Nifty-Sensex में फिर आएगी बड़ी तेजी या टूटेगा बाजार? ये 5 फैक्टर तय करेंगे दिशा

अगले हफ्ते भारतीय शेयर बाजार की दिशा कई अहम फैक्टर्स से तय होगी. निफ्टी के सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तर, बैंकिंग कंपनियों के नतीजे, कच्चे तेल की कीमत, आईटी शेयरों की चाल, विदेशी निवेशकों की खरीद-बिक्री और रुपये की मजबूती बाजार पर असर डालेंगे. जानिए किन संकेतों से तेजी या गिरावट का अगला ट्रेंड स्पष्ट हो सकता है.

Nifty-Sensex

Highlights

  • निफ्टी की अगली चाल में सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तर अहम रहेंगे
  • कच्चा तेल, रुपये और विदेशी निवेशक बाजार पर असर डालेंगे
  • बैंकिंग और आईटी शेयरों की चाल तेजी को दिशा देगी

भारतीय शेयर बाजार में पिछले दो कारोबारी सत्रों से तेजी देखने को मिल रही है. शुक्रवार को भी निफ्टी और सेंसेक्स बढ़त के साथ बंद हुए. आईटी शेयरों में लगातार चौथे दिन खरीदारी रही, जबकि ऑटो, मेटल और पीएसयू बैंकिंग शेयरों ने भी बाजार को सपोर्ट दिया. अब अगले हफ्ते बाजार की दिशा कुछ अहम फैक्टर्स से तय होगी.

निफ्टी के लिए अहम सपोर्ट और रेजिस्टेंस

तकनीकी नजरिए से निफ्टी के लिए 22,750-22,800 का स्तर बेहद अहम माना जा रहा है. अगर इंडेक्स इस सपोर्ट जोन के ऊपर बना रहता है तो रिकवरी आगे भी जारी रह सकती है. वहीं 23,400-23,450 के आसपास मजबूत रेजिस्टेंस है. इस स्तर के ऊपर निर्णायक ब्रेकआउट मिलने पर निफ्टी 23,650 तक पहुंच सकता है.

  1. बैंकिंग कंपनियों के नतीजे

अगले हफ्ते बैंकिंग शेयरों पर खास नजर रहेगी. एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और एक्सिस बैंक के तिमाही नतीजे बाजार के लिए महत्वपूर्ण संकेत देंगे. निवेशक लोन ग्रोथ, जमा, नेट इंटरेस्ट मार्जिन, एसेट क्वालिटी और मैनेजमेंट के आउटलुक पर ध्यान देंगे. एचडीएफसी बैंक ने दूसरी तिमाही में 19,510 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया है.

  1. कच्चे तेल की कीमत

कच्चे तेल की कीमतों में तेजी बाजार के लिए सबसे बड़ी चिंता बनी हुई है. शुक्रवार को क्रूड 110 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक पहुंच गया. पश्चिम एशिया में तनाव और सप्लाई को लेकर बढ़ती चिंता से कीमतों पर दबाव बना हुआ है. महंगा क्रूड भारत की महंगाई और कंपनियों की लागत दोनों को प्रभावित कर सकता है.

  1. आईटी शेयरों की तेजी

आईटी सेक्टर बाजार की मौजूदा तेजी का बड़ा सहारा बना हुआ है. टीसीएस, टेक महिंद्रा, इंफोसिस और विप्रो जैसे शेयरों में मजबूत खरीदारी हुई है. बेहतर तिमाही नतीजों और एआई से जुड़े शेयरों में आई गिरावट के बाद आईटी शेयरों में खरीदारी बढ़ी है. अब निवेशकों की नजर यह देखने पर होगी कि यह तेजी आगे भी टिकती है या मुनाफावसूली शुरू होती है.

  1. विदेशी निवेशकों की खरीद-बिक्री

विदेशी संस्थागत निवेशक लगातार नौवें हफ्ते बिकवाली करने वाले रहे, लेकिन उनका आउटफ्लो पहले के मुकाबले काफी कम हुआ है. वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों ने लगातार खरीदारी जारी रखी है. अगर विदेशी निवेशकों की बिकवाली और घटती है तो बाजार को मजबूती मिल सकती है.

  1. रुपये की चाल

भारतीय रुपया लगातार पांचवें सत्र में मजबूत हुआ और इस हफ्ते करीब 2% की बढ़त दर्ज की. डॉलर के मुकाबले रुपये की मजबूती बाजार के लिए सकारात्मक संकेत है. हालांकि, आगे इसकी दिशा महंगाई, विदेशी पूंजी और वैश्विक परिस्थितियों पर निर्भर करेगी.

कुल मिलाकर बाजार में रिकवरी के संकेत मजबूत हुए हैं, लेकिन महंगा क्रूड, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां और वैश्विक तनाव जोखिम बने हुए हैं. आने वाले कारोबारी सत्रों में निफ्टी का 22,750 का सपोर्ट और 23,400-23,450 का रेजिस्टेंस जोन बाजार की अगली दिशा के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहेगा.

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