नई सड़कों की खराब क्वालिटी के बाद सरकार का बड़ा फैसला! जांच के लिए थर्ड-पार्टी इंस्पेक्शन एजेंसी की होगी नियुक्ति

पेट्रोलियम मंत्रालय के तहत आने वाली इंजीनियरिंग कंसल्टेंसी कंपनी EIL को शुरू में तीन साल के लिए काम पर रखा जाएगा. एजेंसी काम की क्वालिटी की जांच-पड़ताल करेगी और यह देखेगी कि कंस्ट्रक्शन, संबंधित कॉन्ट्रैक्ट में तय टेक्निकल स्पेसिफिकेशन्स और स्टैंडर्ड्स के मुताबिक है या नहीं.

क्वालिटी की जांच के लिए एजेंसी की होगी नियुक्ति. Image Credit: SW Photography/DigitalVision/Getty Images

Highlights

  • एजेंसी काम की क्वालिटी की जांच-पड़ताल करेगी.
  • EIL को शुरू में तीन साल के लिए काम पर रखा जाएगा.
  • अभी थर्ड-पार्टी क्वालिटी चेक इंडिपेंडेंट क्वालिटी ऑडिटर्स करते हैं.

सड़क परिवहन मंत्रालय लगभग 5,000 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे और नेशनल हाईवे के निर्माण के दौरान उनकी क्वालिटी की जांच के लिए इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड (EIL) को थर्ड-पार्टी इंस्पेक्शन एजेंसी के तौर पर नियुक्त करेगा. यह कदम सड़क परियोजनाओं में कमियों और उनके समय से पहले खराब होने को लेकर जताई जा रही चिंताओं के बीच उठाया जा रहा है.

तीन साल का कॉन्ट्रैक्ट

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, पेट्रोलियम मंत्रालय के तहत आने वाली इंजीनियरिंग कंसल्टेंसी कंपनी EIL को शुरू में तीन साल के लिए काम पर रखा जाएगा. इसके काम के दायरे में 770 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे, 2,200 किलोमीटर लंबे छह-लेन वाले हाईवे और लगभग 1,000-1,000 किलोमीटर लंबे चार-लेन और दो-लेन वाले नेशनल हाईवे शामिल होंगे.

जांच-पड़ताल करेगी एजेंसी

एजेंसी काम की क्वालिटी की जांच-पड़ताल करेगी और यह देखेगी कि कंस्ट्रक्शन, संबंधित कॉन्ट्रैक्ट में तय टेक्निकल स्पेसिफिकेशन्स और स्टैंडर्ड्स के मुताबिक है या नहीं.

थर्ड-पार्टी ऑडिट

यह कदम प्रधानमंत्री कार्यालय के उस निर्देश के बाद उठाया गया है जो इस साल की शुरुआत में सड़क परिवहन मंत्रालय को दिया गया था. इसमें हाईवे कंस्ट्रक्शन की क्वालिटी को बेहतर बनाने के लिए स्वतंत्र थर्ड-पार्टी ऑडिट शुरू करने को कहा गया था.

अभी कैसे होता है क्वालिटी चेक?

अभी, थर्ड-पार्टी क्वालिटी चेक इंडिपेंडेंट क्वालिटी ऑडिटर्स करते हैं. इनमें नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) और दूसरी लागू करने वाली एजेंसियों के साथ जुड़े रिटायर्ड सरकारी इंजीनियर शामिल होते हैं. अधिकारियों ने बताया कि यह नई व्यवस्था मौजूदा सिस्टम की प्रभावशीलता और इंडिपेंडेंट ऑडिटर्स से मिले फीडबैक को लेकर चिंता के कारण शुरू की गई है.

मंत्रालय ने क्यों उठाया यह कदम

EIL ने पहले भी हाईवे प्रोजेक्ट्स के लिए थर्ड-पार्टी क्वालिटी चेक किए हैं. इनमें ‘गोल्डन क्वाड्रिलैटरल’ का कंस्ट्रक्शन भी शामिल है, जो तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के समय शुरू किया गया एक बड़ा हाईवे डेवलपमेंट प्रोग्राम था. मंत्रालय का यह फैसला नेशनल हाईवे प्रोजेक्ट्स में क्वालिटी की कमियों और सड़कों व एक्सप्रेसवे के समय से पहले खराब होने या टूटने की घटनाओं को लेकर चिंता के बीच आया है.

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