कैबिनेट की बड़ी सौगात! गोबरधन योजना और हाईवे प्रोजेक्ट को मंजूरी, ₹32,701 करोड़ होंगे निवेश

केंद्रीय कैबिनेट ने 32701 करोड़ रुपये की दो बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी दी है. इनमें 23731 करोड़ रुपये की GOBARdhan बायोगैस योजना और 8970.20 करोड़ रुपये का गुवाहाटी-तेजपुर फोर-लेन हाईवे शामिल है. सरकार का कहना है कि इससे ऊर्जा आत्मनिर्भरता बढ़ेगी, किसानों की आय में मदद मिलेगी और असम में सड़क संपर्क तेज होगा.

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव. Image Credit: PTI Images

Cabinet Approves GOBARdhan Scheme: केंद्र सरकार ने गुरुवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में दो बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी दी. इनमें 23731 करोड़ रुपये की GOBARdhan (Galvanizing Organic Bio-Agro Resources Dhan) और 8970.20 करोड़ रुपये की गुवाहाटी-तेजपुर कॉरिडोर परियोजना शामिल है. दोनों योजनाओं की कुल लागत 32701 करोड़ रुपये है.

क्या है GOBARdhan योजना?

GOBARdhan योजना वित्त वर्ष 2026-27 से 2035-36 तक लागू रहेगी. इसका मकसद कृषि अवशेष, गोबर, प्रेसमड, नगर निकायों के जैविक कचरे और दूसरे बायोमास से Compressed Biogas (CBG), जैविक खाद और ग्रामीण आय के नए सोर्स तैयार करना है. इस योजना का संचालन पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय करेगा.

सरकार ने इसकी जरूरत क्यों बताई?

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारत अपनी प्राकृतिक गैस की करीब 50 फीसदी जरूरत आयात से पूरी करता है. हाल के भू-राजनीतिक घटनाक्रमों के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज मार्ग प्रभावित हुआ, जिससे भारत के 55 से 60 फीसदी LNG आयात पर असर पड़ा है.

सरकार का कहना है कि ऐसे समय में ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनना जरूरी है और CBG इसका महत्वपूर्ण विकल्प बन सकता है.

योजना के छह बड़े आधार

सरकार ने योजना के तहत छह प्रमुख प्रावधान किए हैं.

  • CBG ब्लेंडिंग अनिवार्यता: City Gas Distribution कंपनियों को FY27 में 3%, FY28 में 4% और FY29 से 5% CBG मिश्रण करना होगा.
  • स्थिर कीमत: सरकार ने CBG की कीमत 2110 प्रति रुपये MMBTU तय की है और उत्पादकों के लिए कम से कम 10 वर्षों तक राजस्व का भरोसा दिया है.
  • पूंजी सहायता: पात्र ग्रीनफील्ड CBG परियोजनाओं को स्थापित क्षमता के प्रति टन प्रतिदिन पर 2 करोड़ रुपये तक की सहायता मिलेगी. ब्राउनफील्ड विस्तार भी इसके दायरे में रहेगा.
  • पाइपलाइन नेटवर्क: CBG संयंत्रों को मुख्य पाइपलाइन और City Gas Distribution नेटवर्क से जोड़ने के लिए बुनियादी ढांचा विकसित किया जाएगा.
  • क्रेडिट गारंटी: MSME, महिला उद्यमियों और पहली बार परियोजना शुरू करने वालों के लिए विशेष क्रेडिट गारंटी व्यवस्था होगी.
  • CBG Ecosystem Challenge Fund: जिला स्तर पर फीडस्टॉक मैपिंग, तकनीक अपनाने और क्षमता निर्माण को बढ़ावा दिया जाएगा.

क्या होंगे फायदे?

सरकार के अनुसार इस योजना से देश में CBG उत्पादन करीब 10 गुना तक बढ़ सकता है. इससे किसानों और बायोमास एकत्र करने वालों की आय बढ़ेगी, जैविक खाद को बढ़ावा मिलेगा और ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कमी आएगी.

असम में बनेगा नया हाईवे कॉरिडोर

इसके अलावा कैबिनेट की आर्थिक मामलों की समिति (CCEA) ने असम में 135.871 किलोमीटर लंबे गुवाहाटी-तेजपुर कॉरिडोर को भी मंजूरी दी है. यह परियोजना NH-15 पर चार लेन एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे के रूप में विकसित होगी. इसकी लागत 8970.20 करोड़ रुपये होगी. यह परियोजना Build-Operate-Transfer (BOT) Toll Mode के तहत बनाई जाएगी.

हाईवे में क्या-क्या बनेगा?

परियोजना के तहत कई बड़े निर्माण कार्य किए जाएंगे.

  • 58.7 किलोमीटर लंबे 5 बाईपास
  • 15 बड़े और 30 छोटे पुल
  • 19 फ्लाईओवर
  • 46 अंडरपास
  • 210 किलोमीटर सर्विस रोड
  • तेजपुर बाईपास पर 4.9 किलोमीटर लंबी Emergency Landing Facility, जिसे भारतीय वायुसेना के साथ मिलकर तैयार किया जाएगा.
  • एक Elephant Underpass भी बनाया जाएगा.

यात्रियों को क्या फायदा होगा?

सरकार का कहना है कि इस हाईवे के बनने से यात्रा की औसत रफ्तार दोगुनी हो जाएगी और यात्रा का समय करीब आधा रह जाएगा. साथ ही सड़क सुरक्षा बेहतर होगी, ईंधन की बचत होगी और वाहन संचालन की लागत कम होगी. यह कॉरिडोर 8 PM Gati Shakti Economic Nodes, 2 सामाजिक नोड, 3 पर्यटन स्थल (कामाख्या मंदिर, काजीरंगा नेशनल पार्क और ओरांग नेशनल पार्क) तथा 7 लॉजिस्टिक्स नोड को बेहतर कनेक्टिविटी देगा.

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