न्यूक्लियर एनर्जी सेक्टर में इस सरकारी कंपनी की एंट्री, फ्रांस की कंपनी के साथ मिलाया हाथ; क्या शेयर बनेंगे अगले मल्टीबैगर?
भारत में न्यूक्लियर एनर्जी को लेकर नई तैयारी शुरू हो गई है. सरकारी कंपनी NLC India Limited ने फ्रांस की कंपनी Électricité de France के साथ साझेदारी कर न्यूक्लियर पावर सेक्टर में कदम रखा है. इस फैसले को कंपनी के बड़े रणनीतिक बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है, जिससे आने वाले समय में शेयरों पर भी बड़ा असर पड़ सकता है.
NLC India : भारत में बिजली की बढ़ती मांग और ग्रीन एनर्जी की जरूरत के बीच अब न्यूक्लियर पावर को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है. सोलर और विंड एनर्जी तेजी से बढ़ रही हैं, लेकिन इनके साथ सबसे बड़ी चुनौती लगातार बिजली सप्लाई की रहती है. ऐसे में न्यूक्लियर एनर्जी को भरोसेमंद पावर के तौर पर देखा जा रहा है. इसी दिशा में अब सरकारी कंपनी NLC India Limited ने बड़ा कदम उठाया है, जिसने निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है.
EDF के साथ साझेदारी से खुला नया रास्ता
NLC इंडिया ने फ्रांस की सरकारी बिजली कंपनी Électricité de France (EDF) के साथ मिलकर भारत में न्यूक्लियर पावर प्रोजेक्ट्स पर काम करने का फैसला किया है. इस साझेदारी के तहत एडवांस टेक्नोलॉजी वाले European Pressurised Reactors (EPRs) और Small Modular Reactors (SMRs) पर फोकस किया जाएगा. माना जा रहा है कि ये तकनीक भविष्य में सुरक्षित और ज्यादा न्यूक्लियर पावर उत्पादन में मदद कर सकती हैं.
इग्नाइट से क्लीन एनर्जी की ओर बढ़ रहा NLC
अब तक NLC इंडिया की पहचान इग्नाइट (Ignite) माइनिंग और थर्मल पावर कंपनी के रूप में रही है. लेकिन कंपनी धीरे-धीरे अपने बिजनेस मॉडल को बदल रही है. रिन्यूएबल एनर्जी के बाद अब न्यूक्लियर सेक्टर में एंट्री यह दिखाती है कि कंपनी भविष्य की ऊर्जा जरूरतों के हिसाब से खुद को तैयार कर रही है. इससे लंबे समय में कंपनी की बाजार में नई पहचान बन सकती है.
न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी से क्या होगा फायदा?
EPR और SMR जैसी तकनीकों को न्यूक्लियर सेक्टर का भविष्य माना जा रहा है. EPR रिएक्टर ज्यादा सुरक्षा और अधिक बिजली उत्पादन क्षमता के लिए जाने जाते हैं. वहीं SMR छोटे और मॉड्यूलर रिएक्टर होते हैं, जिन्हें तेजी से लगाया जा सकता है. इससे प्रोजेक्ट लागत और समय दोनों कम हो सकते हैं. अगर भारत में इन तकनीकों का सफल इस्तेमाल होता है, तो बिजली सेक्टर में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है.
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हालांकि, न्यूक्लियर पावर में अवसर बड़े हैं, लेकिन चुनौतियां भी कम नहीं हैं. इस तरह के प्रोजेक्ट्स में भारी निवेश, लंबी सरकारी मंजूरी और कई रेगुलेटरी प्रक्रियाएं शामिल होती हैं. NLC इंडिया पहले से बड़े कैपेक्स प्लान पर काम कर रही है, जिसमें कर्ज का इस्तेमाल भी बढ़ सकता है. ऐसे में प्रोजेक्ट्स के समय पर पूरे होने और लागत नियंत्रण पर नजर रखना जरूरी होगा.
शेयर में तेजी, निवेशकों की नजर भविष्य पर
NLC इंडिया का मार्केट कैप करीब ₹45,482 करोड़ है और शेयर फिलहाल ₹329 के आसपास कारोबार कर रहा है. पिछले एक महीने में स्टॉक ने करीब 21% का रिटर्न दिया है, जबकि 5 साल में इसमें 538% (10 मई तक) से ज्यादा की तेजी आ चुकी है. कंपनी का FY25 में रेवेन्यू बढ़कर ₹16,879 करोड़ पहुंच गया, जबकि नेट प्रॉफिट ₹2,713 करोड़ रहा. अब निवेशकों की नजर इस बात पर है कि क्या न्यूक्लियर सेक्टर में यह एंट्री कंपनी को लंबे समय का बड़ा ग्रोथ प्लेयर बना पाएगी.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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