Rupee Rate: 95.95 पर फिसला रुपया, मजबूत डॉलर और महंगे तेल का दिखा असर

रुपये में गिरावट का दौर लगातार सातवें कारोबारी सत्र में जारी रहा. बुधवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 7 पैसे कमजोर होकर 95.95 के स्तर पर बंद हुआ. मजबूत डॉलर, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और महंगे कच्चे तेल ने रुपये पर दबाव बनाया. हालांकि घरेलू शेयर बाजार में तेजी से गिरावट कुछ सीमित रही.

रुपया लगातार सातवें कारोबारी सत्र में 7 पैसे कमजोर होकर 95.95 पर बंद हुआ. Image Credit: CANVA

रुपये में गिरावट का दौर लगातार सातवें कारोबारी सत्र में भी जारी रहा. बुधवार को भारतीय मुद्रा अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 7 पैसे कमजोर होकर 95.95 के स्तर पर बंद हुई. रुपये पर मजबूत डॉलर और विदेशी निवेशकों की बिकवाली का दबाव रहा. हालांकि घरेलू शेयर बाजार में तेजी से रुपये की गिरावट कुछ हद तक सीमित रही. इस बीच कच्चे तेल की ऊंची कीमत भी रुपये के लिए दबाव का कारण बनी हुई है. अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दर फैसले से पहले बाजार में डॉलर की मजबूती भी देखने को मिली.

रुपया 95.95 पर बंद

इंटरबैंक फॉरेन एक्सचेंज मार्केट में रुपया 95.89 के स्तर पर खुला. कारोबार के दौरान यह 95.85 से 95.98 के बीच रहा. कारोबार के अंत में रुपया 7 पैसे की गिरावट के साथ 95.95 के स्तर पर बंद हुआ. मंगलवार को रुपया 34 पैसे कमजोर होकर 95.88 पर बंद हुआ था. इससे पहले 4 सितंबर को रुपया 94.43 के स्तर पर था.

सात सत्र से रुपये पर दबाव

रुपये में लगातार सातवें कारोबारी सत्र में गिरावट दर्ज की गई है. 4 सितंबर के 94.43 के स्तर से देखें तो भारतीय मुद्रा पर लगातार दबाव बना हुआ है. पिछले पांच सत्रों में रुपया 113 पैसे यानी 1 फीसदी से ज्यादा कमजोर हुआ था. विदेशी फंड की निकासी और मजबूत डॉलर ने रुपये पर दबाव बढ़ाया है. हालांकि घरेलू शेयर बाजार में तेजी से गिरावट कुछ हद तक सीमित रही.

मजबूत डॉलर और फेड फैसले का असर

फेडरल रिजर्व के फैसले से पहले डॉलर में मजबूती का असर रुपये पर पड़ा. अमेरिकी फेड की मौद्रिक नीति का फैसला बुधवार को आने वाला था. ब्याज दर में बदलाव की बाजार की उम्मीदों के बीच डॉलर मजबूत हुआ. डॉलर इंडेक्स 0.04 फीसदी की बढ़त के साथ 99.38 पर कारोबार कर रहा था.

महंगा कच्चा तेल भी बना दबाव

रुपये के लिए महंगा कच्चा तेल भी चिंता का कारण बना हुआ है. Brent crude वायदा 1.14 फीसदी नीचे आकर 107.51 डॉलर प्रति बैरल पर था. इसके बावजूद तेल की कीमत ऊंचे स्तर पर बनी हुई है. कच्चे तेल की ऊंची कीमत से आयातकों की डॉलर की मांग बढ़ सकती है. इससे रुपये पर दबाव पड़ता है और भारतीय मुद्रा कमजोर हो सकती है.

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विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी

घरेलू शेयर बाजार में बुधवार को तेजी देखने को मिली. Sensex 332.63 अंक यानी 0.45 फीसदी बढ़कर 74336.45 पर बंद हुआ. Nifty 99 अंक यानी 0.43 फीसदी की बढ़त के साथ 23217.60 पर पहुंच गया. इसके बावजूद विदेशी संस्थागत निवेशकों ने मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार से 2977.86 करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी की. विदेशी फंड की लगातार बिकवाली भी रुपये पर दबाव बढ़ा रही है.