1 जुलाई से लागू हुआ ‘VB-G RAM G’ एक्ट, अब मिलेंगे 125 दिन काम, ₹409 तक मजदूरी; जानें आपके राज्य में रेट

केंद्र सरकार ने ग्रामीण रोजगार ढांचे में बड़ा बदलाव करते हुए 100 दिन की जगह 125 दिन रोजगार गारंटी और बढ़ी हुई मजदूरी का नया प्रावधान लागू किया है. संशोधित वेतन ढांचे को इस तरह डिजाइन किया गया है कि उन राज्यों को सबसे अधिक लाभ मिले, जहां पहले मजदूरी दरें काफी कम थीं.

मनरेगा की जगह लेगी यह स्कीम. Image Credit: Tv9

VB-G RAM G Act 2026 Rules: ग्रामीण भारत के लिए आज यानी 1 जुलाई से मनरेगा का दौर खत्म हो रहा है. केंद्र सरकार ने देश में ग्रामीण रोजगार की तस्वीर बदलते हुए मनरेगा (MGNREGA) की जगह नया कानून ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025’ (VB-G RAM G) लागू कर दिया है. सरकार ने मंगलवार को इस नई योजना के तहत संशोधित मजदूरी दरों को भी अधिसूचित कर दिया है. अब ग्रामीण परिवारों को साल में 100 दिन नहीं, बल्कि पूरे 125 दिनों के अकुशल मैनुअल रोजगार की वैधानिक गारंटी मिलेगी.

अब कोई भी मजदूरी ₹300 से कम नहीं

ग्रामीण विकास मंत्रालय के अनुसार, देशभर में मजदूरी की दरों में औसतन 10 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी की गई है.

  • औसत मजदूरी में वृद्धि: मनरेगा के तहत मिलने वाली ₹298.8 प्रति दिन की राष्ट्रीय औसत मजदूरी को बढ़ाकर अब ₹327.4 प्रति दिन कर दिया गया है. यानी सीधे तौर पर ₹28.6 प्रति दिन का फायदा.
  • न्यूनतम बेस रेट का नियम: सरकार ने ₹300 प्रति दिन की एक नई अंतरिम आधार मजदूरी तय कर दी है. इसका मतलब है कि देश के किसी भी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में अब मजदूरी ₹300 से कम नहीं होगी.

निचले पायदान वाले राज्यों को सबसे ज्यादा फायदा

संशोधित वेतन ढांचे को इस तरह डिजाइन किया गया है कि उन राज्यों को सबसे अधिक लाभ मिले, जहां पहले मजदूरी दरें काफी कम थीं. उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और असम जैसे राज्यों में मजदूरी में 15 से 25 प्रतिशत तक की वृद्धि देखी जाएगी. वहीं अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड में सबसे अधिक लगभग 24.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी.

राज्यों के हिसाब से नई मजदूरी दरें

देश के सभी 34 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की नई आधिकारिक मजदूरी दरें इस प्रकार हैं:

क्र.सं.राज्य / केंद्र शासित प्रदेश का नाममजदूरी दर (रुपये प्रति दिन)
1.आंध्र प्रदेश₹312.00
2.अरुणाचल प्रदेश₹300.00
3.असम₹300.00
4.बिहार₹300.00
5.छत्तीसगढ़₹300.00
6.गोवा₹406.00
7.गुजरात₹300.00
8.हरियाणा₹409.00
9.हिमाचल प्रदेश (गैर-अनुसूचित क्षेत्र / अनुसूचित क्षेत्र)₹300.00 / ₹375.00
10.जम्मू और कश्मीर₹300.00
11.लद्दाख₹300.00
12.झारखंड₹300.00
13.कर्नाटक₹382.00
14.केरल₹401.00
15.मध्य प्रदेश₹300.00
16.महाराष्ट्र₹317.00
17.मणिपुर₹300.00
18.मेघालय₹300.00
19.मिजोरम₹300.00
20.नागालैंड₹300.00
21.ओडिशा₹300.00
22.पंजाब₹360.00
23.राजस्थान₹300.00
24.सिक्किम (सामान्य / 3 ग्राम पंचायतें – ग्नथांग, लाचुंग और लाचेन)₹300.00 / ₹450.00
25.तमिलनाडु₹345.00
26.तेलंगाना₹308.00
27.त्रिपुरा₹300.00
28.उत्तर प्रदेश₹300.00
29.उत्तराखंड₹300.00
30.पश्चिम बंगाल₹300.00
31.अंडमान और निकोबार (अंडमान जिला / निकोबार जिला)₹348.00 / ₹367.00
32.दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव₹340.00
33.लक्षद्वीप₹348.00
34.पुडुचेरी₹347.00

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सुचारू कामकाज के लिए ₹95,692 करोड़ का बजट

केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, “सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र ग्रामीण श्रमिक एक दिन भी काम के बिना न रहे.” इस बड़े बदलाव को बिना किसी बाधा के लागू करने और समय पर भुगतान के लिए राज्यों को ₹95,692.31 करोड़ का अंतरिम आवंटन जारी किया गया है. जब तक नए ‘ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड’ जारी नहीं हो जाते, तब तक पुराने ई-केवाईसी (e-KYC) सत्यापित जॉब कार्ड पूरी तरह मान्य रहेंगे.

इस योजना का राष्ट्रीय स्तर पर औपचारिक उद्घाटन 2 जुलाई को आंध्र प्रदेश के तिरुपति जिले के मुक्कावारिपल्ली गांव में किया जाएगा.