लैंड टोकनाइजेशन पर देश का पहला कानून लाएगी ये सरकार, ब्लॉकचेन फ्रेमवर्क भी होगा तैयार

महाराष्ट्र सरकार देश का पहला लैंड टोकनाइजेशन लेजिस्लेटिव और ब्लॉकचेन-बेस्ड फ्रेमवर्क तैयार करने की दिशा में काम कर रही है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 में इसकी घोषणा की. प्रस्तावित महाराष्ट्र डिजिटाइजेशन एंड एक्सचेंज ऑफ लैंड टोकनाइजेशन एक्ट के जरिए लैंड टोकनाइजेशन को कानूनी और तकनीकी आधार देने की योजना है.

लैंड टोकनाइजेशन Image Credit: ai/canva

Highlights

  • महाराष्ट्र देश का पहला लैंड टोकनाइजेशन लेजिस्लेटिव फ्रेमवर्क तैयार करेगा.
  • ब्लॉकचेन फ्रेमवर्क के लिए BSE, NSE और SEBI की एक्सपर्टीज ली जा रही है.
  • महाराष्ट्र को फिनटेक इनोवेशन के बड़े टेस्टबेड के रूप में विकसित करने की तैयारी है.

Land Tokenisation: महाराष्ट्र सरकार लैंड टोकनाइजेशन को लेकर देश का पहला लेजिस्लेटिव और ब्लॉकचेन-बेस्ड फ्रेमवर्क तैयार करने की दिशा में काम कर रही है. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 9 सितंबर को मुंबई में आयोजित ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 में इसकी घोषणा की. उन्होंने कहा कि राज्य में प्रस्तावित महाराष्ट्र डिजिटाइजेशन एंड एक्सचेंज ऑफ लैंड टोकनाइजेशन एक्ट के लिए जरूरी आर्किटेक्चर तैयार किया जा रहा है. इस फ्रेमवर्क के जरिए लैंड टोकनाइजेशन को कानूनी और तकनीकी आधार देने की योजना है.

देश का पहला लेजिस्लेटिव फ्रेमवर्क बनाने की तैयारी

देवेंद्र फडणवीस के मुताबिक, महाराष्ट्र देश का पहला ऐसा राज्य बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जहां लैंड टोकनाइजेशन के लिए एक लेजिस्लेटिव फ्रेमवर्क स्थापित किया जाएगा. इसके साथ ब्लॉकचेन फ्रेमवर्क भी तैयार किया जा रहा है.

इस फ्रेमवर्क को विकसित करने में सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया, BSE और NSE समेत कई इंस्टीट्यूशंस की एक्सपर्टीज ली जा रही है. इसके अलावा इंडस्ट्री और एकेडेमिया से जुड़े विशेषज्ञों को भी इस प्रक्रिया में शामिल किया जा रहा है.

महाराष्ट्र को फिनटेक टेस्टबेड बनाने की तैयारी

ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 में महाराष्ट्र सरकार ने राज्य को फिनटेक इनोवेशन के बड़े टेस्टबेड के रूप में पेश किया. फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र को केवल एक मार्केट के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इसे एक लैबोरेटरी की तरह इस्तेमाल किया जाना चाहिए.

उन्होंने फिनटेक कंपनियों और इनोवेटर्स से महाराष्ट्र में अपने सॉल्यूशंस को बड़े स्तर पर टेस्ट करने का आह्वान किया. उनके मुताबिक, अगर कोई फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी सॉल्यूशन महाराष्ट्र में सफलतापूर्वक काम कर सकता है, तो उसे दुनिया के दूसरे हिस्सों में भी लागू किया जा सकता है.

मुंबई को ग्लोबल फिनटेक कैपिटल बनाने पर जोर

फडणवीस ने मुंबई को ग्लोबल फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी सेंटर के रूप में स्थापित करने पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा कि फाइनेंस का भविष्य अब केवल न्यूयॉर्क, लंदन और सिंगापुर जैसे ट्रेडिशनल फाइनेंशियल हब्स तक सीमित नहीं है. भारत तेजी से ग्लोबल फाइनेंस के भविष्य को आकार देने वाले प्रमुख देशों में शामिल हो रहा है.

उन्होंने कहा कि मुंबई ऐसा शहर बनना चाहिए, जहां ग्लोबल फाइनेंस का भविष्य डिजाइन किया जाए. उनके मुताबिक, आने वाली बड़ी ग्लोबल फिनटेक कंपनी मुंबई से निकल सकती है और रिस्पॉन्सिबल फाइनेंशियल AI में भी यहां से महत्वपूर्ण इनोवेशन हो सकता है.

पेमेंट्स के बाद क्रेडिट, इन्वेस्टमेंट और ओनरशिप पर फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की फिनटेक जर्नी में अब तक पेमेंट्स का डेमोक्रेटाइजेशन सबसे बड़ी उपलब्धि रही है. UPI और डिजिटल पेमेंट्स के विस्तार ने फाइनेंशियल सर्विसेज को बड़ी आबादी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.

अब अगली चुनौती क्रेडिट, इन्वेस्टमेंट और ओनरशिप को भी ज्यादा लोगों तक पहुंचाने की है. इसके लिए फिनटेक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, टोकनाइजेशन और ब्लॉकचेन जैसी टेक्नोलॉजीज की भूमिका अहम हो सकती है.

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