पेट्रोल-डीजल पर सरकार का बड़ा फैसला, विंडफॉल टैक्स और लेवी में कटौती; जानें पूरी डिटेल
केंद्र सरकार ने पेट्रोल, डीजल और ATF के एक्सपोर्ट पर विंडफॉल टैक्स और लेवी में कटौती की है. पेट्रोल एक्सपोर्ट पर टैक्स घटाकर 0.5 रुपये प्रति लीटर किया गया है, जबकि डीजल एक्सपोर्ट लेवी 20 रुपये और ATF एक्सपोर्ट लेवी 15 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है. नई दरें 16 सितंबर से लागू हैं.

Petrol Windfall Tax: केंद्र सरकार ने पेट्रोल, डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल यानी ATF के एक्सपोर्ट पर लगाए जाने वाले विंडफॉल टैक्स में कटौती की है. सरकार ने पेट्रोल एक्सपोर्ट पर विंडफॉल टैक्स को घटाकर 0.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया है. वहीं डीजल एक्सपोर्ट पर लेवी में 5 रुपये प्रति लीटर की कटौती की गई है. अब डीजल एक्सपोर्ट पर 20 रुपये प्रति लीटर लेवी देनी होगी. इसके अलावा ATF एक्सपोर्ट पर लेवी को भी 19 रुपये से घटाकर 15 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है.
पेट्रोल पर अब 0.5 रुपये प्रति लीटर विंडफॉल टैक्स
सरकार ने पेट्रोल एक्सपोर्ट पर विंडफॉल टैक्स में बड़ी कटौती की है. पहले एक्सपोर्ट किए जाने वाले पेट्रोल पर 1.5 रुपये प्रति लीटर की दर से लेवी लग रही थी. अब इसे घटाकर 0.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है. पेट्रोल पर लगने वाली पूरी 0.5 रुपये प्रति लीटर की लेवी स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी यानी SAED के तौर पर वसूली जाएगी.
इस कटौती से पेट्रोल एक्सपोर्ट करने वाली कंपनियों पर लगने वाला टैक्स बर्डन कम होगा. हालांकि, इसका कंपनियों की प्रॉफिटेबिलिटी पर कितना असर पड़ेगा, यह इंटरनेशनल क्रूड ऑयल प्राइसेज और ग्लोबल पेट्रोलियम प्रोडक्ट प्राइसेज समेत कई अन्य फैक्टर्स पर निर्भर करेगा.
डीजल एक्सपोर्ट पर 5 रुपये की कटौती
सरकार ने डीजल एक्सपोर्ट पर भी लेवी घटाई है. पहले डीजल पर 25 रुपये प्रति लीटर की लेवी लागू थी, जिसे अब 5 रुपये घटाकर 20 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है. इसके अलावा एविएशन टर्बाइन फ्यूल यानी ATF पर लगने वाली एक्सपोर्ट लेवी को भी कम किया गया है.
ATF पर पहले 19 रुपये प्रति लीटर की लेवी थी, जिसे घटाकर 15 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है. इस तरह पेट्रोल, डीजल और ATF तीनों पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स के एक्सपोर्ट पर लेवी में कटौती की गई है.
हर दो सप्ताह में होती है टैक्स की समीक्षा
पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स पर एक्सपोर्ट लेवी की दरों में यह बदलाव 27 मार्च 2026 से लागू व्यवस्था के तहत किया गया है. सरकार ने वेस्ट एशिया क्राइसिस के बीच डोमेस्टिक मार्केट में पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए इन लेवीज को लागू किया था.
सरकार इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड ऑयल, पेट्रोल, डीजल और ATF की एवरेज प्राइसेज को ध्यान में रखते हुए हर दो सप्ताह में एक्सपोर्ट लेवी की समीक्षा करती है. इससे ग्लोबल मार्केट में कीमतों में होने वाले बदलाव के आधार पर टैक्स रेट्स में भी बदलाव किया जा सके. इससे पहले इन लेवीज की समीक्षा 1 सितंबर को की गई थी. अब 16 सितंबर से नई दरें लागू की गई हैं.
क्रूड ऑयल की कीमतों में तेज उछाल
पिछले दो सप्ताह के दौरान इंटरनेशनल क्रूड ऑयल प्राइसेज में तेज बढ़ोतरी देखने को मिली है. मिडिल ईस्ट कॉन्फ्लिक्ट और सऊदी अरेबियन पाइपलाइन इंफ्रास्ट्रक्चर में आई डिसरप्शंस के कारण क्रूड ऑयल प्राइसेज पर दबाव बढ़ा है. गुरुवार को ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत करीब 105.81 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई. इंटरनेशनल क्रूड ऑयल मार्केट में इस तेजी का असर पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स की कीमतों और एक्सपोर्ट इकनॉमिक्स पर भी पड़ सकता है.
सरकार की ओर से विंडफॉल टैक्स और एक्सपोर्ट लेवीज में की गई ताजा कटौती ऐसे समय में हुई है, जब ग्लोबल ऑयल मार्केट में जियोपॉलिटिकल टेंशंस के कारण कीमतों में काफी वोलैटिलिटी देखने को मिल रही है.
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