Reliance’s entry into AI! 7 साल में ₹10 लाख करोड़ का निवेश, भारत बनेगा AI हब? क्या है भविष्य का रोडमैप?
रिलायंस इंडस्ट्रीज और जियो की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेक्टर में एंट्री को भारत के टेक भविष्य के लिए बड़ा कदम माना जा रहा है. कंपनी द्वारा अगले सात वर्षों में ₹10 लाख करोड़ के निवेश की योजना ने AI इंडस्ट्री को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है. यह निवेश डेटा सेंटर, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और ग्रीन एनर्जी आधारित तकनीकों पर केंद्रित रहने की उम्मीद है. AI को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह नौकरियां कम करेगा या नए अवसर पैदा करेगा. इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का मानना है कि सही रणनीति के साथ AI रोजगार सृजन का बड़ा माध्यम बन सकता है. रिलायंस का फोकस बड़े पैमाने पर डेटा प्रोसेसिंग, क्लाउड और लोकलाइज्ड AI सॉल्यूशंस पर दिख रहा है.
जामनगर में ग्रीन एनर्जी से संचालित डेटा सेंटर की योजना को AI इंफ्रास्ट्रक्चर के लिहाज से गेम-चेंजर माना जा रहा है. वहीं ‘डेटा सॉवरेनिटी’ पर बढ़ती चर्चा भारत के डिजिटल नियंत्रण को मजबूत करने से जुड़ी है. जियो AI भारत जैसे इनिशिएटिव्स का लक्ष्य AI को भारतीय भाषाओं में आम लोगों तक पहुंचाना हो सकता है.