NSE के पास 1.8 लाख शेयरहोल्डर्स, वैल्यूएशन का अनुमान ₹5 लाख करोड़; अनलिस्टेड मार्केट में 2000 रुपये पहुंचा शेयर

NSE IPO Valuation: NSE के गुरुवार तक अपने इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) के लिए मार्केट रेगुलेटर SEBI के पास ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) फाइल करने की संभावना है. लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (LIC) NSE में सबसे बड़ी शेयरहोल्डर है.

एनएसई आईपीओ Image Credit: Canva

NSE IPO Valuation: भारत का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE), अपने बहुप्रतीक्षित पब्लिक ऑफर को ओपन करने की तैयारी कर रहा है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दलाल स्ट्रीट पर लिस्ट होने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए, एक्सचेंज इस हफ्ते अपने ड्राफ्ट पेपर फाइल कर सकता है.

इस सप्ताह फाइल कर सकती है पेपर

CNBC TV-18 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, NSE के गुरुवार तक अपने इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) के लिए मार्केट रेगुलेटर SEBI के पास ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) फाइल करने की संभावना है. बिजनेस स्टैंडर्ड और PTI जैसे दूसरे मीडिया आउटलेट्स की रिपोर्ट के अनुसार, एनएसई इस सप्ताह पेपर फाइल कर सकती है.

बिजनेस न्यूज चैनल को सूत्रों ने बताया, ‘एक्सचेंज इस साल नवरात्रि और दिवाली के बीच लिस्ट होने पर विचार कर रहा है.’

NSE IPO की वैल्यूएशन

इसके अलावा, रिपोर्ट में कहा गया है कि NSE 5-5.25 लाख करोड़ की वैल्यूएशन मांग सकती है. PTI की रिपोर्ट के अनुसार, मार्केट के जानकारों का कहना है कि NSE, जिसके करीब 1.8 लाख शेयरहोल्डर्स हैं, का अनलिस्टेड मार्केट में वैल्यूएशन 5 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है. 16 जून तक अनलिस्टेड मार्केट में NSE के शेयर 2,000 रुपये से अधिक की कीमत पर ट्रेड हो रहे थे.

बन सकता है सबसे बड़ा आईपीओ

CNBC-TV18 की रिपोर्एट के अनुसार एक्सचेंज अपने 20,000 करोड़ रुपये के IPO में 4-5 फीसदी हिस्सेदारी बेचने की योजना बना रहा है, जिससे NSE का पब्लिक ऑफर भारतीय बाजार के सबसे बड़े IPOs में से एक बन जाएगा.

10 साल पहले फाइल किया था पेपर

जब NSE ने 2016 में पहली बार अपने ड्राफ्ट ऑफर डॉक्यूमेंट्स जमा किए थे, तो IPO का साइज 10,000 करोड़ रुपये तय किया गया था. हालांकि, गवर्नेंस में कमियों और को-लोकेशन मामले से जुड़ी चिंताओं के कारण SEBI ने मंजूरी रोक दी थी. तब से, एक्सचेंज ने रेगुलेटर को मंजूरी के लिए कई रिप्रेजेंटेशन दिए हैं और कई गवर्नेंस और कम्प्लायंस उपाय किए हैं.

ऑफर फॉर सेल

जनवरी में सेबी के चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने कहा था कि रेगुलेटर ने अनफेयर मार्केट एक्सेस मामले में NSE के सेटलमेंट एप्लीकेशन को ‘इन-प्रिंसिपल’ मंजूरी दे दी है. इस कदम को IPO के लिए एक बड़ी रुकावट को दूर करने के तौर पर देखा जा रहा है. पब्लिक इश्यू पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा, जिसमें कोई फ्रेश इश्यू कम्पोनेंट नहीं होगा.

LIC सबसे बड़ी शेयरहोल्डर

लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (LIC) NSE में सबसे बड़ी शेयरहोल्डर है, जिसके पास 10.72% हिस्सेदारी है. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) और उसकी सब्सिडियरी, SBI कैपिटल मार्केट्स, दोनों के पास एक्सचेंज में लगभग 7.5 फीसदी हिस्सेदारी है.

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