SIP करें या फिर STP, किसमें बनेगा ज्यादा पैसा? निवेश से पहले समझ लें
Mutual Funds में एकमुश्त इन्वेस्टमेंट, खासकर सिस्टमैटिक ट्रांसफर प्लान (STP) के जरिए, मार्केट में एंट्री के लिए एक स्ट्रक्चर्ड तरीका देता है. हालांकि, ऐसी स्ट्रेटेजी, खासकर कम समय के इन्वेस्टमेंट के लिए कितनी सही है, इस पर एक्सपर्ट की राय जरूरी है. एक आम सवाल यह है कि DSP मल्टी एसेट फंड में तीन से चार साल के सीमित समय के लिए 7 लाख जैसी बड़ी रकम इन्वेस्ट की जाए या नहीं?
हालांकि DSP जैसे मल्टी एसेट फंड, डेट, इक्विटी, गोल्ड और इंटरनेशनल एक्सपोजर सहित अलग-अलग एसेट क्लास में डायवर्सिफिकेशन देते हैं, लेकिन कम समय के इन्वेस्टमेंट में चुनौतियां होती हैं. एक्सपर्ट चेतावनी देते हैं कि सिर्फ तीन से चार साल में इक्विटी मार्केट का परफॉर्मेंस कैसा रहेगा, इसका अंदाजा नहीं लगाया जा सकता, जिससे कैपिटल बचाने का रिस्क हो सकता है.
शॉर्ट-टर्म गेन पर टैक्स के असर पर भी विचार करने की जरूरत है. ऐसे हालात के लिए, सुझावों में इक्विटी सेविंग्स फंड के बारे में सोचना शामिल है, जो कम रिटर्न देते हैं लेकिन कैपिटल सेफ्टी ज्यादा देते है या एकमुश्त रकम को स्ट्रेटेजी के हिसाब से बांटकर, एक हिस्सा सुरक्षित जगहों पर लगाना शामिल है.
