जिसे खत्म मान बैठे थे निवेशक, वही शेयर बना रॉकेट! एक साल में दिया 468% का मल्टीबैगर रिटर्न; रखें नजर

Take Solutions ने भारतीय शेयर बाजार में शानदार वापसी कर निवेशकों को चौंका दिया है. कभी 6.5 रुपये तक गिरा यह शेयर अब पिछले 12 महीनों में 468 फीसदी रिटर्न देकर मल्टीबैगर बन गया है. कंपनी की एआई स्ट्रैटेजी, कर्ज में भारी कमी, बिजनेस रिस्ट्रक्चरिंग और एंटी-एजिंग सेक्टर में एंट्री को तेजी की बड़ी वजह माना जा रहा है.

मल्टीबैगर रिटर्न Image Credit: money9live.com

Take Solutions Share: भारतीय शेयर बाजार में जहां एक तरफ ग्लोबल अनिश्चितता, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और उतार-चढ़ाव का दौर जारी है, वहीं एक स्मॉल कैप स्टॉक ने निवेशकों को चौंका दिया है. कभी सिर्फ 6.5 रुपये तक टूट चुका Take Solutions अब जोरदार वापसी कर मल्टीबैगर स्टॉक बन गया है. पिछले 12 महीनों में इस शेयर ने करीब 468 फीसदी रिटर्न देकर बाजार में नई चर्चा छेड़ दी है. कंपनी की एआई स्ट्रैटेजी और बिजनेस बदलाव को इसकी तेज रैली की बड़ी वजह माना जा रहा है.

250 रुपये से 6.5 रुपये तक टूट गया था शेयर

Take Solutions कभी 2018 में करीब 250 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहा था. लेकिन बढ़ते कर्ज, कमजोर बैलेंस शीट, बिजनेस दबाव और एसेट सेल्स के चलते कंपनी पर संकट गहराता गया. हालात इतने बिगड़े कि अप्रैल 2025 तक यह शेयर गिरकर अपने लाइफटाइम लो 6.5 रुपये पर पहुंच गया. कई निवेशकों ने इसे खत्म हो चुकी कहानी मान लिया था, लेकिन अगले ही एक साल में कंपनी ने वापसी का ऐसा अध्याय लिखा, जिसने बाजार को हैरान कर दिया.

468 फीसदी रिटर्न से बना चर्चा का केंद्र

अप्रैल 2026 तक आते-आते Take Solutions ने शानदार तेजी दिखाई. नवंबर 2025 के बाद शेयर में लगातार अपर सर्किट देखने को मिले और भारी ट्रेडिंग वॉल्यूम के साथ स्टॉक ने तेज छलांग लगाई. पिछले एक साल में 468 फीसदी रिटर्न ने इसे भारतीय बाजार के सबसे बड़े मल्टीबैगर स्टॉक्स में शामिल कर दिया है.

कैसे बदली कंपनी की किस्मत?

कंपनी की वापसी के पीछे सबसे बड़ी वजह रिस्ट्रक्चरिंग मानी जा रही है. कंपनी ने अपने कुछ प्रमुख कारोबार और सब्सिडियरी को बेचा, जिससे कर्ज कम करने में मदद मिली. मार्च 2020 में कंपनी पर करीब 2,400 करोड़ रुपये का कर्ज था, जो सितंबर 2025 तक घटकर सिर्फ 35 करोड़ रुपये रह गया. इससे बैलेंस शीट मजबूत हुई और निवेशकों का भरोसा लौटने लगा.

AI पिवट बना गेमचेंजर

Take Solutions ने क्लिनिकल रिसर्च, लाइफ साइंसेज, हेल्थकेयर और कंज्यूमर वेलनेस जैसे क्षेत्रों में एआई-लेड सॉल्यूशंस पर फोकस बढ़ाया. कंपनी ने बदलते समय के साथ तकनीक आधारित सर्विस की ओर रुख किया, जिसे बाजार ने सकारात्मक संकेत माना. एआई आधारित बिजनेस मॉडल ने कंपनी को फिर से ग्रोथ स्टोरी में बदलने में अहम भूमिका निभाई.

अब एंटी-एजिंग सेक्टर में एंट्री

कंपनी ने अब एक और बड़ा दांव खेला है. Take Solutions ने घोषणा की है कि वह एंटी-एजिंग और लॉन्गेविटी सेक्टर में कदम रखेगी. इसके तहत कंपनी साइंस-बैक्ड न्यूट्रास्यूटिकल्स, बायोहैकिंग सॉल्यूशंस और टेक्नोलॉजी-इनेबल्ड प्रिवेंटिव हेल्थकेयर प्रोडक्ट्स विकसित करने की योजना बना रही है.

बड़ा बाजार, बड़ा मौका

एनडीटीवी प्रॉफिट की रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत का प्रिवेंटिव हेल्थकेयर मार्केट करीब 197 बिलियन डॉलर का है, जबकि वैश्विक बाजार अगले दशक में तेजी से बढ़ सकता है. लाइफस्टाइल डिजीज, हेल्थ अवेयरनेस और डिजिटल अडॉप्शन इस सेक्टर को आगे बढ़ा रहे हैं.

कैसा है शेयर का हाल

कंपनी का शेयर शुक्रवार को 1.99 फीसदी बढ़कर 49.16 रुपये पर पहुंच गया. पिछले एक सप्ताह में इसके शेयर में 5.99 फीसदी की तेजी आई है, जबकि बीते एक महीने में यह 28.96 फीसदी चढ़ चुका है. कंपनी का मार्केट कैप 724 करोड़ रुपये है.

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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.