पीएम मोदी बोले, भारत ग्लोबल सेमीकंडक्टर हब बनने के लिए तैयार, खुल रहे निवेश और विकास के नए अवसर
SEMICON India 2026 के उद्घाटन के मौके पर प्रधानमंत्री ने कहा कि सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम तेजी से बढ़ रहा है, जिससे इनोवेशन, इन्वेस्टमेंट और ग्रोथ के नए मौके खुल रहे हैं. उन्होंने कहा कि दुनिया को चिप मैन्युफैक्चरिंग के लिए नई और भरोसेमंद जगहों की जरूरत है और भारत इसके लिए खुद को तैयार कर रहा है.
Highlights
- चिप मैन्युफैक्चरिंग के लिए नई और भरोसेमंद जगहों की जरूरत.
- अब तक 12 चिप-मेकिंग प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी जा चुकी है.
- भारत एक पूरा सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम बनाने की कोशिश कर रहा है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को भारत को ग्लोबल चिप मैन्युफैक्चरिंग के लिए एक भरोसेमंद जगह के तौर पर पेश किया. पीएम ने कहा कि सरकार सही पॉलिसी और फ्रेमवर्क के जरिए इस इंडस्ट्री की सफलता सुनिश्चित करने के लिए हर जरूरी कदम उठा रही है. SEMICON India 2026 के उद्घाटन के मौके पर प्रधानमंत्री ने कहा कि सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम तेजी से बढ़ रहा है, जिससे इनोवेशन, इन्वेस्टमेंट और ग्रोथ के नए मौके खुल रहे हैं.
12 चिप-मेकिंग प्रोजेक्ट्स को मिल चुकी है मंजूरी
उन्होंने कहा कि दुनिया को चिप मैन्युफैक्चरिंग के लिए नई और भरोसेमंद जगहों की जरूरत है और भारत इसके लिए खुद को तैयार कर रहा है. पीएम ने आगे कहा कि भारत सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग के लिए पसंदीदा जगह बनने की दिशा में हर जरूरी कदम उठा रहा है. प्रधानमंत्री ने बताया कि अब तक 12 चिप-मेकिंग प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी जा चुकी है और अगले चरण में इनकी संख्या और बढ़ेगी.
इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0
उन्होंने कहा कि ‘इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0’ के तहत बजट को पहले चरण के 8 अरब डॉलर से बढ़ाकर 13.5 अरब डॉलर कर दिया गया है. पीएम मोदी ने कहा, ‘चाहे पॉलिसी हो या रेगुलेटरी फ्रेमवर्क, आपकी (मैन्युफैक्चरर्स की) सफलता के लिए जो भी जरूरी है, सरकार उसे सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कोशिश कर रही है.’
उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है और भारत पर दुनिया का भरोसा भी बढ़ रहा है. उन्होंने इसके लिए पहली तिमाही की GDP ग्रोथ और जापानी रेटिंग एजेंसी JCRA द्वारा भारत की रेटिंग अपग्रेड करने का जिक्र किया.
ग्लोबल सप्लाई चेन पर निर्भरता कम करने की कोशिश
भारत एक पूरा सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम बनाने की कोशिश कर रहा है. इसमें चिप डिजाइन और असेंबली से आगे बढ़कर फैब्रिकेशन, एडवांस्ड पैकेजिंग, इक्विपमेंट, मटीरियल, रिसर्च और टैलेंट जैसे क्षेत्रों को शामिल किया जा रहा है, ताकि इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत किया जा सके और ग्लोबल सप्लाई चेन पर निर्भरता कम की जा सके.
भारत को उम्मीद है कि सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन को कुछ खास मैन्युफैक्चरिंग हब से हटाकर अलग-अलग जगहों पर फैलाने की ग्लोबल कोशिशों से देश को एक बड़े चिप-मेकिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग हब के तौर पर स्थापित करने में मदद मिल सकती है.
अरबों डॉलर के इंसेंटिव का दम
अरबों डॉलर के इंसेंटिव के दम पर, नई दिल्ली ग्लोबल मैन्युफैक्चरर्स को आकर्षित कर रही है और अपने इंजीनियरिंग टैलेंट, बड़े कंज्यूमर मार्केट और रणनीतिक स्थिति का फायदा उठा रही है. इसका मकसद चिप डिजाइन, फैब्रिकेशन, पैकेजिंग और टेस्टिंग को कवर करने वाली एक पूरी इंडस्ट्री बनाना है.
गुरुवार को ‘अप्लाइड मटीरियल्स’ ने ‘विजन 2035’ के तहत 5 अरब डॉलर के इन्वेस्टमेंट का ऐलान किया, ताकि भारत के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को ग्लोबल वैल्यू चेन से जोड़ा जा सके.
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