वाराणसी की बदलेगी तस्वीर, दो मेगा एलिवेटेड कॉरिडोर को कैबिनेट से मिली मंजूरी; ₹25446 करोड़ होंगे खर्च
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने वाराणसी में 25,446 करोड़ रुपये की लागत से दो मेगा एलिवेटेड रोड कॉरिडोर को मंजूरी दी है. इन परियोजनाओं से वाराणसी के ट्रैफिक जाम में कमी आने, काशी विश्वनाथ टेंपल, एयरपोर्ट और रिंग रोड तक बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है. इसके अलावा सेमिकॉन 2.0, मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग स्कीम, यूरिया पॉलिसी और रेल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को भी मंजूरी मिली है.
Varanasi Elevated Corridor: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी को बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर सौगात मिली है. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को 2.19 लाख करोड़ रुपये से अधिक के महत्वाकांक्षी पैकेज को मंजूरी दी, जिसमें सबसे बड़ा फोकस वाराणसी के ट्रैफिक सिस्टम को आधुनिक बनाने, सेमिकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग, मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग, यूरिया पॉलिसी और रेल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर है. इस पैकेज के तहत अकेले वाराणसी में 25,446 करोड़ रुपये की लागत से दो बड़े एलिवेटेड रोड कॉरिडोर बनाए जाएंगे. इनसे शहर में जाम की समस्या कम होने के साथ-साथ काशी विश्वनाथ टेंपल, एयरपोर्ट और आसपास के राज्यों तक कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है.
वाराणसी में बनेंगे दो मेगा एलिवेटेड कॉरिडोर
कैबिनेट ने वाराणसी में दो अलग-अलग एलिवेटेड रोड कॉरिडोर को मंजूरी दी है. पहला वरुणा रिवर के किनारे बनाया जाएगा, जिसकी लागत 10,998 करोड़ रुपये होगी. यह 4 या 6 लेन का कॉरिडोर होगा. दूसरा गंगा रिवर के किनारे 6 लेन का एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया जाएगा, जिस पर 14,448 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे.
दोनों परियोजनाओं की कुल लागत 25,446 करोड़ रुपये होगी. इनका उद्देश्य वाराणसी के पुराने शहर, घाटों और मंदिरों के आसपास वर्षों से बनी ट्रैफिक समस्या को कम करना है.
काशी विश्वनाथ टेंपल से एयरपोर्ट तक बेहतर होगी कनेक्टिविटी
इन दोनों कॉरिडोर को वाराणसी रिंग रोड से जोड़ा जाएगा. साथ ही नमो घाट के पास एक बड़ा इंटरचेंज भी बनाया जाएगा. इससे काशी विश्वनाथ टेंपल, लाल बहादुर शास्त्री इंटरनेशनल एयरपोर्ट और मध्य प्रदेश, बिहार तथा झारखंड की ओर जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों तक सीधी और तेज कनेक्टिविटी मिलेगी.
परियोजना पूरी होने के बाद शहर के भीतर और बाहर आने-जाने वाले वाहनों का दबाव पुराने शहर में कम होगा. इससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ हर साल आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भी बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है.
NHAI तैयार करेगा मेगा इंफ्रास्ट्रक्चर नेटवर्क
ये दोनों कॉरिडोर NHAI की उस व्यापक इंफ्रास्ट्रक्चर योजना का हिस्सा हैं, जिसके तहत वाराणसी में आधुनिक सड़क नेटवर्क विकसित किया जा रहा है. इस योजना में 6 लेन हाईवे और 4 लेन रेलवे लाइन को जोड़ने वाला एक डबल-डेकर सिग्नेचर ब्रिज भी प्रस्तावित है. इससे शहर की लॉजिस्टिक्स क्षमता और यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव आने की संभावना है.
सेमिकंडक्टर और मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग को भी बड़ा प्रोत्साहन
वाराणसी परियोजनाओं के अलावा कैबिनेट ने सेमिकॉन 2.0 को 1,27,500 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है. इसका उद्देश्य भारत में सेमिकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग, चिप पैकेजिंग और चिप डिजाइन क्षमता को बढ़ाना है. इसके साथ ही मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग स्कीम को 62,500 करोड़ रुपये का आवंटन मिला है.
सरकार का लक्ष्य भारत को वैश्विक मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में और मजबूत बनाना है. पिछले एक दशक में देश का इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन कई गुना बढ़ा है और नई योजना से इस क्षेत्र में निवेश और रोजगार, दोनों बढ़ने की उम्मीद है.
यूरिया पॉलिसी और रेल प्रोजेक्ट्स को भी मिली मंजूरी
कैबिनेट ने नेशनल इन्वेस्टमेंट पॉलिसी फॉर यूरिया 2026 को भी मंजूरी दी है. इस नीति का उद्देश्य देश में यूरिया प्रोडक्शन बढ़ाना और आयात पर निर्भरता कम करना है. इसके अलावा, पूर्वी भारत में दो महत्वपूर्ण रेल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को भी हरी झंडी मिली है.
पारादीप-हरिदासपुर रेल लाइन के दोहरीकरण के लिए 2,542 करोड़ रुपये और डांगोआपोसी-राजखरसावां के बीच चौथी रेल लाइन बिछाने के लिए 1,365 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं. इन परियोजनाओं से ओडिशा और झारखंड के खनिज क्षेत्रों में माल ढुलाई और यात्री परिवहन क्षमता बढ़ेगी.
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