रुपया 34 पैसे टूटा, 96.59 प्रति डॉलर पर हुआ बंद, कच्चे तेल और तनाव का दिखा असर

भारतीय रुपया बुधवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 34 पैसे गिरकर 96.59 प्रति डॉलर पर बंद हुआ. कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और घरेलू शेयर बाजार की कमजोरी से रुपये पर दबाव बना.

भारतीय रुपया और डॉलर Image Credit: Canva

Rupee US Dollar: भारतीय रुपया बुधवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 34 पैसे कमजोर होकर 96.59 प्रति डॉलर पर बंद हुआ. कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने रुपये पर दबाव बनाया. हालांकि विदेशी संस्थागत निवेशकों ने शेयर बाजार में खरीदारी की, लेकिन इससे रुपये को ज्यादा सहारा नहीं मिला. जानकारों का कहना है कि आने वाले दिनों में डॉलर और कच्चे तेल की चाल रुपये की दिशा तय करेगी.

कच्चे तेल की तेजी से बढ़ा दबाव

बाजार जानकारों के अनुसार ब्रेंट क्रूड की कीमत 4.30 फीसदी बढ़कर 94.92 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई. लाल सागर और होर्मुज स्ट्रेट में तेल सप्लाी को लेकर चिंता बनी हुई है. अमेरिका और ईरान के बीच तनाव ने भी तेल बाजार को प्रभावित किया है. कच्चे तेल की महंगाई का सीधा असर रुपये पर देखने को मिला.

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शेयर बाजार में भारी गिरावट

घरेलू शेयर बाजार में भी बुधवार को तेज बिकवाली देखने को मिली. सेंसेक्स 715.06 अंक गिरकर 76755.05 पर बंद हुआ. वहीं निफ्टी 191.45 अंक टूटकर 23996.25 पर पहुंच गया. शेयर बाजार में कमजोरी का असर भी रुपये पर पड़ा.

एफआईआई की खरीदारी से मिली सीमित राहत

एक्सचेंज के आंकडों के अनुसार विदेशी संस्थागत निवेशकों ने मंगलवार को 1650.16 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे. इसके बावजूद रुपये में मजबूती नहीं आ सकी. जानकारों का कहना है कि फिलहाल कच्चे तेल और वैश्विक घटनाक्रम का असर विदेशी निवेश से ज्यादा दिखाई दे रहा है. यदि हालात सामान्य होते हैं तो रुपये को कुछ राहत मिल सकती है.