Molbio Diagnostics IPO Listing: 21 फीसदी प्रीमियम पर हुई लिस्टिंग, मुनाफावसूली से फिसला शेयर
Molbio Diagnostics के शेयरों ने 17 अगस्त को शेयर बाजार में 21.44 फीसदी प्रीमियम के साथ शानदार एंट्री की. शेयर 807 रुपये के इश्यू प्राइस के मुकाबले 980 रुपये पर BSE और NSE पर लिस्ट हुआ. इससे IPO निवेशकों को हर शेयर पर 173 रुपये का शुरुआती फायदा मिला. हालांकि लिस्टिंग के बाद मुनाफावसूली से शेयर करीब 926 रुपये तक फिसल गया.

Molbio Diagnostics के शेयरों ने सोमवार 17 अगस्त को शेयर बाजार में शानदार एंट्री की. कमजोर बाजार के बावजूद कंपनी का शेयर 21 फीसदी से ज्यादा प्रीमियम पर लिस्ट हुआ. BSE और NSE पर शेयर 980 रुपये के भाव पर लिस्ट हुआ, जबकि इसका इश्यू प्राइस 807 रुपये था. इस तरह IPO निवेशकों को लिस्टिंग पर 173 रुपये प्रति शेयर का फायदा मिला. हालांकि लिस्टिंग के बाद शेयर में मुनाफावसूली देखने को मिली. कारोबार के दौरान शेयर करीब 926 रुपये तक फिसल गया.
21 फीसदी प्रीमियम पर हुई लिस्टिंग
Molbio Diagnostics का शेयर BSE और NSE दोनों पर 980 रुपये के भाव पर लिस्ट हुआ. यह कंपनी के 807 रुपये के इश्यू प्राइस से करीब 21.44 फीसदी ज्यादा है. इस तरह IPO में शेयर पाने वाले निवेशकों को लिस्टिंग के समय हर शेयर पर 173 रुपये का फायदा मिला. हालांकि शुरुआती तेजी के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी. इसके चलते BSE पर शेयर 925.80 रुपये और NSE पर 926.35 रुपये तक फिसल गया.
GMP से भी बेहतर रही शेयर की एंट्री
लिस्टिंग से पहले Molbio Diagnostics के शेयर का ग्रे मार्केट प्रीमियम करीब 120 रुपये था. इस GMP के आधार पर शेयर की अनुमानित लिस्टिंग करीब 927 रुपये के आसपास मानी जा रही थी. यानी करीब 15 फीसदी प्रीमियम की उम्मीद थी. लेकिन कंपनी के शेयर ने अनुमान से बेहतर प्रदर्शन किया और 980 रुपये पर लिस्ट हुआ. हालांकि लिस्टिंग के बाद मुनाफावसूली के कारण शेयर शुरुआती स्तर से नीचे आ गया.
70 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब हुआ था IPO
Molbio Diagnostics के IPO को निवेशकों की ओर से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली थी. कंपनी का IPO 10 अगस्त को खुला था और 12 अगस्त को बंद हुआ. पूरे इश्यू को 70 गुना से ज्यादा सब्सक्रिप्शन मिला था. रिटेल निवेशकों के लिए आरक्षित हिस्सा करीब 13 गुना सब्सक्राइब हुआ था. शेयर अलॉटमेंट 13 अगस्त को फाइनल किया गया था. इसके बाद सफल निवेशकों के डीमैट खाते में शेयर 14 अगस्त को क्रेडिट किए गए थे.
IPO से जुटाए पैसे का इस्तेमाल करेगी कंपनी
Molbio Diagnostics के IPO में 200 करोड़ रुपये का फ्रेश इश्यू शामिल था. इसके अलावा 739.70 करोड़ रुपये का ऑफर फॉर सेल था. फ्रेश इश्यू से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल कंपनी रिसर्च एंड डेवलपमेंट सुविधा और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस तैयार करने में करेगी. कंपनी गोवा और विशाखापत्तनम की यूनिट के लिए प्लांट, मशीनरी और दूसरे इक्विपमेंट भी खरीदेगी.
क्या कारोबार करती है Molbio Diagnostics
Molbio Diagnostics प्वाइंट ऑफ केयर डायग्नोस्टिक्स के क्षेत्र में काम करती है. कंपनी तेज, सटीक और कम लागत वाली स्वास्थ्य जांच तकनीक उपलब्ध कराने पर फोकस करती है. इसका कारोबार संक्रामक और गैर संक्रामक बीमारियों की जांच से जुड़ा हुआ है. कंपनी की तकनीक का मकसद मरीजों को कम समय में जांच की सुविधा उपलब्ध कराना है. डायग्नोस्टिक्स की बढ़ती जरूरत कंपनी के कारोबार के लिए एक अहम अवसर हो सकती है.
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रेवेन्यू और मुनाफे में लगातार बढ़ोतरी
Molbio Diagnostics के वित्तीय प्रदर्शन में भी लगातार सुधार देखने को मिला है. FY24 में कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू 836.56 करोड़ रुपये था. यह FY25 में बढ़कर 1020.42 करोड़ रुपये और FY26 में 1445.69 करोड़ रुपये हो गया. कंपनी का नेट प्रॉफिट भी लगातार बढ़ा है. FY24 में यह 83.54 करोड़ रुपये था, जो FY25 में बढ़कर 138.58 करोड़ रुपये और FY26 में 164.14 करोड़ रुपये पहुंच गया.
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