हूती विद्रोहियों का ग्रेटर और लेसर हनिश द्वीपों पर कब्जा, लाल सागर के आस-पास भी कंट्रोल मजबूत; तेल बाजार में फिर हलचल
ग्रेटर और लेसर हनिश पर कब्जा करना, बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य (स्ट्रेट) के आस-पास विद्रोहियों की तेजी से बढ़ती गतिविधियों का ताजा घटनाक्रम है. अमेरिकी राष्ट्रपति का यह भी दावा है कि यूक्रेन और रूस एक-दूसरे के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला न करने पर सहमत हो गए हैं.

सोमवार को तेल की कीमतों में 3 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई. यह बढ़ोतरी सऊदी अरब के इंफ्रास्ट्रक्चर पर नए हमलों और पश्चिम एशिया में जहाजों पर हमलों के बाद हुई. हालांकि, बाद में कीमतों में कुछ नरमी आई, जिसकी वजह ईरान के साथ डील की कोशिशों पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बयान और यूक्रेन व रूस का एनर्जी ठिकानों पर हमला न करने पर सहमत होना था.
मंगलवार यानी 15 सितंबर को ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स में 1 फीसदी से अधिक की बढ़ोतरी के साथ 107 डॉलर प्रति बैरल के आसपास है.
हूती विद्रोहियों का रणनीतिक द्वीपों पर कब्जा
ईटी की रिपोर्ट के अनुसार, सरकारी और हूती अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि यमन के ईरान-समर्थित हूती विद्रोहियों ने दक्षिणी लाल सागर में कुछ और रणनीतिक द्वीपों पर कब्जा कर लिया है, जिससे एक प्रमुख समुद्री शिपिंग रूट पर उनका नियंत्रण और मजबूत हो गया है.
ग्रेटर और लेसर हनिश पर कब्जा करना, बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य (स्ट्रेट) के आस-पास विद्रोहियों की तेजी से बढ़ती गतिविधियों का ताजा घटनाक्रम है.
यानबू बंदरगाह पर कितना स्टॉक?
ईटी ने तीन इंडस्ट्री अधिकारियों के हवाले से बताया कि सऊदी की ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन के अस्थायी रूप से बंद होने के कारण, लाल सागर स्थित यानबू बंदरगाह पर इतना ही स्टॉक मौजूद है, जो सिर्फ पांच से सात दिनों के निर्यात को पूरा कर सकता है.
हूतियों ने कहा कि उन्होंने सीमा के पास खमीस मुशैत में सऊदी सैन्य एयरबेस पर दर्जनों मिसाइलें और ड्रोन दागे, जिससे एयरक्राफ्ट हैंगर, रडार सिस्टम, रनवे और गोला-बारूद डिपो को नुकसान पहुंचा.
‘ईरान जल्द से जल्द डील करना चाहता है’
अमेरिकी राष्ट्रपति का यह भी दावा है कि यूक्रेन और रूस एक-दूसरे के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला न करने पर सहमत हो गए हैं.
ट्रंप का दावा
ट्रंप ने सोमवार को कहा कि ईरान वाशिंगटन के साथ डील करना चाहता है. इससे कूटनीतिक बातचीत की संभावना के संकेत मिले हैं, क्योंकि पश्चिम एशिया में लड़ाई बढ़ रही है और इससे ग्लोबल ऑयल सप्लाई पर खतरा मंडरा रहा है.
ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा, ‘नाकाम हो रहा ईरान जल्द से जल्द डील करना चाहता है. मैं तय करूंगा कि अमेरिका इसमें शामिल होगा या नहीं – हम इसके लिए तैयार हैं.’
संघर्ष के फैलने का डर
उन्होंने यह बात तब कही जब खाड़ी के अरब देशों ने ईरान के साथ होने वाली एक तय बैठक टाल दी और यमन के ईरान-समर्थक हूथी विद्रोहियों ने सऊदी अरब पर नया हमला किया. इससे इस बात का डर बढ़ गया है कि यह संघर्ष पूरे इलाके में और फैल सकता है.
सऊदी के सरकारी मीडिया ने बताया कि क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने सोमवार को जेद्दा में अमेरिकी रीजनल कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर से मुलाकात की. तीन सूत्रों ने रॉयटर्स को बताया है कि वाशिंगटन ने अब तक सऊदी की उस मांग को नहीं माना है जिसमें इंटेलिजेंस सपोर्ट के अलावा सीधे मिलिट्री दखल की बात कही गई थी.
कीव-मॉस्को समझौते पर
ट्रंप ने यह भी कहा कि यूक्रेन और रूस एक-दूसरे के एनर्जी ठिकानों पर हमला न करने पर सहमत हो गए हैं, क्योंकि ऑयल रिफाइनरियों पर हमलों से डीजल की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं.
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, ‘यूक्रेन रूसी एनर्जी ठिकानों पर हमला न करने पर सहमत हो गया है. रूस भी ऐसा ही करने पर सहमत हुआ है.’ उन्होंने डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के लिए युद्ध के बजाय हमलों को जिम्मेदार ठहराया.