Coal Auction: गुरुवार से कोयला खदानों की नीलामी का 16वां दौर, 55000 करोड रुपये निवेश की उम्मीद

कोयला मंत्रालय गुरुवार को कमर्शियल कोल माइन ऑक्शन के 16वें दौर की शुरुआत करेगा. इस नीलामी में पूरी तरह खोजे गए और आंशिक रूप से खोजे गए कोल ब्लॉक शामिल होंगे. सरकार का लक्ष्य नए निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ाना है. पिछले 15 दौर में 147 कोयला खदानों की नीलामी हो चुकी है और 44 नई कंपनियां इस क्षेत्र में आई हैं.

नीलामी में पूरी तरह और आंशिक रूप से खोजे गए कोल ब्लॉक शामिल होंगे. Image Credit: tv9

Highlights

  • कोयला मंत्रालय गुरुवार से कमर्शियल कोल माइन ऑक्शन के 16वें दौर की शुरुआत करेगा.
  • नीलामी में पूरी तरह और आंशिक रूप से खोजे गए कोल ब्लॉक शामिल होंगे.
  • पिछले 15 दौर में 147 कोयला खदानों की नीलामी हुई और 44 नई कंपनियां जुड़ी.

कोयला मंत्रालय गुरुवार को कमर्शियल कोल माइन ऑक्शन के 16वें दौर की शुरुआत करेगा. इस नीलामी के जरिए नए कोल ब्लॉक कंपनियों को दिए जाएंगे. सरकार का लक्ष्य कोयला क्षेत्र में नए निवेश को बढ़ावा देना और रोजगार के मौके पैदा करना है. इस दौर में पूरी तरह खोजे गए और आंशिक रूप से खोजे गए कोल ब्लॉक शामिल होंगे. पिछले 6 साल में 15 दौर की नीलामी पूरी हो चुकी है. इन दौरों में 147 कोयला खदानों की सफलतापूर्वक नीलामी हुई है.

16वें दौर में क्या होगा

कोयला मंत्रालय के मुताबिक 16वें दौर में पूरी तरह खोजे गए और आंशिक रूप से खोजे गए कोल ब्लॉक पेश किए जाएंगे. इन खदानों की नीलामी से उन्हें जल्द उत्पादन में लाने का प्रयास किया जाएगा. सरकार को उम्मीद है कि इससे कोयला क्षेत्र में नई कंपनियां और निवेशक आ सकते हैं. इसके साथ ही कोयला उत्पादन बढ़ाने में भी मदद मिलेगी. नीलामी का एक प्रमुख उद्देश्य रोजगार के नए अवसर पैदा करना भी है.

15 दौर में 147 खदानों की नीलामी

कमर्शियल कोल माइनिंग की शुरुआत साल 2020 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी. इसके बाद अब तक 15 दौर की नीलामी पूरी हो चुकी है. इन 15 दौर में कुल 147 कोयला खदानों की सफलतापूर्वक नीलामी हुई है. इन नीलामियों के जरिए 44 नई कंपनियां कोयला क्षेत्र में शामिल हुई हैं. सरकार अब 16वें दौर के जरिए इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की तैयारी कर रही है.

खदानों से 47500 करोड़ मिलने का अनुमान

नीलामी की गई खदानों से सरकार को बड़ी आर्थिक गतिविधि की उम्मीद है. इन खदानों से सालाना करीब 47500 करोड़ रुपये का राजस्व मिलने का अनुमान है. इसके अलावा करीब 55000 करोड़ रुपये का कैपिटल निवेश आने की उम्मीद है. कोयला उत्पादक राज्यों में करीब 4.9 लाख रोजगार के अवसर पैदा होने का अनुमान है. इससे संबंधित राज्यों में आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है.

कोयला क्षेत्र में निवेश के नियम क्या हैं

सरकार ने कमर्शियल कोल माइनिंग के लिए निवेशकों को कई तरह की छूट दी है. मंत्रालय के मुताबिक इन खदानों पर किसी तरह की एंड यूज पाबंदी नहीं है. कोयला क्षेत्र में 100 प्रतिशत FDI ऑटोमैटिक रूट से किया जा सकता है. इसके अलावा अपफ्रंट पेमेंट को कम रखा गया है. इसे भविष्य में मिलने वाले रेवेन्यू शेयर के साथ एडजस्ट किया जा सकता है.

भारत में कोयला उत्पादन तेजी से बढ़ा

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक मार्च 2026 तक कैप्टिव और कमर्शियल कोयला खदानों से भारत का उत्पादन 210.46 MT तक पहुंच गया. यह पिछले वित्त वर्ष के 190.95 MT के मुकाबले 10.22 फीसदी ज्यादा है. FY26 में 12 कैप्टिव और कमर्शियल कोल ब्लॉक को Mine Opening Permission यानी MOP मिला. इससे देश की कोयला खनन क्षमता में सालाना 86 MT से ज्यादा का इजाफा हुआ है. FY24 में कोयला उत्पादन 147.11 MT और FY23 में 115.78 MT था.