SEBI से हरी झंडी मिलते ही चर्चा में Rentmojo IPO! ₹150 करोड़ का फ्रेश इश्यू, जानिए निवेशकों के लिए क्या हैं बड़े रिस्क
फर्नीचर और होम अप्लायंस रेंटल प्लेटफॉर्म Rentmojo को अपने IPO के लिए SEBI से मंजूरी मिल गई है. कंपनी ₹150 करोड़ के फ्रेश इश्यू के साथ 2.8 करोड़ से अधिक शेयरों की Offer for Sale (OFS) लाएगी. जुटाई गई राशि का इस्तेमाल कर्ज चुकाने, लीज और लाइसेंस फीस के भुगतान तथा अन्य कॉर्पोरेट जरूरतों के लिए किया जाएगा.

घर का फर्नीचर और इलेक्ट्रॉनिक्स रेंट पर देने वाली देश की जानी-मानी कंपनी ‘रेंटमोजो’ (Rentmojo) जल्द ही शेयर बाजार में दस्तक देने जा रही है. मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) ने कंपनी के इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग यानी IPO को मंजूरी दे दी है. अगर आप भी शेयर बाजार में दांव लगाने का मौका ढूंढ रहे हैं, तो रेंटमोजो के इस आईपीओ से जुड़ी हर जरूरी डिटेल आपके लिए जानना बेहद जरूरी है.
IPO का पूरा गणित: फ्रेश इश्यू और OFS
रेंटमोजो इस आईपीओ के जरिए बाजार से मोटी रकम जुटाने की तैयारी में है. सेबी को सौंपे गए दस्तावेजों के मुताबिक, इस आईपीओ में 150 करोड़ रुपये के नए शेयर (Fresh Issue) जारी किए जाएंगे. इसके साथ ही, कंपनी के मौजूदा शेयरधारक 2.8 करोड़ से ज्यादा इक्विटी शेयरों की बिक्री (OFS – Offer for Sale) करेंगे. बता दें कि इस आईपीओ में प्रत्येक शेयर की फेस वैल्यू 1 रुपये रखी गई है.
इस पूरे आईपीओ के मैनेजमेंट की जिम्मेदारी मोतीलाल ओसवाल इन्वेस्टमेंट्स, एक्सिस कैपिटल और आईआईएफएल कैपिटल सर्विसेज संभाल रहे हैं, जबकि केफिन टेक्नोलॉजीज (KFin Technologies) को इसका रजिस्ट्रार बनाया गया है.
जुटाए गए पैसों का कहां होगा इस्तेमाल?
कंपनी ने साफ किया है कि आईपीओ से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल वह अपने बिजनेस को मजबूत करने और कर्ज कम करने में करेगी:
- कर्ज चुकाने में: कंपनी कुल रकम में से 70 करोड़ रुपये का इस्तेमाल अपने पुराने लोन और उधारी को चुकाने या समय से पहले बंद करने के लिए करेगी.
- वेयरहाउस और लाइसेंस फीस: अपने इन-हाउस खर्चों जैसे कि वेयरहाउस के लीज रेंट और लाइसेंस फीस के भुगतान के लिए 42.50 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे.
- अन्य खर्च: बची हुई बाकी रकम का इस्तेमाल कंपनी के सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों और रोजमर्रा के कामकाज के लिए किया जाएगा.
निवेश से पहले जान लें ये बड़े रिस्क
रेंटमोजो के बिजनेस मॉडल में जितनी चमक है, उसके साथ कुछ जोखिम भी जुड़े हैं जिन पर नजर रखना जरूरी है:
- एक ही सोर्स पर निर्भरता: कंपनी की कुल कमाई का 95% से ज्यादा हिस्सा सिर्फ फर्नीचर और अप्लायंसेज को रेंट पर देने से आता है. आय का कोई दूसरा बड़ा जरिया न होना एक बड़ा रिस्क है.
- कच्चे माल और ग्राहकों की चुनौतियां: सामान की खरीद-फरोख्त में होने वाले उतार-चढ़ाव से कंपनी के रेवेन्यू पर सीधा असर पड़ सकता है. इसके अलावा, साइबर सिक्योरिटी, ग्राहकों को लंबे समय तक रोके रखने की चुनौती और लॉजिस्टिक्स के लिए थर्ड-पार्टी ट्रांसपोर्ट पर निर्भरता इसके अन्य बड़े रिस्क हैं.
सीमित बाजार: फिलहाल कंपनी का ज्यादातर कस्टमर बेस सिर्फ टियर-1 (बड़े महानगरों) शहरों तक ही सीमित है.
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रेंटमोजो के बारे में
बेंगलुरु (कर्नाटक) में मुख्यालय वाली रेंटमोजो भारत का एक प्रमुख ऑनलाइन रेंटल और सब्सक्रिप्शन प्लेटफॉर्म है, जो लोगों को किफायती दरों पर घर के लिए फर्नीचर और जरूरी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण किराए पर उपलब्ध कराता है.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.