AC में 1 टन, 1.5 टन और 2 टन का क्या मतलब है? कमरे की ठंडक से जुड़ा है यह आंकड़ा, वजन से नहीं
AC खरीदते समय आपने 1 टन, 1.5 टन और 2 टन जैसे आंकड़े जरूर देखे होंगे. लेकिन टन का मतलब AC का वजन नहीं है. इसकी कहानी पुराने जमाने में कमरों को ठंडा करने के लिए इस्तेमाल होने वाली बर्फ से जुड़ी है. आज टन के जरिए AC की गर्मी हटाने यानी कूलिंग क्षमता को मापा जाता है.
AC Ton Meaning: गर्मी के मौसम में एयर कंडीशनर यानी AC लोगों को राहत देता है. नया एसी खरीदते समय आपने 1 टन, 1.5 टन या 2 टन जैसे शब्द जरूर सुने होंगे. ऐसे में कई लोगों के मन में सवाल आता है कि आखिर AC की क्षमता को टन में क्यों मापा जाता है? क्या 1.5 टन AC का वजन वास्तव में 1.5 टन होता है? इसका जवाब है नहीं. AC में टन का कनेक्शन उसके वजन से नहीं, बल्कि उसकी कूलिंग क्षमता से है. इसके पीछे बर्फ से जुड़ी 100 साल से भी पुरानी कहानी है.
बर्फ से जुड़ा है AC के ‘टन’ का कनेक्शन
एयर कंडीशनर में रेफ्रिजरेंट का इस्तेमाल आम होने से पहले बड़े कमरों और इमारतों को ठंडा करने के लिए बर्फ के बड़े-बड़े ब्लॉक इस्तेमाल किए जाते थे. 1800 के दशक के आखिर और 1900 के दशक की शुरुआत में बड़े कूलिंग सिस्टम में बर्फ का इस्तेमाल होता था. इन बर्फ के ब्लॉक का वजन आमतौर पर करीब 1 टन यानी 2,000 पाउंड होता था. इसी वजह से समय के साथ कूलिंग सिस्टम की क्षमता बताने के लिए टन का इस्तेमाल शुरू हो गया.
बाद में एक टन का मतलब उस गर्मी की मात्रा से जोड़ा गया, जिसे 24 घंटे में एक टन बर्फ पिघलाने के लिए हटाना पड़ता है. समय के साथ एयर कंडीशनिंग सिस्टम में रेफ्रिजरेंट का इस्तेमाल शुरू हो गया, लेकिन कूलिंग क्षमता मापने के लिए ‘टन’ शब्द का इस्तेमाल जारी रहा.
1 टन AC का क्या मतलब है?
AC में टन उसकी गर्मी हटाने की क्षमता को बताता है. आसान भाषा में कहें तो AC जितनी तेजी से किसी कमरे या जगह से गर्मी बाहर निकाल सकता है, उसी आधार पर उसकी कूलिंग क्षमता तय होती है.
एक टन कूलिंग क्षमता 12,000 BTU प्रति घंटे के बराबर होती है. यानी 1 टन का AC एक घंटे में 12,000 BTU के बराबर गर्मी हटा सकता है.
इसी तरह 5 टन का एयर कंडीशनिंग सिस्टम 60,000 BTU प्रति घंटे की कूलिंग क्षमता के बराबर होता है. 60,000 BTU कहने के बजाय इसे 5 टन AC कहना ज्यादा आसान है.
क्या होता है BTU?
BTU का पूरा नाम British Thermal Unit है. इसका इस्तेमाल गर्मी की मात्रा मापने के लिए किया जाता है. मूल रूप से एक BTU उस गर्मी की मात्रा को बताता है, जो एक पाउंड पानी का तापमान एक डिग्री फारेनहाइट बढ़ाने के लिए जरूरी होती है.
एयर कंडीशनर के मामले में BTU रेटिंग बताती है कि कोई AC एक घंटे में कमरे से कितनी गर्मी हटा सकता है. छोटे स्तर पर AC की कूलिंग क्षमता समझाने के लिए BTU का इस्तेमाल किया जाता है. वहीं, बड़ी जगहों या पूरे घर को ठंडा करने वाले सिस्टम की क्षमता बताने के लिए टन का इस्तेमाल ज्यादा सुविधाजनक होता है.
सही क्षमता वाला AC चुनना क्यों जरूरी?
AC खरीदते समय कमरे के हिसाब से सही कूलिंग क्षमता चुनना बेहद जरूरी है. अगर किसी बड़े कमरे में कम क्षमता वाला AC लगाया जाता है तो वह पर्याप्त ठंडक नहीं दे पाएगा. कमरे की नमी में भी खास कमी नहीं आएगी और AC लगातार चलता रहेगा.
लगातार चलने से एयर कंडीशनिंग सिस्टम पर ज्यादा दबाव पड़ सकता है और वह समय से पहले खराब हो सकता है. इसके साथ ही बिजली की खपत भी बढ़ सकती है.
दूसरी तरफ, छोटे कमरे में जरूरत से ज्यादा क्षमता वाला AC लगाना भी सही नहीं है. ज्यादा क्षमता वाला AC बार-बार चालू और बंद हो सकता है. इसे शॉर्ट-साइकिलिंग कहा जाता है. इससे AC की उम्र प्रभावित हो सकती है और कमरे की नमी भी ठीक तरीके से कम नहीं हो पाती.
इसे भी पढ़ें- Motorola Edge 70 Max लॉन्च, 7000 निट्स ब्राइटनेस समेत मिलेंगे ये दमदार फीचर्स; ऑफर में ₹5000 का छूट, जानें कीमत
Latest Stories
ग्रॉसरी की तरह ऑन डिमांड घर मंगा सकेंगे LPG सिलेंडर, Instamart ने HPCL के साथ की साझेदारी; जल्द शुरू होगी सर्विस
फ्यूल पंप प्योर पेट्रोल, E10 और E20… तीनों का स्टॉक एक साथ क्यों नहीं रख सकते? जान लीजिए सरकार का तर्क
इंजन खराब होने से लेकर वारंटी खत्म होने तक… E20 Petrol पर सरकार ने दिया जवाब; इन बड़े दावों की बताई सच्चाई
