10 अगस्त से खुलेगा Molbio Diagnostics का IPO, प्राइस बैंड हुआ तय; ₹940 करोड़ जुटाएगी यह हेल्थकेयर कंपनी
Molbio Diagnostics ने अपने IPO के लिए 768 रुपये से 807 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय कर दिया है. यह IPO 10 अगस्त को खुलेगा और 12 अगस्त को बंद होगा. कंपनी इस इश्यू के जरिए 904 करोड़ रुपये से 940 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है. जुटाई गई राशि का इस्तेमाल R&D इंफ्रास्ट्रक्चर, नई मैन्युफैक्चरिंग क्षमता और अन्य कॉरपोरेट जरूरतों पर किया जाएगा.

Molbio Diagnostics IPO: डायग्नोस्टिक्स सेक्टर की प्रमुख कंपनी Molbio Diagnostics ने अपने IPO के लिए प्राइस बैंड 768 रुपये से 807 रुपये प्रति शेयर तय कर दिया है. कंपनी का IPO निवेशकों के लिए 10 अगस्त को खुलेगा और 12 अगस्त को बंद होगा. वहीं, एंकर इन्वेस्टर्स के लिए बोली प्रक्रिया 7 अगस्त से शुरू होगी. कंपनी इस IPO के जरिए करीब 904 करोड़ रुपये से 940 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है. ऊपरी प्राइस बैंड के आधार पर कंपनी का संभावित मार्केट वैल्यूएशन करीब 9,300 करोड़ रुपये होगा.
फ्रेश इश्यू और OFS दोनों शामिल
गोवा स्थित Molbio Diagnostics के IPO में 200 करोड़ रुपये के नए शेयर (फ्रेश इश्यू) जारी किए जाएंगे. इसके अलावा मौजूदा शेयरधारकों की ओर से 91.66 लाख इक्विटी शेयरों की बिक्री OFS के तहत की जाएगी. OFS के जरिए एक्सोरा ट्रेडिंग एलएलपी, इंडिया बिजनेस एक्सीलेंस फंड III समेत कई मौजूदा निवेशक और प्रमोटर अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे. हालांकि, फ्रेश इश्यू से मिलने वाली राशि सीधे कंपनी के पास जाएगी, जबकि OFS से प्राप्त रकम संबंधित शेयरधारकों को मिलेगी.
जुटाई गई रकम का कहां होगा इस्तेमाल
कंपनी ने बताया कि फ्रेश इश्यू से मिलने वाली राशि का बड़ा हिस्सा कारोबार के विस्तार पर खर्च किया जाएगा. इसके तहत करीब 106 करोड़ रुपये का निवेश नए रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) फैसिलिटी, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और उससे जुड़े कार्यालय के निर्माण पर किया जाएगा. इसके अलावा 72 करोड़ रुपये गोवा और विशाखापत्तनम स्थित इकाइयों के लिए नए प्लांट, मशीनरी और अन्य उपकरण खरीदने पर खर्च किए जाएंगे. बची हुई राशि का उपयोग सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए किया जाएगा.
किसके लिए कितना रिजर्व
IPO में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) के लिए 50 फीसदी हिस्सा रिजर्व किया गया है. वहीं, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NIIs) के लिए 15 फीसदी और रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए 35 फीसदी हिस्सा तय किया गया है. इसका मतलब है कि व्यक्तिगत निवेशकों के पास भी इस IPO में आवेदन करने का पर्याप्त अवसर रहेगा.
क्या करती है कंपनी
साल 2000 में स्थापित Molbio Diagnostics एक पॉइंट-ऑफ-केयर डायग्नोस्टिक्स कंपनी है. यह ट्यूबरकुलोसिस, COVID, HIV, HPV, हेपेटाइटिस B और हेपेटाइटिस C समेत 30 बीमारियों की मॉलिक्यूलर टेस्टिंग सर्विस उपलब्ध कराती है. कंपनी का प्रमुख प्रोडक्ट Truenat प्लेटफॉर्म है, जिसे 100 से अधिक देशों में पेटेंट मिला हुआ है.
यह बैटरी से संचालित पीसीआर प्लेटफॉर्म है, जो संसाधनों की कमी वाले क्षेत्रों में भी एक घंटे के भीतर जांच की सुविधा उपलब्ध कराता है. इस तकनीक की मदद से मरीजों का परीक्षण बड़े शहरों की प्रयोगशालाओं पर निर्भर हुए बिना स्थानीय स्तर पर किया जा सकता है.
छह मैन्युफैक्चरिंग यूनिट, मजबूत क्षमता
Molbio Diagnostics की भारत में कुल छह मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज हैं. इनमें दो गोवा, दो बेंगलुरु और एक-एक विशाखापत्तनम तथा पुणे में स्थित हैं. 31 मार्च 2026 तक कंपनी की सालाना उत्पादन क्षमता 5,400 डायग्नोस्टिक डिवाइस और 3.9 करोड़ Truenat टेस्ट किट्स की रही.
वित्तीय प्रदर्शन भी मजबूत
वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस बढ़कर 1,445 करोड़ रुपये रहा. वहीं, इसी अवधि में कंपनी ने 164 करोड़ रुपये का प्रॉफिट दर्ज किया है. मजबूत वित्तीय प्रदर्शन, बढ़ती डायग्नोस्टिक्स मांग और नई R&D क्षमता के विस्तार की योजना के चलते कंपनी अपने कारोबार को और मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है.
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