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धनतेरस से पहले सोना 7% और चांदी 20% टूटी, खरीदारी का सही मौका या अभी और करें इंतजार

अक्टूबर में MCX पर सोने का वायदा भाव करीब 7 फीसदी और चांदी का भाव लगभग 20 फीसदी गिर गया. इस गिरावट के बाद खरीदारों के सामने सवाल है कि क्या धनतेरस पर सोना-चांदी खरीदने का सही मौका है या कीमतों में अभी और गिरावट आ सकती है?

गोल्ड सिल्वर

Highlights

  • अक्टूबर में MCX पर सोना करीब 7% और चांदी लगभग 20% टूटी.
  • सोने के लिए 1,38,250 रुपये और चांदी के लिए 1,78,800 रुपये का स्तर तत्काल सपोर्ट है.
  • गहने खरीदने और निवेश के लिए सोना खरीदने के बीच अंतर समझना बहुत जरुरी है.

Dhanteras 2026 Gold-Silver: धनतेरस और दिवाली से पहले सोने-चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट आई है. अक्टूबर में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने का वायदा भाव करीब 7 फीसदी टूट गया, जबकि चांदी में लगभग 20 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई यानी चांदी की कीमतों में सोने के मुकाबले करीब तीन गुना ज्यादा गिरावट आई है. इस गिरावट के बाद खरीदारों के सामने सवाल है कि क्या धनतेरस पर सोना-चांदी खरीदने का सही मौका है या कीमतों में अभी और गिरावट आ सकती है?

मिंट की रिपोर्ट के मुताबिक, ब्याज दरों को लेकर बढ़ती चिंता, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और ग्लोबल कमोडिटी बाजार में दबाव के कारण सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट आई है. हालांकि, कीमतें कम होने से त्योहार और शादी के लिए खरीदारी करने वालों को राहत मिल सकती है.

2 नवंबर को सोने-चांदी की कीमतों में आई रिकवरी

अक्टूबर के आखिरी दिनों में आई तेज गिरावट के बाद सोमवार, 2 नवंबर को MCX पर सोने और चांदी के वायदा भाव में रिकवरी देखने को मिली. धनतेरस और दिवाली से पहले ग्लोबल बुलियन बाजार में स्थिरता आने से दोनों धातुओं की कीमतों को सहारा मिला.

दिसंबर डिलीवरी वाला सोना करीब 1,39,065 से 1,39,179 रुपये प्रति 10 ग्राम के दायरे में कारोबार करता दिखा. इसमें पिछले बंद भाव के मुकाबले करीब 0.23% से 0.42% की बढ़त रही. वहीं, चांदी ने सोने के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया. इसके वायदा भाव में 1.3% से 2% से ज्यादा की तेजी आई और यह करीब 1,81,611 से 1,82,701 रुपये प्रति किलोग्राम के दायरे में कारोबार करता रहा.

सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट क्यों आई?

रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ने की आशंका ने सोने की कीमतों पर दबाव बनाया है. अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने अक्टूबर में ब्याज दरों को 3.75 फीसदी से 4 फीसदी के दायरे में बरकरार रखा. हालांकि, दो सदस्यों ने दरें बढ़ाने के पक्ष में वोट किया. इसके बाद बाजार में दिसंबर में ब्याज दरें बढ़ने की संभावना को लेकर चर्चा तेज हुई है.

ब्याज दरें बढ़ने पर सोने की मांग पर दबाव आ सकता है, क्योंकि सोने से ब्याज के रूप में कोई कमाई नहीं होती. ऐसे में निवेशकों के लिए ब्याज देने वाले दूसरे विकल्प ज्यादा आकर्षक हो सकते हैं. रिपोर्ट के हवाले से, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें भी महंगाई की चिंता बढ़ा रही हैं. इससे केंद्रीय बैंकों की ओर से ब्याज दरें बढ़ाने की आशंका बनी हुई है.

अक्टूबर में MCX पर सोना करीब 7% और चांदी लगभग 20% गिर गई. डॉलर में देखें तो जनवरी के रिकॉर्ड स्तर से सोना करीब 28% और चांदी लगभग 50% नीचे है. कैलेंडर ईयर के आधार पर सोने में करीब 10% और चांदी में लगभग 19% की गिरावट है.

दोनों धातुओं में अगस्त में तेजी आई थी, लेकिन इसके बाद लगातार दो महीने गिरावट रही. चांदी में ज्यादा गिरावट की एक वजह इसका सोने के मुकाबले अधिक उतार-चढ़ाव वाला होना है. चांदी की कीमतों पर औद्योगिक मांग का भी असर पड़ता है. वहीं, सोने को आमतौर पर सुरक्षित निवेश के विकल्प के तौर पर देखा जाता है.

सोने और चांदी के लिए कौन से स्तर अहम?

रिपोर्ट के मुताबिक, MCX पर सोने के वायदा भाव में पिछले एक महीने से लगातार गिरावट देखी गई है. फिलहाल 1,38,250 रुपये प्रति 10 ग्राम का स्तर सोने के लिए तत्काल सपोर्ट है. अगर कीमत इससे नीचे जाती है, तो बिकवाली का एक और दौर देखने को मिल सकता है. वहीं, चांदी के लिए 1,78,800 रुपये प्रति किलोग्राम का स्तर तत्काल सपोर्ट माना जा रहा है. चांदी में आमतौर पर कीमतों का उतार-चढ़ाव ज्यादा रहता है.

ऐसे में धनतेरस के आसपास सोना खरीदने के लिए पूरी रकम एक साथ लगाने के बजाय दो या तीन किस्तों में खरीदारी करना बेहतर हो सकता है.

क्या सोने-चांदी की गिरावट खरीदारी का मौका है?

रिपोर्ट के मुताबिक, कीमती धातुओं में बड़ी गिरावट लंबे समय के निवेशकों के लिए खरीदारी का मौका बना सकती है. उदाहरण दिए, जब बाजार में नकदी की जरूरत के कारण हुई बिकवाली के बाद सोने की कीमतों में मजबूत तेजी आई थी. 1970 के दशक में सोने की कीमत 1970 में 40 डॉलर प्रति औंस से कम थी, जो जनवरी 1980 तक बढ़कर करीब 850 डॉलर प्रति औंस पहुंच गई.

इसी तरह, 2008 के ग्लोबल फाइनेंशियल संकट के दौरान सोने की कीमत पहले गिरकर करीब 700 डॉलर प्रति औंस पर आ गई थी. इसके बाद अगस्त 2011 तक यह बढ़कर 1,917 डॉलर प्रति औंस पहुंच गई.

मार्च 2020 में कोरोना महामारी के दौरान भी सोने की कीमतों में पहले गिरावट आई थी. उस समय नकदी की जरूरत के कारण बिकवाली के बीच सोना करीब 1,472 डॉलर प्रति औंस तक गिर गया था. इसके बाद निवेशकों की ओर से फिजिकल गोल्ड और एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) में खरीदारी बढ़ने से कीमतों में तेजी आई.

धनतेरस पर सोना-चांदी खरीदने वालों को क्या करना चाहिए?

रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी के रिकॉर्ड स्तर से आई गिरावट ने त्योहार और शादी के सीजन से पहले खरीदारों को कुछ राहत दी है. फिलहाल 24 कैरेट सोना करीब 1.38 लाख से 1.40 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी करीब 1.98 लाख से 2 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के दायरे में है. हालांकि, कीमतों में गिरावट को बाजार का निचला स्तर मान लेना सही नहीं होगा.

गहने खरीदने और निवेश करने में रखें अंतर

गहने खरीदने और निवेश के लिए सोना खरीदने के बीच अंतर समझना बहुत जरुरी है. अगर आप धनतेरस पर गहने खरीद रहे हैं, तो BIS हॉलमार्क वाले प्रोडक्ट ही चुनें. इसके अलावा आखिरी बिल में मेकिंग चार्ज, वेस्टेज, GST और बायबैक की शर्तों को भी ध्यान से देखना चाहिए. वहीं, जो निवेशक कीमती धातुओं में निवेश करना चाहते हैं, वे अपने निवेश लक्ष्य के अनुसार गोल्ड ETF या डिजिटल सिल्वर जैसे विकल्पों पर विचार कर सकते हैं.

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