बिक्री में 33% की गिरावट, फिर भी बढ़ा मुनाफा! जानिए Nandan Denim के नतीजों का पूरा गणित

नंदन डेनिम ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में 27 फीसदी मुनाफा बढ़ाकर 26.27 करोड़ रुपये दर्ज किया है. हालांकि, कंपनी की बिक्री 33 फीसदी घटकर 1,230 करोड़ रुपये रह गई. बढ़ते कर्ज, निगेटिव कैश फ्लो और ग्राहकों से मिलने वाली रकम में बढ़ोतरी ने कंपनी की वित्तीय स्थिति को लेकर निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है.

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टेक्सटाइल सेक्टर की कंपनी नंदन डेनिम लिमिटेड (Nandan Denim) ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं. कंपनी के नतीजे मिले-जुले रहे. एक तरफ कंपनी का नेट प्रॉफिट 27 फीसदी बढ़ा है, वहीं दूसरी तरफ बिक्री में 33 फीसदी की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है. कंपनी के बढ़ते कर्ज और कैश फ्लो की स्थिति भी निवेशकों के लिए ध्यान देने वाली है.

छह महीने में 1,230 करोड़ रुपये रहा रेवेन्यू

नंदन डेनिम का सितंबर 2026 को समाप्त हुई पहली छमाही में ऑपरेशन से रेवेन्यू 1,230.37 करोड़ रुपये रहा. पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह 1,832.37 करोड़ रुपये था. इस तरह कंपनी की बिक्री में करीब 33 फीसदी की गिरावट आई है. हालांकि, कंपनी का नेट प्रॉफिट इस दौरान 27 फीसदी बढ़कर 26.27 करोड़ रुपये हो गया. पिछले साल की पहली छमाही में कंपनी ने 20.65 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट दर्ज किया था.

लेकिन मुनाफे में इस बढ़ोतरी की एक अहम वजह टैक्स से जुड़ी राहत भी रही. कंपनी को करीब 6.40 करोड़ रुपये का नेट टैक्स क्रेडिट मिला. वहीं, टैक्स से पहले का मुनाफा 14 फीसदी घटकर 19.88 करोड़ रुपये रह गया. यानी कंपनी के वास्तविक कारोबारी प्रदर्शन में दबाव दिखाई दे रहा है.

दूसरी तिमाही में भी बिक्री कमजोर

वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 22.5 फीसदी घटकर 607.98 करोड़ रुपये रहा. पिछले साल की समान तिमाही में यह करीब 784.69 करोड़ रुपये था. हालांकि, इस दौरान कंपनी का नेट प्रॉफिट बढ़कर 11.47 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल की समान तिमाही में करीब 9.45 करोड़ रुपये था. इससे साफ है कि बिक्री में गिरावट के बावजूद कंपनी अपने शुद्ध मुनाफे को बढ़ाने में सफल रही है. हालांकि, इसमें टैक्स से जुड़ी राहत का भी योगदान है.

कंपनी के सामने बढ़ती वर्किंग कैपिटल की चुनौती

नंदन डेनिम के वित्तीय आंकड़ों में कुछ चिंताएं भी सामने आई हैं. कंपनी की ट्रेड रिसीवेबल्स यानी ग्राहकों से मिलने वाली रकम 44 फीसदी बढ़कर 543.15 करोड़ रुपये हो गई है. मार्च 2026 में यह 376.65 करोड़ रुपये थी. इसके अलावा कंपनी का कुल कर्ज बढ़कर करीब 161.63 करोड़ रुपये पहुंच गया है. पहली छमाही में कंपनी का ऑपरेटिंग कैश फ्लो भी 37.18 करोड़ रुपये निगेटिव रहा, जबकि पिछले साल इसी अवधि में 144.45 करोड़ रुपये का पॉजिटिव कैश फ्लो था.

रिन्यूएबल एनर्जी में भी निवेश

कंपनी ने करीब 4 करोड़ रुपये में ओपेरा वायु (नर्मदा) प्राइवेट लिमिटेड की 6.1 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी है. यह निवेश ग्रुप कैप्टिव रिन्यूएबल एनर्जी व्यवस्था से जुड़ा है, जिसमें विंड और सोलर एनर्जी का इस्तेमाल शामिल है.

कुल मिलाकर नंदन डेनिम के नतीजों में मुनाफे की बढ़ोतरी जरूर दिखाई दे रही है, लेकिन बिक्री में गिरावट, बढ़ती उधारी और कमजोर कैश फ्लो कंपनी के सामने चुनौतियां पेश कर रहे हैं. आने वाले समय में निवेशकों की नजर कंपनी की बिक्री में सुधार और नकदी की स्थिति पर रहेगी.

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