Jio IPO: सब्सक्रिप्शन से पहले जान लें कंपनी की 10 बड़ी बातें, कमाई से लेकर 5G नेटवर्क तक की पूरी डिटेल

Jio Platforms का आईपीओ 21 से 23 अक्टूबर तक खुलेगा. इसका प्राइस बैंड 1065 से 1119 रुपये प्रति शेयर है. निवेश से पहले कंपनी के रेवेन्यू, मुनाफे, ग्राहक आधार, 5G नेटवर्क, स्पेक्ट्रम, पेटेंट, AI योजनाओं और एंकर निवेशकों के लॉक-इन नियमों को समझना जरूरी है.

जिओ आईपीओ Image Credit: TV9 BHARATVARSH

Highlights

  • Jio Platforms IPO का प्राइस बैंड 1065 से 1119 रुपये है और इश्यू 21 से 23 अक्टूबर तक खुलेगा.
  • वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का रेवेन्यू 1,46,885 करोड़ रुपये और मुनाफा 30,064 करोड़ रुपये रहा.
  • कंपनी के पास 26,800.8 MHz का स्पेक्ट्रम पोर्टफोलियो था और 7,220 पेटेंट आवेदन दाखिल किए गए थे.

Jio Platforms IPO: रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल और टेलीकॉम कंपनी Jio Platforms का आईपीओ 21 अक्टूबर से 23 अक्टूबर तक खुलेगा. कंपनी ने प्रति शेयर 1,065 से 1,119 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है. आईपीओ के जरिए कंपनी 30,213 करोड़ रुपये जुटाएगी. ऐसा होने पर यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ बन सकता है.

इस आईपीओ में 10 रुपये फेस वैल्यू वाले अधिकतम 27 करोड़ इक्विटी शेयरों का फ्रेश इश्यू शामिल होगा. ऐसे में निवेश करने से पहले कंपनी के कारोबार, वित्तीय प्रदर्शन, 5G नेटवर्क, स्पेक्ट्रम और तकनीकी क्षमताओं को समझना जरूरी है. आइए जानते हैं कंपनी के रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) से जुड़ी 10 अहम बातें.

1. ग्रे मार्केट में ₹235 का GMP

फिलहाल, Jio Platforms IPO का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) 235 रुपये है. आईपीओ के ऊपरी प्राइस बैंड 1119 रुपये और इस प्रीमियम के आधार पर शेयर की अनुमानित लिस्टिंग कीमत 1,354 रुपये होगी. यह आईपीओ के ऊपरी प्राइस बैंड से करीब 21 फीसदी ज्यादा है.

2. 5G नेटवर्क से डिजिटल सेवाओं को मजबूती

अपनी सहायक कंपनी Reliance Jio Infocomm Limited (RJIL) के जरिए Jio Platforms भारत में स्टैंडअलोन 5G नेटवर्क शुरू करने वाली पहली टेलीकॉम ऑपरेटर बनी. वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही तक कंपनी के 5G ग्राहकों की संख्या 284.9 मिलियन थी. इसके साथ यह दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा 5G ग्राहक आधार रखने वाली कंपनी बनी.

कंपनी का 5G नेटवर्क 4K वीडियो स्ट्रीमिंग, क्लाउड गेमिंग, ऑगमेंटेड रियलिटी और वर्चुअल रियलिटी जैसी सेवाओं को सपोर्ट करता है.

3. मोबाइल से लेकर क्लाउड और AI तक कारोबार

Jio Platforms Limited को 15 नवंबर 2019 को स्थापित किया गया था. यह डिजिटल कनेक्टिविटी, कंज्यूमर सेवाओं और एंटरप्राइज टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस के क्षेत्र में काम करती है. इसकी सहायक कंपनी Reliance Jio Infocomm Limited का ग्राहक आधार 30 जून 2026 तक 533.3 मिलियन था.

कंपनी के कारोबार में मोबाइल और फिक्स्ड ब्रॉडबैंड, डिजिटल मनोरंजन, क्लाउड स्टोरेज, वर्चुअल पीसी और स्मार्ट होम सेवाएं शामिल हैं. कारोबार से जुड़े ग्राहकों के लिए कंपनी कनेक्टिविटी, क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर, साइबर सिक्योरिटी, मैनेज्ड सर्विसेज, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी सेवाएं भी देती है.

4. ग्राहक आधार और ARPU में बढ़ोतरी

Jio Platforms का ग्राहक आधार वित्त वर्ष 2024 में 482 मिलियन से बढ़कर वित्त वर्ष 2026 में 524 मिलियन हो गया. वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में यह 533 मिलियन तक पहुंच गया. वित्त वर्ष 2026 में कंपनी ने 36 मिलियन नए ग्राहक जोड़े, जबकि वित्त वर्ष 2025 में यह संख्या 6 मिलियन थी. वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में 9 मिलियन और ग्राहक जुड़े.

प्रति यूजर औसत मासिक आय यानी ARPU वित्त वर्ष 2024 में 181.7 रुपये थी, जो वित्त वर्ष 2026 में बढ़कर 214 रुपये हो गई. वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में यह 215.6 रुपये रही. मासिक ग्राहक छोड़ने की दर वित्त वर्ष 2026 के 1.7% से घटकर 1.6% हो गई. वित्त वर्ष 2026 में डेटा ट्रैफिक 241.4 अरब GB रहा, जबकि वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में प्रति यूजर मासिक डेटा खपत 43.7 GB थी.

5. कंपनी की कमाई और मुनाफे में बढ़ोतरी

Jio Platforms का ऑपरेशन से रेवेन्यू वित्त वर्ष 2024 में 1,09,558 रुपये करोड़ था, जो वित्त वर्ष 2026 में बढ़कर 1,46,885 करोड़ रुपये हो गया. इसी अवधि में EBITDA 54,341 करोड़ रुपये से बढ़कर 73,382 रुपये करोड़ पहुंच गया.

EBITDA मार्जिन वित्त वर्ष 2024 के 49.6% से बढ़कर वित्त वर्ष 2026 में 50% हो गया. कंपनी का टैक्स के बाद मुनाफा (PAT) वित्त वर्ष 2024 में 21,422 करोड़ रुपये था, जो वित्त वर्ष 2026 में बढ़कर 30,064 करोड़ रुपये हो गया. इस दौरान PAT मार्जिन 19.6% से बढ़कर 20.5% रहा.

6. लिस्टेड कंपनियों से तुलना

दिए गए RHP संबंधी जानकारी में Jio Platforms के लिस्टेड कंपटीटरों के तौर पर Bharti Airtel और Vodafone Idea का जिक्र है. Bharti Airtel का P/E अनुपात 40.71 और Vodafone Idea का P/E अनुपात 3.99 बताया गया है.

P/E अनुपात का इस्तेमाल शेयर की कीमत की तुलना कंपनी की प्रति शेयर कमाई से करने के लिए किया जाता है. हालांकि, केवल P/E के आधार पर किसी कंपनी के शेयर को सस्ता या महंगा नहीं माना जा सकता.

7. अपनी तकनीक और रिसर्च पर जोर

Jio Platforms का टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर, डिवाइस इंजीनियरिंग, सॉफ्टवेयर, ऑपरेटिंग सिस्टम और डिजिटल ऐप्लिकेशन तक फैला है. वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही तक कंपनी में डिजिटल प्रोडक्ट और टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट से जुड़े 12,477 कर्मचारी थे. यह कंपनी के कुल कर्मचारियों का करीब 45 फीसदी था.

कंपनी 6G रिसर्च, JioBrain के जरिए नेटवर्क ऑटोमेशन, क्लाउड-नेटिव प्लेटफॉर्म और डिजिटल सेवाओं पर काम कर रही है. इन तकनीकों का मकसद कामकाज की दक्षता बढ़ाना और नए उत्पादों को विकसित करने की प्रक्रिया तेज करना है.

8. 7,220 पेटेंट आवेदन और बड़ा स्पेक्ट्रम पोर्टफोलियो

वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही तक Jio Platforms और उसकी सहायक कंपनियों ने 4G, 5G, 6G, क्लाउड-नेटिव नेटवर्क आर्किटेक्चर और AI आधारित ऑटोमेशन समेत विभिन्न डिजिटल तकनीकों में कुल 7,220 पेटेंट आवेदन दाखिल किए थे. इनमें से 2,655 आवेदन भारत में और 4,565 विदेशों में दाखिल किए गए. कंपनी के मुताबिक, 2025 की WIPO PCT रैंकिंग में Jio दुनिया की शीर्ष 20 कंपनियों में शामिल होने वाली एकमात्र भारतीय कंपनी थी.

30 जून 2026 तक Jio के पास भारत का सबसे बड़ा स्पेक्ट्रम पोर्टफोलियो था, जो 26,800.8 MHz का था. इस स्पेक्ट्रम की औसत शेष अवधि 16 साल थी. कंपनी देश की एकमात्र ऐसी टेलीकॉम ऑपरेटर भी थी, जिसके पास 700 MHz, 3,300 MHz और 26 GHz बैंड में देशव्यापी 5G स्पेक्ट्रम था.

ये बैंड व्यापक कवरेज और घर के अंदर कनेक्टिविटी, सामान्य 5G स्पीड और घनी आबादी वाले शहरी क्षेत्रों में ज्यादा क्षमता जैसी जरूरतों को पूरा करने में मदद करते हैं. इनका इस्तेमाल JioAirFiber जैसी फिक्स्ड वायरलेस सेवाओं में भी होता है. कंपनी के अनुसार, इन स्पेक्ट्रम बैंड और संबंधित तकनीकों की मदद से पिछले तीन साल में Jio की मोबाइल ब्रॉडबैंड स्पीड अन्य ऑपरेटरों के औसत से दोगुने से ज्यादा रही.

9. सैटेलाइट ब्रॉडबैंड, 6G और AI में निवेश

Jio Platforms पारंपरिक मोबाइल कनेक्टिविटी से आगे बढ़कर सैटेलाइट ब्रॉडबैंड, 6G, क्लाउड-नेटिव नेटवर्क और AI आधारित ऑटोमेशन में निवेश कर रही है. कंपनी दूरदराज के इलाकों में कनेक्टिविटी बेहतर बनाने के लिए स्वदेशी सैटेलाइट समूह और ग्राउंड इंफ्रास्ट्रक्चर की संभावनाएं तलाश रही है. इसके साथ ही, सेवाएं जल्द उपलब्ध कराने के लिए वैश्विक सैटेलाइट ऑपरेटरों के साथ साझेदारी भी कर रही है.

कंपनी का JioBrain प्लेटफॉर्म नेटवर्क क्षमता के आवंटन, संभावित खराबी का अनुमान लगाने और रियल टाइम में नेटवर्क को बेहतर बनाने में मदद करता है. Jio इन तकनीकों को साझेदारी और मैनेज्ड सर्विसेज के जरिए विदेशों की टेलीकॉम कंपनियों और कारोबारों को भी उपलब्ध करा सकती है.

10. एंकर निवेशकों के शेयर पर लॉक-इन

आईपीओ की शर्तों के मुताबिक, एंकर निवेशकों को आवंटित इक्विटी शेयरों में से 50% शेयर 30 दिनों तक लॉक-इन रहेंगे. बाकी 50% शेयरों पर आवंटन की तारीख से 90 दिनों का लॉक-इन लागू होगा. इसका मतलब है कि एंकर निवेशक आवंटित शेयरों के एक हिस्से को 30 दिन और बाकी हिस्से को 90 दिन की अवधि पूरी होने से पहले नहीं बेच सकेंगे. यह नियम आईपीओ के बाद शेयरों की बिक्री पर समय से जुड़ी पाबंदी लगाता है.

निवेश से पहले इन बातों पर ध्यान दें

Jio Platforms के आईपीओ में कंपनी के ग्राहक आधार, रेवेन्यू, मुनाफे, 5G नेटवर्क, स्पेक्ट्रम और तकनीकी क्षमताओं से जुड़ी कई अहम जानकारियां शामिल हैं. हालांकि, निवेश का फैसला करने से पहले RHP में दिए गए जोखिमों, कंपनी के मूल्यांकन और अपनी जोखिम उठाने की क्षमता को समझना जरूरी है. ग्रे मार्केट प्रीमियम अनुमानित संकेत है, लिस्टिंग कीमत या मुनाफे की गारंटी नहीं.

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डिस्क्लेमर: Money9live कभी भी किसी शेयर, आईपीओ और म्यूचुअल फंड में निवेश की सलाह नहीं देता है. ये खबर केवल आपकी जानकारी के लिए है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.