स्मार्टफोन से लेकर सेमीकंडक्टर बूम तक, रेयर अर्थ थीम पर दौड़ सकते हैं ये 3 शेयर; निवेशक रखें रडार पर

भारत समेत दुनिया भर में रेयर अर्थ एलिमेंट्स की मांग तेजी से बढ़ रही है. इलेक्ट्रिक व्हीकल, स्मार्टफोन, सेमीकंडक्टर, डिफेंस सिस्टम और एडवांस बैटरी सेक्टर में बढ़ते इस्तेमाल से इस थीम पर निवेशकों की नजर है. चीन पर निर्भरता कम करने की कोशिशों के बीच NLC India, GMDC और Eco Recycling जैसे शेयर चर्चा में हैं.

रेयर अर्थ स्टॉक Image Credit: CANVA

Rare Rarth Stocks India: भारत समेत दुनिया भर में रेयर अर्थ एलिमेंट्स की मांग तेजी से बढ़ रही है. इलेक्ट्रिक व्हीकल, विंड टर्बाइन, स्मार्टफोन, डिफेंस सिस्टम, सेमीकंडक्टर और एडवांस बैटरी जैसे क्षेत्रों में इनका इस्तेमाल बढ़ने से इस सेक्टर पर निवेशकों की नजर टिक गई है. चीन की सप्लाई चेन पर निर्भरता कम करने की वैश्विक कोशिशों के बीच भारतीय कंपनियों के लिए भी बड़ा मौका बन रहा है. फिलहाल भारत में कोई मुख्य रूप से रेयर अर्थ पर केंद्रित लिस्टेड कंपनी नहीं है, लेकिन कुछ कंपनियां इस क्षेत्र में अवसर तलाश रही हैं. ऐसे में तीन ऐसे शेयर चर्चा में हैं, जिन पर निवेशक नजर रख सकते हैं.

NLC India

इस सूची में पहला नाम NLC India का है. कंपनी की मुख्य ताकत लिग्नाइट माइनिंग और पावर जेनरेशन में है. कंपनी तमिलनाडु के नेवेली और राजस्थान के बारसिंगसर में बड़े प्रोजेक्ट्स संचालित करती है. पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी ने माली (पश्चिम अफ्रीका) में लिथियम ब्लॉक्स और कांगो में कॉपर तथा कोबाल्ट माइंस को लेकर शुरुआती बातचीत शुरू की है.

कंपनी मैनेजमेंट ने संकेत दिया है कि उसे क्रिटिकल मिनरल्स और रेयर अर्थ एलिमेंट्स की दिशा में आक्रामक रूप से अवसर तलाशने को कहा गया है. हाल ही में कंपनी ने गुजरात सरकार के साथ रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स को लेकर भी समझौता किया है. शुक्रवार को कंपनी का शेयर 0.97 फीसदी बढ़कर 300.65 रुपये पर पहुंच गया है. बीते एक सप्ताह में इसमें 13.81 फीसदी की तेजी आई है.

GMDC

दूसरा बड़ा नाम GMDC है, जो भारत की दूसरी सबसे बड़ी लिग्नाइट उत्पादक कंपनी मानी जाती है. कंपनी गुजरात में खनन गतिविधियों के लिए जानी जाती है. GMDC ने हाल ही में NMDC के साथ रेयर अर्थ एलिमेंट्स सेक्टर में सहयोग के लिए एमओयू किया है.

इस साझेदारी का मकसद गुजरात में रेयर अर्थ वैल्यू चेन विकसित करना है, जिसमें एक्सप्लोरेशन, माइनिंग, प्रोसेसिंग और डाउनस्ट्रीम एप्लिकेशंस शामिल हैं. कंपनी भविष्य में राष्ट्रीय स्तर पर क्रिटिकल मिनरल्स प्लेयर बनने की दिशा में काम कर रही है. शुक्रवार को कंपनी का शेयर 1.32 फीसदी गिरकर 736.90 रुपये पर पहुंच गया है, जबकि बीते एक सप्ताह में इसमें 21.95 फीसदी की तेजी आई है.

Eco Recycling

तीसरा नाम Eco Recycling का है, जो ई-वेस्ट और लिथियम-आयन बैटरी वेस्ट मैनेजमेंट सेक्टर में काम करती है. कंपनी प्रिंटेड सर्किट बोर्ड्स, हार्ड ड्राइव्स और लिथियम-आयन बैटरियों से कोबाल्ट, निकेल और मैंगनीज जैसे कीमती धातुओं की रिकवरी पर काम कर रही है. हार्ड डिस्क ड्राइव्स में रेयर अर्थ एलिमेंट्स पाए जाते हैं, इसलिए कंपनी को इस सेक्टर से लाभ मिल सकता है.

कंपनी ने हाल ही में वसई में नई रीसाइक्लिंग फैसिलिटी शुरू की है, जिससे उसकी कुल क्षमता बढ़ी है. कंपनी वैल्यू-ऐडेड सेगमेंट्स जैसे प्रेशियस मेटल रिकवरी और आईटी एसेट डिस्पोजिशन पर भी फोकस कर रही है. शुक्रवार को कंपनी का शेयर 0.29 फीसदी गिरकर 398.75 रुपये पर पहुंच गया है, जबकि बीते एक सप्ताह में इसमें 2.31 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है.

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