LPG Crisis के बीच सरकार सख्त! जानें कितने सिलेंडर रखने पर हो सकती है जेल और कितना लगेगा जुर्माना
देश में LPG संकट की आशंका के बीच सरकार ने Essential Commodities Act के तहत जमाखोरी और ब्लैक मार्केटिंग पर सख्ती शुरू कर दी है. नियमों के मुताबिक तय सीमा से ज्यादा गैस सिलेंडर जमा करना गैरकानूनी माना जा सकता है और दोषी पाए जाने पर जेल या भारी जुर्माना भी लग सकता है. अगर कहीं LPG सिलेंडर की जमाखोरी या अवैध स्टोरेज नजर आए तो आम नागरिक हेल्पलाइन के जरिए शिकायत भी कर सकते हैं.
देश में संभावित LPG संकट को देखते हुए केंद्र सरकार ने Essential Commodities Act लागू कर दिया है, ताकि घरेलू गैस की सप्लाई आम लोगों तक बिना रुकावट पहुंचती रहे. पश्चिम एशिया में तनाव और सप्लाई चेन पर असर की वजह से सरकार और राज्य प्रशासन अब LPG की जमाखोरी (hoarding) और ब्लैक मार्केटिंग पर सख्ती कर रहे हैं. कई शहरों में प्रशासन ने छापेमारी भी तेज कर दी है ताकि घरेलू गैस की सप्लाई प्रभावित न हो.
ऐसे हालात में आम लोगों के मन में एक बड़ा सवाल है, आखिर घर में कितने गैस सिलेंडर रखना कानूनी है, जमाखोरी करने पर क्या सजा हो सकती है और अगर कहीं अवैध भंडारण दिखे तो शिकायत कैसे करें?
कितने सिलेंडर रखना कानूनी है
भारत में LPG की सप्लाई और वितरण Liquefied Petroleum Gas (Regulation of Supply and Distribution) Order, 2000 के तहत नियंत्रित होता है, जिसे Essential Commodities Act के तहत लागू किया गया है. इस नियम के मुताबिक एक परिवार को आम तौर पर एक ही LPG कनेक्शन दिया जाता है और घरेलू उपभोक्ताओं को साल में तय कोटा के भीतर ही सिलेंडर मिलते हैं.
सामान्य व्यवस्था के तहत घरेलू उपभोक्ता को आम तौर पर, एक समय में अधिकतम दो 14.2 किलोग्राम के सिलेंडर रखने की अनुमति है.
सुरक्षा और भंडारण से जुड़े नियमों के मुताबिक बिना विशेष लाइसेंस के सीमित मात्रा में ही LPG स्टोर किया जा सकता है. विशेषज्ञों के अनुसार व्यवसाय के लिए करीब 100 किलोग्राम LPG (लगभग 7 घरेलू 14.2 किलो वाले सिलेंडर) तक ही बिना लाइसेंस के रखना सुरक्षित और कानूनी माना जाता है, इससे अधिक स्टॉक के लिए लाइसेंस जरूरी होता है.
जमाखोरी करने पर क्या हो सकती है कार्रवाई
अगर कोई व्यक्ति बड़ी संख्या में घरेलू LPG सिलेंडर जमा करके ब्लैक मार्केट में बेचने या कमर्शियल इस्तेमाल के लिए डायवर्ट करता है, तो उसके खिलाफ Essential Commodities Act के तहत मामला दर्ज हो सकता है. इस कानून के तहत दोषी पाए जाने पर जुर्माना, सिलेंडर जब्त होने के साथ-साथ जेल की सजा भी हो सकती है. कई मामलों में पुलिस ने सैकड़ों सिलेंडर जब्त कर आरोपियों को गिरफ्तार किया है.
हाल ही में प्रशासन ने कई शहरों में छापेमारी कर दर्जनों सिलेंडर जब्त किए हैं ताकि अफवाहों या संकट के बीच कोई भी व्यक्ति गैस की जमाखोरी न कर सके.
अगर कहीं LPG की जमाखोरी दिखे तो ऐसे करें शिकायत
सरकार ने आम नागरिकों के लिए कई शिकायत चैनल भी उपलब्ध कराए हैं.
सबसे पहले आप LPG ऑल-इंडिया कस्टमर केयर हेल्पलाइन 1800-2333-555 पर कॉल कर सकते हैं. यहां घरेलू गैस एजेंसी, ओवरचार्जिंग, अवैध स्टोरेज या ब्लैक मार्केटिंग से जुड़ी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है.
अगर मामला सुरक्षा से जुड़ा है, जैसे अवैध रिफिलिंग या बड़ी मात्रा में सिलेंडर स्टोर किए गए हों तो 1906 LPG इमरजेंसी हेल्पलाइन पर भी सूचना दी जा सकती है. इसके अलावा नागरिक जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, स्थानीय प्रशासन या पुलिस को भी सूचना दे सकते हैं, क्योंकि Essential Commodities Act के तहत कार्रवाई का अधिकार इन एजेंसियों के पास होता है.
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घबराहट में सिलेंडर जमा करना भी खतरनाक
सरकार और राज्य प्रशासन बार-बार लोगों से अपील कर रहे हैं कि अफवाहों के कारण पैनिक बाइंग या सिलेंडर जमा करने से बचें, क्योंकि इससे असली उपभोक्ताओं तक सप्लाई प्रभावित हो सकती है. कई राज्यों में निगरानी टीमें भी बनाई गई हैं जो गैस एजेंसियों और गोदामों पर लगातार नजर रख रही हैं.
कुल मिलाकर, LPG जैसी जरूरी वस्तु की जमाखोरी न सिर्फ अवैध है बल्कि खतरनाक भी है. अगर आपको कहीं भी बड़ी मात्रा में सिलेंडर जमा करने या अवैध रिफिलिंग की जानकारी मिलती है, तो तुरंत संबंधित हेल्पलाइन या प्रशासन को सूचित करना ही सबसे सुरक्षित और जिम्मेदार कदम माना जाता है.
