SBI का 15 पैसे का दांव कराएगा 7366.39 करोड़ रुपये की कमाई, जानें- कैसे एक छोटा निवेश बंपर मुनाफे में बदलेगा

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की सब्सिडियरी, SBI फंड्स मैनेजमेंट लिमिटेड ने गुरुवार को अपने 11,693 करोड़ रुपये के IPO के लिए 545 रुपये से 574 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड घोषित किया. SBI को अपने शुरुआती निवेश पर लगभग 3,82,567 फीसदी का रिटर्न मिलने वाला है.

एसबीआई का दांव कराएगा जोरदार कमाई. Image Credit: Money9live

भारत के सबसे बड़ा सरकारी बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) को अपने शुरुआती निवेश पर लगभग 3,82,567 फीसदी का रिटर्न मिलने वाला है, जबकि Amundi India Holding को 13,095 फीसदी का फायदा होगा. ये दोनों प्रमोटर शेयरहोल्डर SBI फंड्स मैनेजमेंट (SBI म्यूचुअल फंड) के IPO (जो अब तक का 2026 का सबसे बड़ा भारतीय IPO है) के जरिए कुल मिलाकर 11,658 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाने की तैयारी में हैं.

SBI फंड्स मैनेजमेंट का आईपीओ

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की सब्सिडियरी, SBI फंड्स मैनेजमेंट लिमिटेड ने गुरुवार को अपने 11,693 करोड़ रुपये के IPO के लिए 545 रुपये से 574 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड घोषित किया. प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर पर, SBI की हिस्सेदारी – जिसे सिर्फ 15 पैसे प्रति शेयर की औसत लागत पर हासिल किया गया था – से लगभग 1.93 करोड़ रुपये की लागत के मुकाबले 7,366.39 करोड़ रुपये की कुल कमाई होगी, जिससे लगभग 7,364.47 करोड़ रुपये का मुनाफा होगा.

Amundi कितना कमाएगी?

Amundi, जिसने प्रति शेयर 4.35 रुपये की वेटेड एवरेज कॉस्ट (औसत लागत) चुकाई थी, उसे 32.79 करोड़ रुपये की लागत के मुकाबले 4,326.52 करोड़ रुपये की कुल कमाई होगी, जिससे लगभग 4,293.73 करोड़ रुपये का मुनाफा होगा.ॉ

ऑफर फॉर सेल

बेसब्री से इंतजार किए जा रहे इस IPO में 20 करोड़ से अधिक शेयरों की पूरी तरह से ‘ऑफर फॉर सेल’ (OFS) शामिल है, जिसमें इक्विटी का कोई प्रेश इश्यू नहीं है. इसका मतलब है कि SBI फ़ंड्स मैनेजमेंट को इस ऑफरिंग से कोई पैसा नहीं मिलेगा.

कितनी हिस्सेदारी होगी सेल?

SBI, SBI फंड्स के 128.3 मिलियन शेयर (यानी कंपनी का लगभग 6.3%) बेचने की योजना बना रहा है, जबकि Amundi 75.4 मिलियन शेयर (यानी लगभग 3.7%) बेचेगा. दोनों प्रमोटर-विक्रेता मिलकर इस ऑफर के जरिए SBI फंड्स मैनेजमेंट की पेड-अप इक्विटी शेयर कैपिटल का लगभग 10 फीसदी हिस्सा बेच रहे हैं.

प्राइस बैंड के ऊपरी लेवल पर, मार्केट कैपिटलाइजेशन के हिसाब से SBI फंड्स मैनेजमेंट की वैल्यू लगभग 1.17 लाख करोड़ रुपये है. IPO 14 जुलाई को खुलेगा और 16 जुलाई को बंद होगा.

SBI MF कितना बड़ा है?

CRISIL की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कंपनी के रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस के अनुसार, SBI फंड्स मैनेजमेंट म्यूचुअल फंड के तिमाही औसत एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (QAAUM) के मामले में भारत की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी है. 31 मार्च, 2026 तक इसकी मार्केट हिस्सेदारी 15.3% थी और 31 मार्च, 2024 से 31 मार्च, 2026 के बीच इसके म्यूचुअल फंड QAAUM में 16.97% की CAGR से बढ़ोतरी हुई है.

कुल म्यूचुअल फंड QAAUM

31 मार्च, 2026 तक कंपनी का कुल म्यूचुअल फंड QAAUM 12,509.98 अरब रुपये था, जो एक साल पहले 10,729.49 अरब रुपये था. वहीं, पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विस, एडवाइजरी और अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड बिजनेस को मिलाकर इसका कुल QAAUM 29,461.05 अरब रुपये था. भारत की टॉप 10 AMC में कंपनी का ऑपरेटिंग खर्च अनुपात (ऑपरेटिंग एक्सपेंस रेश्यो) भी सबसे कम है. वित्त वर्ष 2026 के लिए ऑपरेटिंग खर्च QAAUM का 0.08% रहा, जबकि बाकी टॉप 10 AMC के लिए यह रेंज 0.10% से 0.25% के बीच थी.

दो प्रमोटरों की ताकत

SBI म्यूचुअल फंड का दायरा इसके दो प्रमोटरों की मिली-जुली ताकत पर टिका है. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (RHP में इसे भारत का सबसे बड़ा कमर्शियल बैंक बताया गया है, जिसकी कुल संपत्ति 83,215.7 अरब रुपये है और 31 मार्च, 2026 तक इसके 530 मिलियन से अधिक ग्राहक थे) और Amundi SA (यूरोप की सबसे बड़ी एसेट मैनेजर कंपनी, जिसका हेडक्वार्टर पेरिस में है और जो Euronext Paris पर लिस्टेड है).

9 बुक-रनिंग लीड मैनेजर

RHP के अनुसार, इस ऑफर में SBI फंड्स मैनेजमेंट के योग्य कर्मचारियों के लिए 2,987,076 इक्विटी शेयर और SBI के योग्य शेयरधारकों के लिए 13,055,629 इक्विटी शेयर रिजर्व किए गए हैं. इस इश्यू को 9 बुक-रनिंग लीड मैनेजर मैनेज कर रहे हैं, जिसमें कोटक, एक्सिस कैपिटल, BofA, HSBC, I-Sec, जेफ़रीज़, JM फ़ाइनेंशियल, मोतीलाल ओसवाल और SBICAPS शामिल हैं.

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