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NSE IPO: शेयर में ₹10 की हलचल से बदल जाएगी राधाकिशन दमानी की दौलत, जानिए पूरा गणित

NSE IPO से दिग्गज निवेशक राधाकिशन दमानी की हिस्सेदारी की वैल्यू पर बड़ा असर पड़ सकता है. उनके पास NSE की करीब 1.58% हिस्सेदारी है. रिपोर्ट के मुताबिक शेयर में ₹10 की हलचल से उनकी हिस्सेदारी की वैल्यू करीब ₹40 करोड़ बदल सकती है.

NSE शेयर में लिस्टिंग के बाद लगातार बिकवाली देखने को मिल रही है.

Highlights

  • NSE में राधाकिशन दमानी की करीब 1.58 फीसदी हिस्सेदारी है
  • शेयर में ₹10 बदलाव से वैल्यू करीब ₹40 करोड़ बदलेगी
  • दमानी ने IPO में अपनी हिस्सेदारी बेचने का विकल्प नहीं चुना

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी NSE का IPO इस समय शेयर बाजार की बड़ी खबरों में है. इस IPO का असर सिर्फ निवेशकों और बाजार पर ही नहीं, बल्कि दिग्गज निवेशक राधाकिशन दमानी की संपत्ति पर भी पड़ सकता है. दमानी के पास NSE की करीब 1.58% हिस्सेदारी है.

NSE के IPO को लेकर बाजार में काफी चर्चा है. हालिया रिपोर्टों के मुताबिक NSE का इश्यू करीब 25,000-30,000 करोड़ रुपये का हो सकता है. NSE की अनुमानित मार्केट वैल्यू करीब 5.2 लाख करोड़ रुपये बताई गई है.

NSE में दमानी की कितनी हिस्सेदारी?

राधाकिशन दमानी ने NSE के अनलिस्टेड शेयरों में काफी पहले निवेश किया था. उनके पास करीब 3.91 करोड़ NSE शेयर बताए गए हैं, जो कंपनी में लगभग 1.58% हिस्सेदारी के बराबर हैं. 2025 की एक रिपोर्ट में इन शेयरों की वैल्यू करीब ₹9,300 करोड़ आंकी गई थी.

हालांकि IPO के समय इस हिस्सेदारी की वास्तविक वैल्यू NSE के इश्यू प्राइस और बाद में शेयर बाजार में होने वाली ट्रेडिंग पर निर्भर करेगी.

शेयर में ₹10 का बदलाव तो कितना असर?

दमानी के पास बड़ी संख्या में NSE शेयर होने के कारण शेयर की कीमत में छोटी सी हलचल भी उनकी हिस्सेदारी की वैल्यू पर बड़ा असर डाल सकती है.

रिपोर्ट के मुताबिक NSE के शेयर में ₹10 की बढ़त या गिरावट से दमानी की हिस्सेदारी की वैल्यू में करीब ₹39 करोड़ का बदलाव हो सकता है. यानी शेयर की कीमत बढ़ने पर उनकी हिस्सेदारी की बाजार वैल्यू बढ़ेगी और कीमत घटने पर वैल्यू कम होगी.

यह ध्यान रखना जरूरी है कि यह बदलाव उनकी कुल संपत्ति में वास्तविक नकद कमाई या नुकसान नहीं है. यह सिर्फ उनकी NSE हिस्सेदारी की बाजार कीमत में होने वाला बदलाव है.

NSE IPO से क्यों बढ़ी चर्चा?

NSE भारत का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है और इसके IPO का इंतजार लंबे समय से किया जा रहा था. हालिया जानकारी के मुताबिक NSE को IPO के लिए सेबी की मंजूरी मिल चुकी है. कंपनी ने जून तिमाही में 3,120 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल की समान अवधि से 7% ज्यादा था.

NSE की कमाई में ट्रेडिंग एक्टिविटी, खासकर डेरिवेटिव कारोबार की बड़ी भूमिका है. इसलिए कंपनी के भविष्य के प्रदर्शन और शेयर की कीमत पर बाजार में ट्रेडिंग वॉल्यूम और नियामकीय बदलावों का असर पड़ सकता है.

दमानी IPO में शेयर बेचेंगे या नहीं?

सबसे अहम बात यह है कि राधाकिशन दमानी IPO में अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे या नहीं. उपलब्ध जानकारी के मुताबिक दमानी उन मौजूदा शेयरधारकों में शामिल हैं, जिन्होंने IPO में अपनी हिस्सेदारी बेचने का विकल्प नहीं चुना है. यानी उनकी पूरी हिस्सेदारी IPO के जरिए बिकने वाली नहीं है.

ऐसे में NSE की लिस्टिंग के बाद शेयर की कीमत में होने वाली हर हलचल उनकी हिस्सेदारी की वैल्यू को प्रभावित करेगी. हालांकि किसी शेयर की कीमत ऊपर जाएगी या नीचे, यह बाजार की परिस्थितियों पर निर्भर करता है.

NSE IPO इसलिए भी खास है क्योंकि इससे आम निवेशकों को पहली बार इस बड़े स्टॉक एक्सचेंज में सीधे शेयरधारक बनने का मौका मिलेगा. साथ ही, पुराने निवेशकों की हिस्सेदारी की बाजार वैल्यू भी पहली बार लिस्टेड शेयर की कीमत के आधार पर साफ तौर पर सामने आएगी.

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