माइनिंग एंड लॉजिस्टिक्स कंपनी का आ रहा IPO, प्राइस बैंड ₹402-424 पर तय, जानें- कब होगा ओपन

Caliber Mining & Logistics IPO: 2014 में शुरू हुई कैलिबर माइनिंग एंड लॉजिस्टिक्स एक व्यापक माइनिंग सर्विस फर्म है जो कोयला निकालने और लॉजिस्टिक्स पर फोकस करती है. कंपनी मुख्य रूप से कोल इंडिया की सब्सिडियरी कंपनियों को सर्विस देती है.

कैलिबर माइनिंग एंड लॉजिस्टिक्स आईपीओ Image Credit: Canva/Money9live

Caliber Mining & Logistics IPO: कैलिबर माइनिंग एंड लॉजिस्टिक्स लिमिटेड के IPO के लिए प्राइस बैंड 10 रुपये की फेस वैल्यू वाले हर इक्विटी शेयर के लिए 402 रुपये से 424र रुपये तय किया गया है. कैलिबर माइनिंग एंड लॉजिस्टिक्स IPO के लिए सब्सक्रिप्शन शुक्रवार, 17 जुलाई से शुरू होगा और मंगलवार 21 जुलाई को बंद होगा. कैलिबर माइनिंग एंड लॉजिस्टिक्स IPO के लिए एंकर इन्वेस्टर्स को शेयर अलॉटमेंट गुरुवार, 16 जुलाई को होगा.

IPO का लॉट साइज

कैलिबर माइनिंग एंड लॉजिस्टिक्स IPO का लॉट साइज 35 इक्विटी शेयर है और इसके बाद 35 इक्विटी शेयरों के मल्टीपल में है. कैलिबर माइनिंग एंड लॉजिस्टिक्स IPO में पब्लिक इश्यू के तहत क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए 50 फीसदी शेयर रिजर्व रखे गए हैं.

नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) के लिए कम से कम 15 फीसदी शेयर रिजर्व हैं और रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए ऑफर का कम से कम 35 फीसदी हिस्सा रिजर्व है.

ऑलटमेंट और लिस्टिंग

कैलिबर माइनिंग एंड लॉजिस्टिक्स IPO के तहत शेयरों के अलॉटमेंट का आधार बुधवार, 22 जुलाई को तय किया जाएगा और कंपनी गुरुवार, 23 जुलाई को रिफंड की प्रक्रिया शुरू करेगी. रिफंड के बाद उसी दिन अलॉटियों के डीमैट अकाउंट में शेयर क्रेडिट कर दिए जाएंगे. कैलिबर माइनिंग एंड लॉजिस्टिक्स के शेयरों की लिस्टिंग शुक्रवार, 24 जुलाई को BSE और NSE पर होने की संभावना है.

कैलिबर माइनिंग एंड लॉजिस्टिक्स IPO डिटेल्स

इस IPO में 94 लाख इक्विटी शेयरों का नया इश्यू शामिल है, जिसकी कुल कीमत 400 करोड़ रुपये है. साथ ही, मौजूदा शेयरधारकों द्वारा 12 लाख इक्विटी शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) भी है, जिनकी कीमत 50 करोड़ रुपये है. OFS में प्रमोटर मोहित सतीशकुमार चड्ढा, अनुज कृष्णलाल चड्ढा, मनीष कृष्णलाल चड्ढा और राहुल रोशनलाल चड्ढा द्वारा बेचे जाने वाले शेयर शामिल हैं.

फंड का क्या करेगी कंपनी?

कंपनी फ्रेश इश्यू से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल कर्ज कम करने और अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने के लिए करने की योजना बना रही है. कुल रकम में से 175 करोड़ रुपये कुछ कर्ज चुकाने या समय से पहले चुकाने के लिए तय किए गए हैं, जबकि 200 करोड़ रुपये का इस्तेमाल मशीनरी खरीदने जैसे कैपिटल एक्सपेंडिचर (कैपेएक्स) के लिए किया जाएगा. बाकी रकम का इस्तेमाल सामान्य कॉरपोरेट कामों के लिए किया जाएगा.

DAM कैपिटल एडवाइजर्स लिमिटेड इस इश्यू की बुक-रनिंग लीड मैनेजर है, जबकि KFin टेक्नोलॉजीज लिमिटेड को रजिस्ट्रार नियुक्त किया गया है.

कंपनी का कारोबार

2014 में शुरू हुई कैलिबर माइनिंग एंड लॉजिस्टिक्स एक व्यापक माइनिंग सर्विस फर्म है जो कोयला निकालने और लॉजिस्टिक्स पर फोकस करती है. इसकी सेवाएं माइनिंग वैल्यू चेन के सभी पहलुओं को कवर करती हैं, जैसे ओवरबर्डन हटाना, कोयले की लोडिंग और अनलोडिंग, सड़क परिवहन और रेल लॉजिस्टिक्स कोऑर्डिनेशन, जिससे यह माइनिंग और लॉजिस्टिक्स समाधानों की पूरी सेवा देने वाली कंपनी बन गई है.

कंपनी मुख्य रूप से कोल इंडिया की सब्सिडियरी कंपनियों को सर्विस देती है, जिसमें वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (WCL) और नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (NCL) इसके प्रमुख क्लाइंट हैं.

लॉजिस्टिक्स सर्विस का विस्तार

कैलिबर FY16 से कोयला लॉजिस्टिक्स सेक्टर में सक्रिय है और कोयला परिवहन के लिए व्यापक सॉल्यूशन देती है. FY23 के दौरान, कंपनी ने आयरन ओर (लौह अयस्क) इंडस्ट्री में कदम रखकर अपनी लॉजिस्टिक्स सेवाओं का विस्तार किया. इसकी माइनिंग और ओवरबर्डन हटाने की गतिविधियां महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में फैली हुई हैं.

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