Jio IPO की लिस्टिंग से पहले कितने पर पहुंचा GMP, प्रॉफिट के बाद शेयर करें Sell या लॉन्ग टर्म के लिए Hold?

Jio IPO Share Listing: अनौपचारिक बाजार (ग्रे मार्केट) से मिल रहे संकेत बताते हैं कि निवेशकों को लिस्टिंग के समय 20 फीसदी से अधिक का मुनाफा मिल सकता है. अगर लिस्टिंग के समय भी ग्रे मार्केट का यही रुझान बना रहता है, तो जियो अपनी पैरेंट कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के बाद भारत की दूसरी सबसे वैल्यूएबल कंपनी बन जाएगी.

जियो आईपीओ की लिस्टिंग आज. Image Credit: Getty

Jio IPO Share Listing: जियो प्लेटफॉर्म के शेयर बुधवार को स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट होने जा रहे हैं. कंपनी के 30,200 करोड़ रुपये के IPO को निवेशकों से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला था. जिन निवेशकों को शेयर अलॉट हुए हैं, वे अब इसकी लिस्टिंग का इंतजार कर रहे हैं. अनौपचारिक बाजार (ग्रे मार्केट) से मिल रहे संकेत बताते हैं कि निवेशकों को लिस्टिंग के समय 20 फीसदी से अधिक का मुनाफा मिल सकता है.

कितना चल रहा Jio का GMP?

इन्वेस्टरगेन के अनुसार, बुधवार को लिस्टिंग से पहले, जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयरों का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) 247 रुपये प्रति शेयर चल रहा है, जो निवेशकों के लिए 22.07 फीसदी मुनाफे का संकेत दे रहा है. इश्यू बंद होने के बाद से ही इसका GMP इसी स्तर के आसपास स्थिर बना हुआ है.

1119 रुपये के अपर प्राइस बैंड के साथ, Jio Platforms IPO की अनुमानित लिस्टिंग कीमत 1366 रुपये (कैप प्राइस + आज का GMP) है. इससे Jio Platforms IPO में 22.07% का संभावित लिस्टिंग गेन मिलने की उम्मीद है. यानी एक लॉट पर करीब 3 हजार रुपये का मुनाफा होने का अनुमान है.

हालांकि, ग्रे मार्केट प्रीमियम पर कोई नियम-कानून नहीं होता है और यह निवेशकों को किसी तरह के रिटर्न की गारंटी नहीं देता है.

तीसरे नंबर पर खिसक सकती है एयरटेल

अगर लिस्टिंग के समय भी ग्रे मार्केट का यही रुझान बना रहता है, तो जियो अपनी पैरेंट कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के बाद भारत की दूसरी सबसे वैल्यूएबल कंपनी बन जाएगी, जिससे भारती एयरटेल लिमिटेड तीसरे स्थान पर खिसक जाएगी. शेयरों के अलॉटमेंट, सब्सक्रिप्शन के आंकड़े और ग्रे मार्केट में लगातार बने प्रीमियम ने एक मजबूत शुरुआत की उम्मीदों को बढ़ा दिया है.

कब से कब तक खुला था आईपीओ?

जियो प्लेटफॉर्म्स का IPO 21 से 23 अक्टूबर तक सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था. तीन दिनों की बोली प्रक्रिया के दौरान, कंपनी ने 1,065–1,119 रुपये की प्राइस रेंज में अपने शेयर पेश किए थे, जिसमें लॉट साइज 12 इक्विटी शेयरों का था. जियो प्लेटफॉर्म्स का IPO पूरी तरह से 27 करोड़ नए इक्विटी शेयरों का इश्यू था, जिसमें ‘ऑफर-फॉर-सेल’ (OFS) शामिल नहीं था.

रिकॉर्ड सब्सक्रिप्शन

जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO को कुल मिलाकर 22.19 गुना सब्सक्राइब किया गया. इसमें लगभग 1.4 करोड़ आवेदन आए और 4.9 लाख करोड़ रुपये से अधिक की बोलियां लगाई गईं. आवेदनों की संख्या और कुल बोली राशि ने भारतीय IPO के मामले में एक नया रिकॉर्ड बनाया है. इस मांग में संस्थागत निवेशकों (Institutional Bidders) की सबसे बड़ी भूमिका रही, जिनका हिस्सा 70.55 गुना से अधिक सब्सक्राइब हुआ.

प्रॉफिट बुक करें या होल्ड करें?

Nirivantes Research के फाउंडर वरुण एन जोशी ने कहा कि शकों को सलाह दी है कि लिस्टिंग दिन वे जरूर प्रॉफिट बुक करें. फिर जियो प्लेटफॉर्म के शेयर को लोअर लेवल खरीद सकते हैं. साथ ही जिस लेवल पर स्टॉक की लिस्टिंग होगी तो यह फेयरली वैल्यूड हो जाएगा. इसके बाद कोई बड़ी अपसाइड की संभावना नहीं बनेगी. इसलिए एक बार प्रॉफिट बुक करना चाहिए और फिर लोअर लेवल 1200 या 1250 रुपये पर शेयर मिले, तो खरीदारी करनी चाहिए.

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डिस्क्लेमर: Money9live कभी भी किसी शेयर, आईपीओ और म्यूचुअल फंड में निवेश की सलाह नहीं देता है. ये खबर केवल आपकी जानकारी के लिए है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.