PM Modi Birthday: 1 साल में कितनी बदली भारत की इकोनॉमी? GDP से UPI तक देखें पूरा हिसाब

पिछले एक साल में भारत की इकोनॉमी में GDP ग्रोथ, मैन्युफैक्चरिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर स्पेंडिंग, एक्सपोर्ट और डिजिटल इकोनॉमी से जुड़े प्रमुख आंकड़े बताते हैं कि इस दौरान आर्थिक गतिविधियों में किस तरह बदलाव आया. Financial Year 2026-27 की पहली तिमाही में Real GDP Growth 7.8% रही, जबकि मैन्युफैक्चरिंग ग्रोथ 9.2% दर्ज की गई.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जन्मदिन Image Credit: tv9 bharatvarsh

Highlights

  • Financial Year 2026-27 की पहली तिमाही में Real GDP ग्रोथ 7.8% रही.
  • Q1FY27 में मैन्युफैक्चरिंग ग्रोथ 9.2% रही.
  • जुलाई 2026 में कुल Merchandise और Service Export 80.14 Billion डॉलर रहा.

PM Modi Birthday: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 सितंबर को अपना 76वां जन्मदिन मना रहे हैं. इस मौके पर अगर पिछले एक साल के दौरान भारत की इकोनॉमी से जुड़े प्रमुख आंकड़ों पर नजर डालें, तो GDP ग्रोथ, मैन्युफैक्चरिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर, एक्सपोर्ट और डिजिटल इकोनॉमी जैसे क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण बदलाव दिखाई देते हैं. इन आंकड़ों से देश में आर्थिक गतिविधियों की दिशा को समझने में मदद मिलती है.

GDP ग्रोथ में कितना बदलाव आया

भारत की इकोनॉमी के लिए GDP ग्रोथ सबसे अहम संकेतकों में से एक है. Financial Year 2026-27 की पहली तिमाही यानी अप्रैल से जून के दौरान Real GDP ग्रोथ 7.8% रही. पिछले साल इसी अवधि में GDP Growth 6.9% दर्ज की गई थी. यानी एक साल के अंतराल में ग्रोथ रेट में करीब 0.9 Percentage Point की बढ़ोतरी हुई. इस दौरान सर्विस सेक्टर के साथ मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही. पहली तिमाही के GDP आंकड़े इकोनॉमिस्ट्स के अनुमानों से बेहतर रहे. इससे आर्थिक गतिविधियों में बनी मजबूती का संकेत मिलता है.

मैन्युफैक्चरिंग में बढ़ी रफ्तार

मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को इकोनॉमी की ग्रोथ का अहम हिस्सा माना जा रहा है. सरकार की ओर से मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल, EV, बैटरी और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में डोमेस्टिक प्रोडक्शन बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है. इसका उद्देश्य भारत की ग्लोबल सप्लाई चेन में हिस्सेदारी बढ़ाना और इम्पोर्ट डिपेंडेंस को कम करना है. मैन्युफैक्चरिंग से केवल बड़े प्लांट्स को ही फायदा नहीं मिलता, बल्कि सप्लायर्स, ट्रांसपोर्ट और दूसरे सपोर्टिंग बिजनेसेज में भी गतिविधियां बढ़ती हैं. उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, Q1FY27 में मैन्युफैक्चरिंग ग्रोथ 9.2% रही.

इंफ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ा गवर्नमेंट स्पेंडिंग

इंफ्रास्ट्रक्चर में इन्वेस्टमेंट भी पिछले कुछ वर्षों से इकोनॉमी के प्रमुख ग्रोथ ड्राइवर्स में शामिल है. सरकार रोड्स, हाईवेज, रेलवे, एयरपोर्ट और पोर्ट जैसे क्षेत्रों में कैपिटल एक्सपेंडिचर बढ़ा रही है. इकोनॉमिक सर्वे 2025-26 के मुताबिक, सेंट्रल गवर्नमेंट का कैपिटल एक्सपेंडिचर FY2022 में 5.92 लाख करोड़ रुपये था. यह FY2026 के बजट एस्टिमेट में बढ़कर 11.21 लाख करोड़ रुपये हो गया. इंफ्रास्ट्रक्चर स्पेंडिंग का असर कंस्ट्रक्शन के साथ सीमेंट, स्टील, ऑटोमोबाइल और लॉजिस्टिक्स जैसी कई इंडस्ट्रीज पर भी पड़ता है.

एक्सपोर्ट में भी हुई बढ़ोतरी

भारत की इकोनॉमी में एक्सपोर्ट और सर्विस सेक्टर की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण बनी हुई है. देश इंजीनियरिंग गुड्स, फार्मास्यूटिकल्स, पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स, टेक्सटाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे कई प्रोडक्ट्स का एक्सपोर्ट करता है. वहीं IT और बिजनेस सर्विसेज भारत के सर्विस एक्सपोर्ट का बड़ा हिस्सा हैं.

जुलाई 2026 में भारत का कुल मर्चेंडाइज और सर्विस एक्सपोर्ट अनुमानित 80.14 बिलियन डॉलर रहा. यह जुलाई 2025 के मुकाबले 13.31% अधिक है. एक्सपोर्ट में बढ़ोतरी से भारतीय बिजनेसेज को इंटरनेशनल मार्केट्स में विस्तार का मौका मिलता है और देश में फॉरेन एक्सचेंज भी आता है.

डिजिटल इकोनॉमी और UPI का विस्तार

डोमेस्टिक कंजम्पशन और इन्वेस्टमेंट के साथ डिजिटल इकोनॉमी भी भारत की आर्थिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है. डिजिटल पेमेंट्स के विस्तार ने कंज्यूमर्स और बिजनेसेज के बीच ट्रांजैक्शन को आसान बनाया है. NPCI के आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त 2026 में UPI पर 24.51 बिलियन ट्रांजैक्शंस हुए. इन ट्रांजैक्शंस की कुल वैल्यू करीब 29.82 लाख करोड़ रुपये रही.

UPI का इस्तेमाल छोटे कारोबार से लेकर बड़े बिजनेसेज तक तेजी से बढ़ा है. कुल मिलाकर, पिछले एक साल के आंकड़ों में GDP ग्रोथ, मैन्युफैक्चरिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर स्पेंडिंग, एक्सपोर्ट और डिजिटल पेमेंट्स से जुड़े कई महत्वपूर्ण बदलाव सामने आते हैं.

यह भी पढ़ें: 69 करोड़ रुपये का सोलर ऑर्डर मिलते ही शेयर में आया तूफान, 20% का लगा अपर सर्किट; 4 महीने में पूरा करेगी काम