Indian Gas Exchange लाएगी IPO, SEBI के पास जमा किया DRHP, जानें निवेशकों के लिए क्या है खास
Indian Gas Exchange (IGX) ने IPO के लिए SEBI के पास DRHP दाखिल किया है. यह इश्यू पूरी तरह ऑफर फॉर सेल होगा, जिसके तहत प्रमोटर Indian Energy Exchange (IEX) 1.67 करोड शेयर बेचेगी. IPO से IGX को कोई नई कैपिटल नहीं मिलेगी. IEX अपनी हिस्सेदारी 47.28 फीसदी से घटाकर 25 फीसदी करने की तैयारी में है.

Indian Gas Exchange IPO: देश के गैस ट्रेडिंग सेक्टर की प्रमुख कंपनी इंडियन गैस एक्सचेंज यानी IGX ने अपने IPO की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. कंपनी ने SEBI के पास ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस यानी DRHP दाखिल कर दिया है. यह IPO पूरी तरह ऑफर फॉर सेल होगा, इसलिए कंपनी को इससे कोई नई कैपिटल नहीं मिलेगी. प्रमोटर इंडियन एनर्जी एक्सचेंज यानी IEX अपनी हिस्सेदारी का एक हिस्सा बेचेगी. लिस्टिंग के बाद कंपनी की बाजार में मौजूदगी और मजबूत होने की उम्मीद है.
पूरी तरह ऑफर फॉर सेल होगा IPO
IGX का IPO पूरी तरह ऑफर फॉर सेल होगा. इसके तहत प्रमोटर कंपनी IEX 10 रुपये फेस वैल्यू वाले 1.67 करोड इक्विटी शेयर बेचेगी. इस इश्यू से मिलने वाली पूरी रकम प्रमोटर को जाएगी. कंपनी को IPO से कोई नया फंड नहीं मिलेगा. फिलहाल IPO के खुलने और बंद होने की तारीख का एलान नहीं किया गया है.
IEX घटाएगी अपनी हिस्सेदारी
अभी IEX के पास IGX में 47.28 फीसदी हिस्सेदारी है. गैस एक्सचेंज रेगुलेशन 2020 के तहत इसे घटाकर 25 फीसदी करना जरूरी है. इसी नियम का पालन करने के लिए IEX अपनी हिस्सेदारी बेच रही है. हालांकि IPO के बाद भी IEX कंपनी में महत्वपूर्ण हिस्सेदारी बनाए रखेगी और कंपनी के अहम फैसलों पर उसका प्रभाव बना रहेगा.
क्या हासिल करना चाहती है कंपनी
कंपनी का कहना है कि इस IPO का मुख्य उद्देश्य शेयर बाजार में लिस्ट होना है. लिस्टिंग से कंपनी की बाजार में पहचान और भरोसा मजबूत होगा. इससे निवेशकों के बीच ट्रांसपेरेंसी भी बढ़ेगी और भविष्य में कारोबार को विस्तार देने में मदद मिलेगी. हालांकि कंपनी को इस इश्यू से कोई डायरेक्ट कैपिटल नहीं मिलेगी.
निवेशकों के लिए कौन से जोखिम
DRHP के अनुसार कंपनी का कारोबार गैस ट्रेडिंग वॉल्यूम पर काफी निर्भर है. यदि एक्सचेंज पर कारोबार नहीं बढ़ता तो इसका असर कंपनी की आय पर पड़ सकता है. इसके अलावा नेचुरल गैस की सप्लाई में बाधा, पाइपलाइन नेटवर्क की उपलब्धता और सरकारी नीतियों में बदलाव भी कारोबार को प्रभावित कर सकते हैं.
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रेगुलेटरी और कारोबार से जुड़ी चुनौतियां
IGX को गैस एक्सचेंज रेगुलेशन 2020 के सभी नियमों का पालन करना होता है. नियमों के उल्लंघन की स्थिति में कारोबार और कैश फ्लो प्रभावित हो सकता है. कंपनी की आमदनी कुछ चुनिंदा बड़े ग्राहकों पर भी निर्भर है. साथ ही थर्ड पार्टी सेवाओं और कर्ज भुगतान से जुडे़ रिस्क का भी कंपनी ने DRHP में उल्लेख किया है.