8th Pay Commission: HRA बढ़ा तो कितनी बढ़ेगी जेब में आने वाली सैलरी? Level-10 कर्मचारियों को होगा सबसे ज्‍यादा फायदा

8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर और HRA को लेकर कर्मचारियों की नजरें टिकी हैं. 2.1, 2.28 और 2.57 फैक्टर के हिसाब से Level-10 की बेसिक सैलरी कितनी हो सकती है, जानिए पूरा संभावित गणित और जरूरी बातें.

8वां वेतन आयोग

Highlights

  • 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर से बेसिक सैलरी बढ़ने की उम्मीद
  • Level-10 कर्मचारियों की नई बेसिक सैलरी पर सबकी नजरें टिकी
  • HRA बढ़ने से कर्मचारियों की कुल सैलरी में बदलाव संभव

केंद्रीय कर्मचारियों को 8वें वेतन आयोग से सैलरी बढ़ने की उम्मीद है. इसमें फिटमेंट फैक्टर के साथ-साथ हाउस रेंट अलाउंस यानी HRA को लेकर भी चर्चा तेज है. कर्मचारी संगठन HRA में बढ़ोतरी की मांग कर रहे हैं. अगर सरकार उनकी मांग मानती है तो कर्मचारियों की कुल सैलरी में अच्छा खासा बदलाव देखने को मिल सकता है.

8वें वेतन आयोग में HRA पर क्यों है नजर?

HRA केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी का अहम हिस्सा है. यह भत्ता कर्मचारी को उसके शहर के हिसाब से मकान के किराए के खर्च में मदद करता है. फिलहाल HRA की गणना बेसिक पे के आधार पर होती है और शहर की कैटेगरी के हिसाब से इसकी दर अलग-अलग होती है.

8वें वेतन आयोग के लागू होने के बाद अगर बेसिक पे बढ़ती है, तो मौजूदा नियमों के तहत HRA की रकम भी बढ़ सकती है. हालांकि, HRA की नई दरें क्या होंगी, यह सरकार और वेतन आयोग के अंतिम फैसले के बाद ही साफ होगा.

Level-10 कर्मचारी की सैलरी का क्या होगा?

मान लीजिए कोई कर्मचारी अभी 7वें वेतन आयोग के तहत Level-10 में है. उसका शुरुआती बेसिक पे ₹56,100 है. 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर के आधार पर इस बेसिक पे को बढ़ाया जा सकता है.

अगर 2.1 फिटमेंट फैक्टर लगाया जाता है तो नई बेसिक सैलरी करीब ₹1.18 लाख हो सकती है. वहीं 2.28 फिटमेंट फैक्टर पर यह करीब ₹1.28 लाख और 2.57 फिटमेंट फैक्टर पर करीब ₹1.44 लाख तक पहुंच सकती है. यह केवल संभावित गणना है. असली सैलरी सरकार द्वारा तय किए जाने वाले फिटमेंट फैक्टर और दूसरे नियमों पर निर्भर करेगी.

HRA बढ़ा तो हाथ में आएगी ज्यादा सैलरी

फिटमेंट फैक्टर बढ़ने के साथ बेसिक पे बढ़ेगी. ऐसे में HRA की रकम भी मौजूदा प्रतिशत के आधार पर बढ़ सकती है. उदाहरण के लिए, अगर किसी कर्मचारी का नया बेसिक पे ₹1.28 लाख होता है तो HRA की गणना भी इसी बढ़ी हुई बेसिक सैलरी पर होगी.

हालांकि, कर्मचारी की वास्तविक इन-हैंड सैलरी सिर्फ HRA से तय नहीं होगी. इसमें DA, TA, दूसरे भत्ते, टैक्स और सरकार द्वारा तय किए जाने वाले नए वेतन नियमों की भी भूमिका होगी.

अभी अंतिम फैसला बाकी

8वें वेतन आयोग की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है और कर्मचारी संगठन अपनी मांगें आयोग के सामने रख रहे हैं. फिटमेंट फैक्टर और HRA जैसे मुद्दों पर अंतिम फैसला आयोग की सिफारिशों और सरकार की मंजूरी के बाद ही होगा.

इसलिए फिलहाल 2.1, 2.28 या 2.57 फिटमेंट फैक्टर को अंतिम मानना सही नहीं होगा. ये केवल संभावित विकल्प हैं. अंतिम आंकड़े सामने आने के बाद ही कर्मचारियों की नई बेसिक सैलरी, HRA और इन-हैंड सैलरी का सही हिसाब लगाया जा सकेगा.

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