पेट्रोल-डीजल-LPG पर जनता ने बता दिया अपना मूड… मोदी के 7 फॉर्मूलों में कितना दम? सर्वे में बता दी अपनी प्लानिंग

हाल ही में प्रधानमंत्री Narendra Modi ने लोगों से पेट्रोल-डीजल, सोना, खाने का तेल और खाद का इस्तेमाल सोच-समझकर करने की अपील की थी. इसी बीच एक बड़ा सर्वे सामने आया है, जिसमें लोगों से बढ़ती LPG और पेट्रोल कीमतों को लेकर सवाल पूछे गए. Local circle के सर्वे से पता चला है कि अगर आने वाले समय में ईंधन महंगा होता है, तो बड़ी संख्या में लोग अपने खर्चों में कटौती करने को मजबूर होंगे. स

सर्वे Image Credit: Canva/Money9 live

Use of Petrol-Diesel: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को चिंता में डाल दिया है. इसका असर अब भारत के आम लोगों की जेब पर भी पड़ता दिख रहा है. हाल ही में प्रधानमंत्री Narendra Modi ने लोगों से पेट्रोल-डीजल, सोना, खाने का तेल और खाद का इस्तेमाल सोच-समझकर करने की अपील की थी. इसी बीच एक बड़ा सर्वे सामने आया है, जिसमें लोगों से बढ़ती LPG और पेट्रोल कीमतों को लेकर सवाल पूछे गए.

Local circle के सर्वे से पता चला है कि अगर आने वाले समय में ईंधन महंगा होता है, तो बड़ी संख्या में लोग अपने खर्चों में कटौती करने को मजबूर होंगे. सर्वे के मुताबिक, हर 2 में से 1 परिवार LPG का इस्तेमाल कम कर सकता है, जबकि 10 में से 8 परिवार गैर-जरूरी यात्रा घटाने की तैयारी में हैं. ऐसे में आइए इस पूरी सर्वे के बारे में विस्तार से जानते है.

क्यों बढ़ रही है चिंता

West Asia दुनिया के बड़े तेल उत्पादक क्षेत्रों में शामिल है. तनाव के चलते कच्चे तेल की सप्लाई और शिपिंग पर असर दिख रहा है. भारत अपनी जरूरत का 80 प्रतिशत से ज्यादा कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है. ऐसे में तेल महंगा होने का सीधा असर भारत पर पड़ता है. हाल ही में 19 किलो वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत में करीब ₹993 की बढ़ोतरी हुई है.

PM मोदी ने इन 7 चीजों में कटौती की दी सलाह

PM मोदी की 7 अपीलक्या कहा गया
1. Work From Home को बढ़ावाजहां संभव हो, घर से काम करें
2. सोना खरीदने से बचेंएक साल तक गैर-जरूरी गोल्ड खरीदारी टालें
3. पेट्रोल-डीजल की खपत कम करेंमेट्रो और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का ज्यादा इस्तेमाल करें
4. खाने के तेल का इस्तेमाल घटाएंCooking Oil का सीमित इस्तेमाल करें
5. केमिकल खाद पर निर्भरता कम करेंप्राकृतिक खेती की तरफ बढ़ें
6. विदेशी ब्रांड्स का कम इस्तेमाल करेंस्वदेशी प्रोडक्ट्स अपनाएं
7. विदेश यात्रा से बचेंएक साल तक गैर-जरूरी Foreign Travel टालें

लोग क्या करने की सोच रहे हैं

  • LocalCircles के सर्वे में देश के 333 जिलों से 43 हजार से ज्यादा लोगों ने हिस्सा लिया.
  • सर्वे के मुताबिक, 48 प्रतिशत परिवार LPG के विकल्प जैसे इंडक्शन, इलेक्ट्रिक स्टोव या PNG की तरफ जाने की सोच रहे हैं.
  • वहीं 40 प्रतिशत लोग खाना बनाने के तरीके और समय में बदलाव करके गैस की खपत कम करना चाहते हैं.
  • कुछ लोग दूसरे घरेलू खर्चों में कटौती करने की भी तैयारी कर रहे हैं.
LPG महंगा हुआ तो लोग क्या करेंगे?प्रतिशत
गैस महंगी होने के बाद भी पहले जैसा इस्तेमाल जारी रखेंगे44%
गैस का इस्तेमाल कम करेंगे40%
इंडक्शन, इलेक्ट्रिक स्टोव या PNG जैसे विकल्प अपनाएंगे48%
छोटे सिलेंडर या शेयर करके इस्तेमाल करेंगे5%
दूसरे घरेलू खर्च कम करेंगे15%
सरकारी सब्सिडी या योजना का सहारा लेंगे5%
बाहर का खाना या टिफिन ज्यादा इस्तेमाल करेंगे2%
नोट: सैंपल साइज-22038 (सोर्स: Local Circle)

पेट्रोल महंगा हुआ तो लोग क्या करेंगे

  • सर्वे में लोगों से पेट्रोल कीमत बढ़ने पर उनकी योजना भी पूछी गई.
  • करीब 78 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वे गैर-जरूरी यात्रा कम कर देंगे.
  • 35 प्रतिशत लोग पब्लिक ट्रांसपोर्ट जैसे मेट्रो, बस और ट्रेन का इस्तेमाल बढ़ाने की सोच रहे हैं.
  • वहीं 15 प्रतिशत लोग कार-पूलिंग अपनाने की बात कर रहे हैं.
  • कुछ लोग भविष्य में इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर भी विचार कर रहे हैं.
पेट्रोल महंगा हुआ तो लोग क्या करेंगे?प्रतिशत
महंगा होने के बाद भी पहले जैसा वाहन इस्तेमाल करेंगे27%
गैर-जरूरी यात्रा कम करेंगे78%
मेट्रो, बस और ट्रेन जैसे पब्लिक ट्रांसपोर्ट अपनाएंगे35%
कार-पूलिंग या राइड शेयरिंग बढ़ाएंगे15%
ज्यादा माइलेज वाले वाहन या टू-व्हीलर अपनाएंगे8%
भविष्य में इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर विचार करेंगे20%
अपनी गाड़ी की जगह ऐप बेस्ड टैक्सी इस्तेमाल करेंगे8%
ईंधन खर्च संभालने के लिए दूसरे खर्च कम करेंगे18%
नोट: सैंपल साइज-21248 (सोर्स: Local Circle)

महंगाई का असर हर चीज पर

ईंधन महंगा होने का असर सिर्फ पेट्रोल पंप तक सीमित नहीं रहता. जब डीजल और LPG महंगे होते हैं, तो ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ता है. इससे सब्जियां, राशन, खाना और रोजमर्रा की कई चीजें महंगी हो जाती हैं. रेस्टोरेंट और छोटे कारोबार भी कीमतें बढ़ाने को मजबूर हो जाते हैं.

सरकार के लिए भी बड़ी चुनौती

अगर ईंधन की कीमतों में 5 से 10 प्रतिशत तक भी बढ़ोतरी होती है, तो इसका असर सीधे आम लोगों के घरेलू बजट पर पड़ेगा.
इसी वजह से सरकार पर कीमतों को नियंत्रित रखने का दबाव भी बढ़ रहा है. ईरान-अमेरिका तनाव का असर अब सिर्फ अंतरराष्ट्रीय राजनीति तक सीमित नहीं रहा, बल्कि भारतीय परिवारों की रसोई और रोजमर्रा के खर्च तक पहुंच चुका है.

नोट: Local Circle का यह सर्वे 5 मई 2026 को जारी किया गया है. जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अपील से पहला किया गया है.

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