टाटा संस के चेयरमैन बने रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, बोर्ड ने दी पांच साल के एक्सटेंशन को मंजूरी, IPO का प्रोसस भी शुरू

अगस्त में एन. चंद्रशेखरन ने टाटा संस के चेयरमैन के पद से इस्तीफा देने का ऐलान किया था और कहा था वे अपने मौजूदा कार्यकाल को पूरा करेंगे और अगले कार्यकाल की मांग नहीं करेंगे.

टाटा संस के चेयरमैन नटराजन चंद्रशेखरन. Image Credit: Canva/ Money9

टाटा संस लिमिटेड के बोर्ड ने गुरुवार को एन. चंद्रशेखरन को एग्जीक्यूटिव चेयरमैन के तौर पर पांच साल का नया कार्यकाल देने को मंजूरी दे दी और ग्रुप की होल्डिंग कंपनी को लिस्ट कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी. ईटी ने इस मामले की जानकारी रखने वाले लोगों के हवाले से यह खबर दी है.

इस्तीफे का किया था ऐलान

अगस्त में एन. चंद्रशेखरन ने टाटा संस के चेयरमैन के पद से इस्तीफा देने का ऐलान किया था और कहा था वे अपने मौजूदा कार्यकाल को पूरा करेंगे और अगले कार्यकाल की मांग नहीं करेंगे. चंद्रशेखरन का मौजूदा टेन्योर फरवरी 2027 में खत्म होने वाला है. टाटा संस टाटा समूह की कंपनियों की होल्डिंग कंपनी है.

हालांकि, कई टाटा ट्रस्ट, जिनके पास होल्डिंग कंपनी में मेजॉरिटी है, चंद्रशेखरन को चेयरमैन के तौर पर दोबारा अपॉइंट करने को चुनौती दे सकते हैं.

टाटा संस में टाटा ट्रस्ट्स की कुल हिस्सेदारी लगभग 66% है. मामले से जुड़े लोगों का कहना है कि आखिर में चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर समेत टॉप मैनेजमेंट का चुनाव बहुमत वाले शेयरहोल्डर की पसंद से तय होगा. इस मामले में, बहुमत हिस्सेदारी (जो टाटा ट्रस्ट्स के पास है) का प्रतिनिधित्व टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा करते हैं.

AGM में मिल सकती है चुनौती

रिपोर्ट के अनुसार, ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि टाटा ट्रस्ट्स और नोएल टाटा आने वाली सालाना आम बैठक (AGM) में चंद्रशेखरन की दोबारा नियुक्ति का विरोध करेंगे. चेयरमैन बने रहने के लिए AGM में चंद्रा को डायरेक्टर के तौर पर फिर से नियुक्त होना होगा.

रिपोर्ट के अनुसार, टाटा संस बोर्ड ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के नियमों के मुताबिक पब्लिक कंपनी बनने के लिए जरूरी सभी कदम उठाने का फैसला किया है.

दो मुख्य टाटा ट्रस्ट में से एक, सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट (SDTT) ने भी सार्वजनिक रूप से कहा है कि वे चंद्रशेखरन के दोबारा नियुक्ति के लिए खुद को पेश न करने के फैसले का सम्मान करते हैं. उन्होंने अगले चेयरमैन की सिफारिश करने के लिए एक सिलेक्शन कमिटी बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.

चंद्रशेखरन ने क्योंं किया था इस्तीफे का ऐलान?

यह घटनाक्रम तब हुआ है जब लगभग एक महीने पहले चंद्रशेखरन ने घोषणा की थी कि वे सॉल्ट-टू-सॉफ्टवेयर समूह में तीसरे कार्यकाल के लिए इच्छुक नहीं हैं. दोबारा नियुक्ति न लेने के अपने फैसले की घोषणा करते हुए, चंद्रा ने कहा कि फरवरी में हुई बोर्ड बैठक के दौरान टाटा संस के एक बोर्ड सदस्य ने उनके 5 साल के कार्यकाल को बढ़ाने का समर्थन नहीं किया था.

बोर्ड बैठक से पहले सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट और सर रतन टाटा ट्रस्ट ने सर्वसम्मति से कार्यकाल बढ़ाने की सिफारिश की थी. उन्होंने बताया कि बिना किसी प्रस्ताव के लगभग 6 महीने बीत गए, जबकि ऐसे समय में नेतृत्व को लेकर स्पष्टता की आवश्यकता थी जब रणनीतिक परियोजनाएं एक महत्वपूर्ण चरण में हैं.

खबरों के अनुसार, टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा ने चंद्रशेखरन से यह आश्वासन मांगा था कि होल्डिंग कंपनी के आसपास बढ़ती नियामक जांच के बावजूद टाटा संस शेयर बाजार में लिस्ट नहीं होगी. उन्होंने समूह की कर्ज की स्थिति को लेकर भी चिंता जताई थी.

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