Jio IPO: ब्रोकरेज फर्मों ने बताई ग्रोथ की गुंजाइश! 2G यूजर्स से AI तक, जियो के लिए कितने मौके?

जियो प्लेटफॉर्म्स का 30,213 करोड़ रुपये का IPO 21 अक्टूबर 2026 से खुलेगा. GEPL Capital, Ventura Securities और SMC Global की रिसर्च रिपोर्टों में कंपनी के लिए 5G, ब्रॉडबैंड, AI और 2G यूजर्स को अपग्रेड करने जैसे अवसर बताए गए हैं. जियो की बढ़ती औसत कमाई, JioAirFiber का विस्तार और अपनी तकनीक को विदेशों में बेचने की योजना भी ग्रोथ के अहम आधार हैं.

जिओ आईपीओ Image Credit: AI

Jio Platforms IPO: रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल और टेलीकॉम कंपनी Jio Platforms Limited (JPL) का आईपीओ 21 अक्टूबर से 23 अक्टूबर 2026 तक खुलेगा. कंपनी इस आईपीओ के जरिए 30,213 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में है. इसका प्राइस बैंड 1,065 से 1,119 रुपये प्रति शेयर है. ब्रोकरेज फर्म GEPL Capital, Ventura Securities और SMC Global की रिसर्च रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी के कारोबार को आगे बढ़ाने में 2G से 4G से 5G पर ग्राहकों का अपग्रेड होना, होम ब्रॉडबैंड, एंटरप्राइज क्लाउड और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की अहम भूमिका हो सकती है. इसके अलावा, जियो अपनी तकनीक को विदेशी टेलीकॉम कंपनियों को उपलब्ध कराकर भी कमाई के नए रास्ते तलाश सकती है.

1. 261 मिलियन 2G यूजर्स को अपग्रेड करने का मौका

जून 2026 तक Jio Platforms का ग्राहक आधार 533.3 मिलियन था. इसके बावजूद बाजार में बड़ी संख्या में ऐसे यूजर्स मौजूद हैं, जो अभी भी 2G नेटवर्क का इस्तेमाल कर रहे हैं. GEPL Capital की रिपोर्ट के मुताबिक, 30 जून 2026 तक 261.0 मिलियन यूजर्स 2G नेटवर्क पर थे. कंपनी के लिए इन्हें 4G और 5G सेवाओं पर लाने का बड़ा अवसर है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि 799 रुपये के JioBharat फोन जैसे किफायती विकल्पों और डिजिटल सेवाओं के बंडल के जरिए नए ग्राहक जोड़ने की संभावना है. कंपनी की प्रति यूजर औसत मासिक कमाई यानी ARPU भी बढ़ी है. यह वित्त वर्ष 2024 में 181.7 रुपये थी, जो वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में बढ़कर 215.6 रुपये हो गई. वहीं, प्रति ग्राहक हर महीने डेटा खपत 43.7 GB तक पहुंच गई.

GEPL Capital के मुताबिक, जियो समय-समय पर टैरिफ में बदलाव, प्रीमियम प्लान को बढ़ावा देने और OTT मनोरंजन, क्लाउड स्टोरेज, गेमिंग व AI आधारित सेवाओं को एक साथ उपलब्ध कराकर ARPU बढ़ाने की योजना पर काम कर रही है.

2. होम ब्रॉडबैंड कारोबार में बढ़ने की गुंजाइश

जून 2026 तक JioFiber और JioAirFiber के कुल सब्सक्राइबर 28.6 मिलियन थे. ब्रोकरेज फर्मों का मानना है कि भारत में फिक्स्ड ब्रॉडबैंड की कम पहुंच जियो के लिए आगे बढ़ने का अवसर देती है. GEPL Capital की रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 में भारत में फिक्स्ड ब्रॉडबैंड की पहुंच करीब 21 फीसदी थी, जो वित्त वर्ष 2031 तक लगभग 46 फीसदी होने का अनुमान है. ऐसे में JioFiber और JioAirFiber के जरिए कंपनी को नए ग्राहक जोड़ने का अवसर मिल सकता है.

SMC Global के मुताबिक, JioAirFiber उन इलाकों में ब्रॉडबैंड सेवाओं को बढ़ावा दे सकता है, जहां पारंपरिक फाइबर नेटवर्क बिछाना मुश्किल या महंगा है. ऐसे कम सेवा वाले बाजारों में विस्तार से कंपनी के संभावित ग्राहकों का दायरा बढ़ सकता है.

3. सिर्फ टेलीकॉम नहीं, टेक्नोलॉजी कंपनी भी है जियो

ब्रोकरेज रिपोर्टों में Jio Platforms को टेलीकॉम ऑपरेटर के साथ-साथ एक टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म के तौर पर भी देखा गया है. Ventura Securities ने इस आईपीओ को ‘सब्स्क्राइब’ रेटिंग दी है. Ventura Securities की रिपोर्ट के मुताबिक, जियो ने अपना एंड-टू-एंड प्रोप्राइटरी 5G स्टैंडअलोन टेक्नोलॉजी स्टैक विकसित किया है. कंपनी ने 4G, 5G, 6G, AI और डिजिटल तकनीकों से जुड़े 7,220 पेटेंट आवेदन भी दाखिल किए हैं. इसका अपना AI प्लेटफॉर्म JioBrain नेटवर्क संचालन में इस्तेमाल हो रहा है और कंपनी की व्यापक टेक्नोलॉजी से कमाई की स्ट्रेटजी का हिस्सा है.

SMC Global का कहना है कि टेलीकॉम सेवाओं का क्लाउड कंप्यूटिंग, AI और एंटरप्राइज डिजिटल सॉल्यूशंस के साथ जुड़ाव बढ़ने से जियो को पारंपरिक कनेक्टिविटी के अलावा भी सेवाओं का विस्तार और उनसे कमाई करने के अवसर मिल सकते हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, समय के साथ ज्यादा ऑटोमेशन से कामकाज की दक्षता और ग्राहकों को बनाए रखने की क्षमता बेहतर हो सकती है.

4. भारतीय तकनीक को विदेशों तक पहुंचाने की तैयारी

Jio Platforms भारत में विकसित अपनी तकनीक को दूसरे देशों की टेलीकॉम कंपनियों तक पहुंचाने की योजना पर भी काम कर रही है. GEPL Capital के मुताबिक, विदेशी टेलीकॉम ऑपरेटरों के साथ साझेदारी और कंपनी की प्रोप्राइटरी 5G कोर, क्लाउड-नेटिव RAN, OSS/BSS और फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस तकनीकों से कमाई के नए स्रोत बन सकते हैं. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि जियो अपने JioBrain AI प्लेटफॉर्म और ऑटोनॉमस नेटवर्क क्षमताओं को वैश्विक टेलीकॉम ऑपरेटरों और दूसरे उद्योगों तक पहुंचाने की योजना बना रही है.

SMC Global के अनुसार, इस मॉडल से जियो को भारत में मौजूद अपने पूरे इंफ्रास्ट्रक्चर को दूसरे देशों में दोहराए बिना अंतरराष्ट्रीय कारोबार बढ़ाने में मदद मिल सकती है.

5. भारत में बढ़ता डिजिटल बाजार भी दे सकता है सहारा

SMC Global ने भारतीय टेलीकॉम और डिजिटल सेवा उद्योग को दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते बाजारों में से एक बताया है. रिपोर्ट के मुताबिक, डेटा की बढ़ती खपत, तेजी से हो रहे 5G नेटवर्क विस्तार और फाइबर ब्रॉडबैंड की बढ़ती पहुंच इस क्षेत्र को आगे बढ़ा रही है. GEPL Capital की रिपोर्ट में दिए गए उद्योग संबंधी अनुमान के मुताबिक, भारत में मोबाइल ब्रॉडबैंड की औसत प्रति यूजर कमाई यानी ARPU वित्त वर्ष 2026 के 199.5 रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 2031 में 326.4 रुपये तक पहुंच सकती है.

GEPL Capital का मानना है कि जियो की रणनीति नए ग्राहक जोड़ने, ARPU बढ़ाने, डिजिटल सेवाओं का इस्तेमाल बढ़ाने और एंटरप्राइज व अंतरराष्ट्रीय टेक्नोलॉजी सेवाओं के जरिए कमाई के सोर्स में विविधता लाने पर केंद्रित है. ये कदम कंपनी के रेवेन्यू में लगातार बढ़ोतरी और लंबे समय में मुनाफे को सहारा दे सकते हैं.

Jio Platforms के कारोबार से जुड़े अहम आंकड़े

विवरणआंकड़े
कुल ग्राहक (जून 2026)533.3 मिलियन
5G ग्राहक284.9 मिलियन
2G नेटवर्क पर यूजर्स (उद्योग संबंधी आंकड़ा)261.0 मिलियन
फिक्स्ड ब्रॉडबैंड सब्सक्राइबर28.6 मिलियन
इनमें JioAirFiber सब्सक्राइबर14.0 मिलियन
फिक्स्ड ब्रॉडबैंड की पहुंचवित्त वर्ष 2026 में करीब 21%; वित्त वर्ष 2031 तक करीब 46% का अनुमान
ARPUवित्त वर्ष 2024 में ₹181.7 से बढ़कर वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में ₹215.6
पेटेंट आवेदन7,220, जिनमें 1,043 मंजूर
आईपीओ की तारीख21–23 अक्टूबर 2026
प्राइस बैंड₹1,065–₹1,119 प्रति शेयर

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