एशिया में तनाव, बदलते मॉनसून अनुमानों और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के माहौल में अपनी MPC स्पीच शुरू की. मल्होत्रा ने कहा कि वैश्विक आर्थिक माहौल लगातार अस्थिर होता जा रहा है.

रिजर्व बैंक के गवर्नर ने रेपो रेट पर किया बड़ा ऐलान. Image Credit: Money9live

Highlights

  • जून में रिटेल महंगाई दर बढ़कर 4.38 फीसदी हो गई.
  • US फेडरल रिजर्व ने भी अपनी ब्याज दरों को स्थिर रखा है.
  • दिसंबर 2025 से रेपो रेट में बदलाव नहीं हुआ है.

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने बुधवार 5 अगस्त को मॉनेटरी पॉलिसी की बैठक में लिए गए फैसलों का ऐलान कर दिया है. रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि एमपीसी ने ब्याज दर को 5.25 फीसदी पर बरकरार रखने का फैसला किया है.

हेडलाइन इन्फ्लेशन बढ़ने का अनुमान

गवर्नर संजय मल्होत्रा ​​ने कहा कि हेडलाइन CPI महंगाई RBI के टारगेट से थोड़ी ऊपर चली गई है, जिसकी मुख्य वजह खाने-पीने की चीजें और ईंधन की बढ़ी हुई कीमतें हैं.

संजय मल्होत्रा ​​ने कहा कि मुख्य महंगाई (हेडलाइन इन्फ्लेशन) के बढ़ने का अनुमान है, जिसकी मुख्य वजह खाने-पीने की चीजों और ईंधन की सप्लाई से जुड़ा दबाव है. वहीं, कोर इन्फ्लेशन सामान्य बनी हुई है और Q3 में अपने उच्चतम स्तर पर पहुंचने के बाद इसके घटने की उम्मीद है. ग्रोथ के मजबूत बने रहने की उम्मीद है, हालांकि चालू वित्त वर्ष में इसके कम रहने की संभावना है.

मल्होत्रा ​​ने कहा कि दक्षिण-पश्चिम मॉनसून, अल नीनो, जियोपॉलिटिक्स और ग्लोबल ट्रेड पॉलिसी को लेकर अनिश्चितताओं के कारण भविष्य की स्थिति अभी साफ नहीं है. उन्होंने कहा कि कोई भी पॉलिसी संबंधी कदम उठाने से पहले महंगाई के ट्रेंड और उसके घटकों के बारे में और स्पष्टता की जरूरत है.

ग्रोथ का अनुमान

रियल GDP ग्रोथ 6.6% रहने का अनुमान है, जो पिछले अनुमानों से 10 बेसिस पॉइंट्स अधिक है.

RBI ने वित्त वर्ष 2027 (FY27) में ग्रोथ का अनुमान 6.7% लगाया है, जबकि जून की पॉलिसी में यह अनुमान 6.6% था. उसे उम्मीद है कि कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) से मापी जाने वाली रिटेल महंगाई FY27 में औसतन 5.00% रहेगी, जबकि पिछली पॉलिसी समीक्षा में इसका अनुमान 5.1% लगाया गया था.

मजबूत बनी हुई है ग्रोथ

RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ​​ने कहा कि अंडरलाइंग महंगाई (कीमती धातुओं को छोड़कर कोर महंगाई) कुछ समय से स्थिर बनी हुई है और उम्मीद है कि वित्त वर्ष के आखिर तक यह कोर महंगाई के स्तर पर आ जाएगी.

उन्होंने कहा कि हालांकि हेडलाइन महंगाई बढ़ने का अनुमान है, लेकिन यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से खाने-पीने की चीजों और ईंधन की सप्लाई से जुड़े दबावों के कारण हो रही है.

ग्रोथ के बारे में मल्होत्रा ​​ने कहा कि मजबूत घरेलू मांग, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर में लगातार विस्तार और जबरदस्त एक्सपोर्ट से अर्थव्यवस्था को सहारा मिल रहा है.

RBI MPC की अहम बातें

  • पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध से विदेशी मुद्रा भंडार के लिए जोखिम बढ़ सकते हैं.
  • पिछले साल भारत का CAD (करेंट अकाउंट डेफिसिट) टिकाऊ स्तर पर रहा.
  • इस साल अप्रैल से जून के बीच इसमें सरप्लस (अधिशेष) दर्ज किया गया.
  • वित्त वर्ष 2027 के लिए कोर महंगाई दर 4.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है.
  • अल-नीनो की स्थितियों के बीच दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की कमी और असमान बारिश के कारण कृषि क्षेत्र के लिए संभावनाएं अनिश्चित बनी हुई हैं.
  • पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण सप्लाई-साइड पर बना दबाव थोड़ा कम हुआ है.
  • पश्चिम एशिया का संघर्ष अहम व्यापारिक मार्गों को बाधित करके वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए चुनौती बना हुआ है.
  • MPC के सभी छह सदस्यों ने रेपो रेट को बिना बदले रखने के पक्ष में वोट दिया.

कब से स्थिर हैं ब्याज दरें

इस पहले जून की MPC बैठक में भी केंद्रीय बैंक ने रेपो रेट में किसी भी तरह का बदलाव नहीं किया था. RBI ने स्टैंडिंग डिपॉजिट फैसिलिटी (SDF) दर को 5 फीसदी पर बनाए रखा था, जबकि मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी (MSF) दर और बैंक दर को 5.5 फीसदी पर रखा था. RBI ने दिसंबर 2025 से अपनी बेंचमार्क रेपो रेट में किसी भी तरह का बदलाव नहीं किया है.

इसी तरह, US फेडरल रिजर्व और बैंक ऑफ जापान सहित अन्य प्रमुख केंद्रीय बैंकों ने भी अपनी हालिया मौद्रिक नीति बैठक में अपनी-अपनी पॉलिसी दरों को अपरिवर्तित रखने का फैसला किया.

रेपो रेट क्या है?

रेपो रेट वह ब्याज दर है जो भारतीय रिजर्व बैंक कमर्शियल बैंकों को पैसा उधार देने पर वसूलता है.

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