इंदौर की माइनिंग सर्विस कंपनी को अफ्रीका में मिला बड़ा काम, IPO से पहले ऑर्डर बुक मजबूत; जानें- डिटेल्स
यह प्रोजेक्ट कंपनी की सब्सिडियरी, Laxyo Evapeta Zambia Ltd के जरिए पूरा किया जा रहा है. यह कंपनी का पहला विदेशी 'रेज-बोरिंग' कॉन्ट्रैक्ट है और अभी यह कंपनी के कुल ऑर्डर बुक का 12.6 फीसदी है. कंपनी ने आईपीओ के लिए पेपर फाइल कर दिए हैं.

इंदौर की इंटीग्रेटेड इंफ्रास्ट्रक्चर और माइनिंग सर्विस कंपनी Laxyo Ltd को बड़ा ऑर्डर मिला है. इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) लाने की तैयारियों में जुटी इस कंपनी ने अफ्रीका में अपना कामकाज बढ़ाया है और जाम्बिया में 200 करोड़ रुपये का कॉन्ट्रैक्ट हासिल किया है. यह प्रोजेक्ट कंपनी की सब्सिडियरी, Laxyo Evapeta Zambia Ltd के जरिए पूरा किया जा रहा है. यह कंपनी का पहला विदेशी ‘रेज-बोरिंग’ कॉन्ट्रैक्ट है और अभी यह कंपनी के कुल ऑर्डर बुक का 12.6 फीसदी है.
माइनिंग मार्केट में कारोबार का विस्तार
कंपनी ने एक बयान में कहा, ‘इंदौर की इंटीग्रेटेड इंफ्रास्ट्रक्चर और माइनिंग सर्विस कंपनी, Laxyo Ltd ने जाम्बिया में मोपानी माइन्स में 200 करोड़ रुपये के रेज-बोरिंग कॉन्ट्रैक्ट के जरिए अफ्रीकी माइनिंग मार्केट में अपने कामकाज का विस्तार करके एक अहम उपलब्धि हासिल की है.’
रेज बोरिंग
‘रेज बोरिंग’ जमीन के नीचे माइनिंग की एक आधुनिक तकनीक है, जिसका इस्तेमाल बिना विस्फोटक इस्तेमाल किए शाफ्ट और सुरंगें बनाने के लिए किया जाता है. इस तरीके को जमीन के नीचे माइनिंग के कामों में ज्यादा पसंद किया जाता है क्योंकि इसके सुरक्षा मानक बेहतर हैं, यह काम करने में कुशल है और इससे वेंटिलेशन शाफ्ट और बाहर निकलने के रास्ते जैसे जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर बनाए जा सकते हैं.
अंतरराष्ट्रीय विस्तार रणनीति
बयान में कहा गया है कि जाम्बिया का कॉन्ट्रैक्ट Laxyo की अंतरराष्ट्रीय विस्तार रणनीति में एक अहम कदम है और यह कंपनी को अफ़्रीकी माइनिंग मार्केट में काम करने वाली पहले से स्थापित ग्लोबल रेज़-बोरिंग स्पेशलिस्ट कंपनियों – जैसे Master Drilling, Murray & Roberts और Redpath – के बराबर खड़ा करता है.
IPO के लिए फाइल किए हैं पेपर
Laxyo ने पहले ही मार्केट रेगुलेटर Sebi के पास शुरुआती पब्लिक ऑफरिंग (IPO) के जरिए 150 करोड़ रुपये तक जुटाने के लिए कागजात जमा कर दिए हैं. नए कैपिटल का इस्तेमाल कर्ज कम करने, उपकरण खरीदने और वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जाएगा.
कंपनी के ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) के अनुसार, भारत के रेज-बोरिंग मार्केट के FY25 और FY31 के बीच लगभग 27.3 फीसदी की CAGR से बढ़ने और 575 करोड़ रुपये के अनुमानित मार्केट साइज तक पहुंचने की उम्मीद है.
कंपनी के मुख्य बिजनेस वर्टिकल
स्पेशलाइज्ड, मशीनीकृत काम करने के तरीके की ओर कंपनी का बदलाव सिर्फ माइनिंग सर्विस तक ही सीमित नहीं है. 2007 में अपनी शुरुआत के बाद से, Laxyo एक डायवर्सिफाइड इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विस कंपनी बन गई है, जिसके चार मुख्य बिजनेस वर्टिकल – रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर, माइनिंग सर्विस और रेज-बोरिंग ऑपरेशन, ड्रेजिंग और रिक्लेमेशन, और इंडस्ट्रियल और थर्मल प्लांट के लिए ऑपरेशन और मेंटेनेंस (O&M) सर्विस है.