ऑड-इवेन की वापसी, इस राज्य में हुआ लागू; जानें- कब से कब तक चलेंगे पब्लिक ट्रांसपोर्ट

यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस अपील के बाद उठाया गया, जिसमें उन्होंने पश्चिम एशिया संकट को देखते हुए लोगों से ईंधन की खपत कम करने और अधिक समझदारी से खर्च करने का आग्रह किया था. राज्य परिवहन विभाग द्वारा जारी एक अधिसूचना के अनुसार, यह नई व्यवस्था 18 मई से लागू होगी.

सिक्किम सरकार ने लागू किया ऑड-ईवन. Image Credit: Getty image

ईंधन की खपत को कम करने के लिए सिक्किम सरकार ने सोमवार (18 मई, 2026) को पूरे राज्य में ‘ऑड-ईवन’ वाहन प्रतिबंध नियम लागू कर दिया है. सरकार ने यात्रियों को होने वाली असुविधा को कम करने के लिए सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत किया है. यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस अपील के बाद उठाया गया, जिसमें उन्होंने पश्चिम एशिया संकट को देखते हुए लोगों से ईंधन की खपत कम करने और अधिक समझदारी से खर्च करने का आग्रह किया था.

गंगटोक में कब से कब तक चलेंगी बसें?

राज्य परिवहन विभाग द्वारा जारी एक अधिसूचना के अनुसार, यह नई व्यवस्था 18 मई से लागू होगी. एक अधिकारी ने बताया कि इस पहल के तहत, गंगटोक में ‘सिटी रनर’ बस सेवाएं रानीपूल-सचिवालय-रानीपूल मार्ग पर सुबह 7 बजे से रात 8 बजे तक हर 30 मिनट के अंतराल पर चलेंगी, ताकि ‘ऑड-ईवन’ वाहन प्रतिबंध से प्रभावित यात्रियों को सुविधा मिल सके.

शनिवार और रविवार को भी चलेंगे पब्लिक ट्रांसपोर्ट

उन्होंने कहा कि जनता की आवाजाही में कोई रुकावट न आए, यह सुनिश्चित करने के लिए शनिवार और रविवार को सभी सार्वजनिक परिवहन सेवाएं चालू रहेंगी. इसके अलावा, सिक्किम नेशनल ट्रांसपोर्ट (SNT) की सभी बसें, जो वर्तमान में छह जिलों में निर्धारित मार्गों पर चल रही हैं, अपनी सेवाएं बिना किसी रुकावट के जारी रखेंगी.

राज्य में रजिस्टर्ड टैक्सियों की संख्या

नोटिफिकेशन में यह साफ किया गया कि टैक्सियां, परमिट में बताए गए रूट के अनुसार, लोकल और इंटर-डिस्ट्रिक्ट, दोनों तरह के ट्रांसपोर्टेशन के लिए चालू रहेंगी. राज्य में रजिस्टर्ड टैक्सियों की कुल संख्या 15,548 है और मैक्सी कैब की संख्या 6,474 है. विभाग ने बताया कि इन उपायों का मकसद ऑड-ईवन रेगुलेशन सिस्टम लागू रहने के दौरान यात्रियों को होने वाली परेशानी को कम करना और पब्लिक ट्रांसपोर्ट सेवाओं को सुचारू रूप से चलाना है.

परिवहन विभाग ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य ईंधन संरक्षण और यात्रियों की सुविधा के बीच संतुलन बनाना है, ताकि ऑड-ईवन सिस्टम के लागू रहने के दौरान भी सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रहे.

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