Oracle में फिर छंटनी की आहट, 10000 कर्मचारियों पर पड़ सकता है असर; इंडिया वर्कफोर्स पर भी नजर

Oracle में एक बार फिर बड़े पैमाने पर लेऑफ्स की आशंका है. रिपोर्ट के मुताबिक, दुनियाभर में 7,000 से 10,000 एम्प्लॉइज प्रभावित हो सकते हैं, जबकि इंडिया वर्कफोर्स पर भी असर पड़ने की आशंका है. कंपनी अलग-अलग टीम्स के बजट्स कम करने और कॉस्ट रिडक्शन पर काम कर रही है. संभावित लेऑफ्स सितंबर की शुरुआत या 15 सितंबर के आसपास हो सकते हैं.

ओरेकल Image Credit: Canva/ Money9

Oracle Layoffs: Oracle में एक बार फिर बड़े पैमाने पर लेऑफ्स की आशंका जताई जा रही है. टेक्नोलॉजी मेजर कंपनी की ओर से संभावित वर्कफोर्स रिडक्शन का असर भारत में काम करने वाले हजारों एम्प्लॉइज पर भी पड़ सकता है. घटनाक्रम से परिचित लोगों के मुताबिक, कंपनी अलग-अलग टीम्स में कॉस्ट रिडक्शन पर काम कर रही है और इस प्रक्रिया के तहत कई फंक्शंस में जॉब्स कम की जा सकती हैं. हालांकि, संभावित लेऑफ्स को लेकर Oracle की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है.

7,000 से 10,000 एम्प्लॉइज पर पड़ सकता है असर

मनीकंट्रोल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, संभावित लेऑफ्स से दुनियाभर में करीब 7,000 से 10,000 एम्प्लॉइज प्रभावित हो सकते हैं. हालांकि, यह संख्या आधिकारिक नहीं है और इसमें बदलाव संभव है. कंपनी की अलग-अलग टीम्स को अपने ओवरऑल बजट्स कम करने के लिए कहा गया है. इससे संकेत मिल रहा है कि संभावित जॉब कट्स किसी एक बिजनेस यूनिट या फंक्शन तक सीमित नहीं रहेंगे.

इस बार का वर्कफोर्स रिडक्शन किसी खास बिजनेस रिस्ट्रक्चरिंग के बजाय व्यापक बजट रिडक्शन एक्सरसाइज का हिस्सा बताया जा रहा है. यही वजह है कि एम्प्लॉइज के बीच यह स्पष्ट नहीं है कि किन टीम्स या फंक्शंस पर सबसे ज्यादा असर पड़ सकता है.

सितंबर की शुरुआत या 15 सितंबर को हो सकती है कार्रवाई

संभावित लेऑफ्स की टाइमिंग को लेकर भी अभी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है. एम्प्लॉइज को सितंबर की शुरुआत या मध्य में कार्रवाई की संभावना के बारे में बताया गया है. पहले 1 सितंबर को संभावित तारीख के तौर पर चर्चा की गई थी. हालांकि, हाल की चर्चाओं में 15 सितंबर को भी संभावित तारीख बताया जा रहा है.

टाइमिंग को लेकर बनी अनिश्चितता ने एम्प्लॉइज के बीच चिंता बढ़ा दी है. खासतौर पर सीनियर एम्प्लॉइज और ज्यादा सैलरी ब्रैकेट्स में आने वाले स्टाफ को संभावित वर्कफोर्स रिडक्शन को लेकर चिंता है.

12 महीनों में पहले ही 21,000 जॉब्स कम कर चुकी है कंपनी

Oracle पहले ही पिछले कुछ क्वार्टर्स के दौरान अपने वर्कफोर्स में बड़ी कटौती कर चुकी है. कंपनी ने आधिकारिक तौर पर बताया था कि 31 मई को समाप्त हुए 12 महीनों की अवधि में उसने 21,000 जॉब्स कम कीं. इसके बाद कंपनी की ग्लोबल वर्कफोर्स करीब 13% घटकर लगभग 1,41,000 एम्प्लॉइज रह गई.

हालांकि, एक्सटर्नल रिपोर्ट्स और एम्प्लॉई ट्रैकर्स के मुताबिक, Oracle में पिछले रिस्ट्रक्चरिंग एक्सरसाइजेज का कुल असर करीब 30,000 रोल्स तक पहुंच सकता है. ऐसे में नई संभावित लेऑफ्स की खबर ने कंपनी के एम्प्लॉइज के बीच चिंता और बढ़ा दी है.

एआई और क्लाउड में बढ़ रहा इन्वेस्टमेंट

Oracle एक तरफ क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में बड़े स्तर पर इन्वेस्टमेंट कर रही है, वहीं दूसरी तरफ कॉस्ट्स को नियंत्रित करने और बदलती बिजनेस प्रायरिटीज के अनुसार वर्कफोर्स को अलाइन करने की कोशिश कर रही है.

एआई और क्लाउड बिजनेस में बढ़ती कॉम्पिटिशन के बीच टेक्नोलॉजी कंपनियां अपने खर्च और वर्कफोर्स स्ट्रक्चर की लगातार समीक्षा कर रही हैं. Oracle भी इसी व्यापक इंडस्ट्री ट्रेंड के बीच अपनी अलग-अलग टीम्स के बजट्स की समीक्षा कर रही है.

इंडिया वर्कफोर्स पर क्यों पड़ सकता है बड़ा असर

Oracle के ग्लोबल वर्कफोर्स में इंडिया ऑपरेशंस की महत्वपूर्ण भूमिका है. भारत में कंपनी के बड़े इंजीनियरिंग, क्लाउड, सपोर्ट और अन्य टेक्नोलॉजी टीम्स मौजूद हैं. ऐसे में अगर कंपनी का वर्कफोर्स रिडक्शन व्यापक स्तर पर होता है, तो इसका असर इंडिया वर्कफोर्स पर भी पड़ सकता है.

हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि भारत में कितने एम्प्लॉइज संभावित लेऑफ्स से प्रभावित हो सकते हैं. कंपनी की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक संख्या भी जारी नहीं की गई है.

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