अगर लोगों ने मान ली मोदी की बात… तो बच सकते हैं लाखों करोड़, सिर्फ 4 चीजों पर देश खर्च कर रहा ₹22.79 लाख करोड़

भारत हर साल सिर्फ चार चीजों को विदेश से खरीदने में लाखों करोड़ रुपए खर्च कर देता है. यही वजह है कि प्रधानमंत्री Modi ने हाल ही में लोगों से इन चीजों का इस्तेमाल सोच-समझकर करने की अपील की. अगर लोग पेट्रोल-डीजल की खपत कम करें, जरूरत से ज्यादा सोना खरीदना टालें और खाने के तेल का सीमित इस्तेमाल करें. ऐसे में आइए जानते है कि अगर लोगों ने मोदी की बात मान ली तो कितने रुपए बच सकते है.

4 चीजों पर देश खर्च कर रहा भारी रकम Image Credit: Canva/Money9 live/AI

Petrol, Diesel, Gold, Edible Oil, and Fertilizers Import: क्या आप जानते हैं कि भारत हर साल सिर्फ चार चीजों को विदेश से खरीदने में लाखों करोड़ रुपए खर्च कर देता है? पेट्रोल-डीजल, सोना, खाने का तेल और खाद. यही वजह है कि प्रधानमंत्री Modi ने हाल ही में लोगों से इन चीजों का इस्तेमाल सोच-समझकर करने की अपील की. अगर लोग पेट्रोल-डीजल की खपत कम करें, जरूरत से ज्यादा सोना खरीदना टालें और खाने के तेल का सीमित इस्तेमाल करें.

आंकड़ों के मुताबिक, FY26 में भारत ने इन चार चीजों (पेट्रोल-डीजल, सोना, खाने का तेल और खाद) के आयात पर करीब 240.7 अरब डॉलर यानी लगभग ₹20 लाख करोड़ से ज्यादा खर्च किए. यह भारत के कुल आयात बिल का करीब 31 प्रतिशत है. यानी हर 3 रुपए में से 1 रुपया सिर्फ इन चार चीजों पर खर्च हो रहा है. ऐसे में आइए जानते है कि अगर लोगों ने मोदी की बात मान ली तो कितने रुपए बच सकते है.

सबसे ज्यादा खर्च कच्चे तेल पर

भारत ने FY26 में कच्चे तेल के आयात पर करीब 134.7 अरब डॉलर खर्च किए. यह देश के कुल आयात का सबसे बड़ा हिस्सा रहा. प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों से पेट्रोल और डीजल का कम इस्तेमाल करने, पब्लिक ट्रांसपोर्ट अपनाने और कार-पूलिंग बढ़ाने की अपील की है. इसके अलावा माल ढुलाई को सड़क की जगह रेलवे के जरिए बढ़ाने की भी बात कही गई है.

सोर्स: My Gov.in

सोने का आयात रिकॉर्ड स्तर पर

भारत में सोने की खरीदारी लगातार बढ़ रही है. FY26 में देश का गोल्ड इंपोर्ट बढ़कर रिकॉर्ड 72 अरब डॉलर तक पहुंच गया. यह पिछले साल के मुकाबले करीब 24 प्रतिशत ज्यादा है. प्रधानमंत्री ने लोगों से गैर-जरूरी गोल्ड खरीदारी कुछ समय के लिए टालने की अपील की है.

खाने का तेल और खाद भी बढ़ा रहे दबाव

भारत ने FY26 में वेजिटेबल ऑयल आयात पर करीब 19.5 अरब डॉलर खर्च किए. वहीं खाद आयात पर 14.5 अरब डॉलर खर्च हुए. प्रधानमंत्री मोदी ने किसानों से केमिकल खाद का इस्तेमाल कम करने और सोलर पंप अपनाने की बात कही है. साथ ही लोगों से खाने के तेल का सीमित इस्तेमाल करने की अपील भी की गई है.

आखिर कितनी हो सकती है बचत

अगर लोग प्रधानमंत्री मोदी की बात मान लेते हैं ऐसे में भारत का आयात बिल काफी हद तक कम हो सकता है.

  • FY26 में भारत ने सिर्फ इन चार चीजों (कच्चा तेल, सोना, वेजिटेबल ऑयल और खाद) के आयात पर करीब 240.7 अरब डॉलर यानी लगभग ₹20 लाख करोड़ खर्च किए.
  • इसमें सबसे बड़ा हिस्सा कच्चे तेल का रहा, जिस पर ₹11 लाख करोड़ से ज्यादा खर्च हुए.
  • वहीं सोने के आयात पर करीब ₹6 लाख करोड़, खाने के तेल पर करीब ₹1.6 लाख करोड़ और खाद पर लगभग ₹1.2 लाख करोड़ खर्च हुए.
  • अगर देश इन चार कैटेगरी में सिर्फ 10 प्रतिशत आयात भी कम कर दे, तो करीब ₹2 लाख करोड़ की बचत हो सकती है.
  • वहीं 20 प्रतिशत कमी आने पर यह बचत ₹4 लाख करोड़ से ज्यादा पहुंच सकती है.
इनकी मदद से बनाया गया: Napkin AI, Data Wrapper, ChatGPT, Canva

पश्चिम एशिया संकट से बढ़ी चिंता

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव की वजह से कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं. अप्रैल में भारत का औसत क्रूड ऑयल प्राइस 114 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था. इससे भारत का आयात बिल और ज्यादा बढ़ गया है. अगर लोग थोड़े-थोड़े बदलाव भी करते हैं, तो इससे देश की विदेशी मुद्रा बचाने में बड़ी मदद मिल सकती है. साथ ही भारत की आर्थिक मजबूती भी बढ़ सकती है.

यह भी पढ़ें- न्यूक्लियर एनर्जी सेक्टर में इस सरकारी कंपनी की एंट्री, फ्रांस की कंपनी के साथ मिलाया हाथ; क्या शेयर बनेंगे अगले मल्टीबैगर?