कवच सिस्टम बना कमाई का इंजन, 5 साल में दिया 1385% रिटर्न; रखें नजर
HBL Engineering ने पिछले 5 वर्षों में 1385 फीसदी का मल्टीबैगर रिटर्न देकर निवेशकों को चौंका दिया है. भारतीय रेलवे के स्वदेशी कवच सिस्टम और मजबूत ऑर्डर बुक के दम पर कंपनी रेलवे टेक्नोलॉजी सेक्टर की प्रमुख कंपनियों में शामिल हो चुकी है. वित्त वर्ष 2026 में कंपनी ने रिकॉर्ड रेवेन्यू और मुनाफा दर्ज किया है.
Kavach System Stock: HBL Engineering ने पिछले पांच वर्षों में निवेशकों को 1385 फीसदी का शानदार रिटर्न देकर बाजार का ध्यान अपनी ओर खींचा है. कभी मुख्य रूप से औद्योगिक बैटरियां बनाने वाली यह कंपनी अब भारतीय रेलवे की स्वदेशी ट्रेन सुरक्षा प्रणाली कवच के दम पर रेलवे टेक्नोलॉजी सेक्टर की प्रमुख कंपनियों में शामिल हो चुकी है. हालांकि, इतनी तेज तेजी के बाद अब निवेशकों के मन में सवाल है कि क्या इस शेयर में आगे भी दम बाकी है या फिर अधिकांश सकारात्मक संभावनाएं पहले ही इसकी कीमत में शामिल हो चुकी हैं.
बैटरी कंपनी से रेलवे टेक्नोलॉजी कंपनी तक का सफर
HBL Engineering की स्थापना वर्ष 1983 में हुई थी. शुरुआती वर्षों में कंपनी टेलीकॉम टावर, रेलवे, रक्षा और पावर सेक्टर के लिए विशेष बैटरियों का निर्माण करती थी. समय के साथ कंपनी ने लिथियम बैटरी, डिफेंस बैटरी, एविएशन बैटरी और इंडस्ट्रियल इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों में भी विस्तार किया. लेकिन कंपनी के कारोबार में सबसे बड़ा बदलाव तब आया, जब उसने रेलवे सिग्नलिंग कारोबार, खासकर कवच सिस्टम पर अपना फोकस बढ़ाया.
कवच सिस्टम बना ग्रोथ का सबसे बड़ा इंजन
कवच भारतीय रेलवे की स्वदेशी ट्रेन टक्कर रोकने वाली सुरक्षा प्रणाली है. यह सिस्टम लोकोमोटिव और रेलवे ट्रैक पर लगाया जाता है. यदि चालक किसी सिग्नल को नजरअंदाज कर देता है या दो ट्रेनें खतरनाक दूरी तक पहुंच जाती हैं, तो यह सिस्टम स्वतः ब्रेक लगाकर दुर्घटना को रोक सकता है.
भारतीय रेलवे आने वाले वर्षों में हजारों किलोमीटर रेल मार्ग पर कवच सिस्टम लगाने की योजना पर काम कर रहा है. HBL Engineering उन चुनिंदा कंपनियों में शामिल है, जिन्हें इस तकनीक की सप्लाई की मंजूरी मिली हुई है. यही वजह है कि कंपनी को लगातार बड़े ऑर्डर मिल रहे हैं और निवेशकों की नजर भी इस पर बनी हुई है.
वित्त वर्ष 2026 रहा रिकॉर्ड प्रदर्शन वाला
वित्त वर्ष 2026 HBL Engineering के लिए ऐतिहासिक साबित हुआ. Financial Express की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू बढ़कर करीब 3303 करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि नेट प्रॉफिट 814 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है.
शेयर ने दिया 1385 फीसदी रिटर्न
जुलाई 2021 में HBL Engineering का शेयर करीब 55 रुपये पर कारोबार कर रहा था. वहीं, 7 जुलाई 2026 तक इसका भाव बढ़कर लगभग 817 रुपये पहुंच गया. यानी पांच वर्षों में शेयर ने करीब 1385 फीसदी का मल्टीबैगर रिटर्न दिया. हालांकि, यह अभी भी अपने 1122 रुपये के ऑल टाइम हाई से करीब 27 फीसदी नीचे कारोबार कर रहा है. गुरुवार को इंट्रा डे कारोबार के दौरान कंपनी का शेयर 0.71 फीसदी की तेजी के साथ 762 रुपये पर कारोबार कर रहा था.
मजबूत ऑर्डर बुक, लेकिन जोखिम भी मौजूद
कंपनी की सबसे बड़ी ताकत उसकी मजबूत ऑर्डर बुक है. मई 2026 में HBL Engineering को लगभग 1710 करोड़ रुपये का अब तक का सबसे बड़ा ऑनबोर्ड कवच ऑर्डर मिला, जिसे 18 से 24 महीनों में पूरा किया जाना है. कंपनी लगभग कर्जमुक्त है और उसके पास पर्याप्त नकदी भी उपलब्ध है, जिससे नई क्षमता विकसित करने में उसे मदद मिलेगी.
हालांकि, निवेशकों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि कंपनी की आय का बड़ा हिस्सा भारतीय रेलवे और कवच परियोजनाओं पर निर्भर है. यदि किसी कारण ऑर्डर मिलने या उनके एक्जक्यूशन में देरी होती है, तो इसका असर कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन पर पड़ सकता है.
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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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