Tata Sons IPO: 3 दशक से पड़ा था ये ‘Dead Capital’, अब IPO आते ही खुल सकता है बड़ा खजाना! इन 7 कंपनियों पर नजर

Tata Sons IPO से Tata ग्रुप की 7 लिस्टेड कंपनियों के लिए वैल्यू अनलॉक होने की उम्मीद है. Tata Motors, Tata Steel, Tata Chemicals और Tata Power समेत इन कंपनियों के पास Tata Sons में बड़ी हिस्सेदारी है. इन कंपनियों के पास करीब तीन दशकों से Tata Sons के शेयर्स हैं, लेकिन अनलिस्टेड और इलिक्विड इन्वेस्टमेंट होने के कारण इनकी वैल्यू सीधे मार्केट में दिखाई नहीं देती थी.

टाटा संस IPO Image Credit: gettyimages

Tata Sons IPO: Tata Sons के प्रस्तावित IPO से Tata ग्रुप की कई लिस्टेड कंपनियों के लिए वैल्यू अनलॉक होने की उम्मीद बढ़ गई है. Tata ग्रुप की नौ कंपनियों के पास Tata Sons में कुल 12.8 प्रतिशत हिस्सेदारी है. इनमें सात कंपनियां लिस्टेड हैं, जिनके पास अकेले Tata Sons की 11.9 प्रतिशत हिस्सेदारी है. इन कंपनियों के पास Tata Sons के शेयर करीब तीन दशकों से हैं. अब Tata Sons की लिस्टिंग होने की स्थिति में इन क्रॉस-होल्डिंग्स की वैल्यू सामने आ सकती है.

Tata Motors और Tata Steel के पास सबसे ज्यादा शेयर

TOI की एक रिपोर्ट के अनुसार, Tata Motors और Tata Steel दोनों के पास Tata Sons के 12,375-12,375 शेयर हैं. दोनों की Tata Sons में हिस्सेदारी 3.1 प्रतिशत है. इसके बाद Tata Chemicals के पास 10,237 शेयर यानी 2.5 प्रतिशत हिस्सेदारी है. Tata Power के पास 6,673 शेयर यानी 1.7 प्रतिशत, Indian Hotels Company के पास 4,500 शेयर यानी 1.1 प्रतिशत, Tata Industries के पास 2,295 शेयर यानी 0.6 प्रतिशत और Tata Consumer Products के पास 1,755 शेयर यानी 0.4 प्रतिशत हिस्सेदारी है.

Tata International के पास 1,477 शेयर यानी 0.36 प्रतिशत और Tata Investment के पास 326 शेयर यानी 0.01 प्रतिशत हिस्सेदारी बताई गई है. इन कंपनियों के पास Tata Sons के कुल 52,013 शेयर हैं, जो Tata Sons में 12.8 प्रतिशत हिस्सेदारी के बराबर हैं.

कंपनीTata Sons के शेयरTata Sons में हिस्सेदारी
Tata Motors12,3753.1%
Tata Steel12,3753.1%
Tata Chemicals10,2372.5%
Tata Power6,6731.7%
Indian Hotels Company4,5001.1%
Tata Industries2,2950.6%
Tata Consumer Products1,7550.4%
Tata International1,4770.36%
Tata Investment3260.01%
कुल52,01312.8%

Tata Chemicals के लिए सबसे बड़ा वैल्यू अनलॉक

Tata Chemicals इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण कंपनियों में से एक है. Spark Capital के मार्च 2024 के अनुमान के मुताबिक, Tata Sons में Tata Chemicals की हिस्सेदारी की वैल्यू कंपनी के अपने मार्केट कैप की करीब 80 प्रतिशत थी. शुक्रवार तक Tata Chemicals का मार्केट कैप 15,594 करोड़ रुपये था.

अब कुछ एनालिस्ट्स Tata Sons में उसकी हिस्सेदारी की वैल्यू को Tata Chemicals के मौजूदा मार्केट कैप से भी ज्यादा मान रहे हैं. इस वजह से Tata Sons IPO के जरिए वैल्यू अनलॉक होने पर Tata Chemicals को सबसे ज्यादा फायदा मिलने की संभावना जताई जा रही है.

1995-96 Rights Issue के जरिए खरीदे थे शेयर

Tata ग्रुप की लिस्टेड कंपनियों ने Tata Sons के शेयर 1995-96 के Rights Issue के जरिए खरीदे थे. उस समय Tata Trusts ने इस Rights Issue में हिस्सा नहीं लिया था, क्योंकि कानून के तहत पब्लिक चैरिटीज को कमर्शियल एंटिटीज में इन्वेस्ट करने की अनुमति नहीं थी. इसके बावजूद Tata Sons के शेयर Tata ग्रुप के भीतर ही बने रहे.

उस समय शेयरहोल्डर्स ने सवाल उठाया था कि लिस्टेड कंपनियों को एक अनलिस्टेड और इलिक्विड पैरेंट कंपनी में पूंजी क्यों लगानी चाहिए. तत्कालीन Tata Sons चेयरमैन Ratan Tata ने कहा था कि Tata Sons के पब्लिक होने के बाद यह इन्वेस्टमेंट फायदा देगा.

Tata Sons की वैल्यूएशन में बड़ा बदलाव

2020 में Tata Sons की वैल्यू करीब 3.8 से 4.3 लाख करोड़ रुपये आंकी गई थी. यह वैल्यूएशन उस समय Tata Sons और उसके पूर्व ग्रुप चीफ Cyrus Mistry के बीच कानूनी विवाद के दौरान सामने आया था. हालांकि, Mistry ने इस वैल्यूएशन पर सवाल उठाते हुए Tata Sons की वैल्यू इससे दोगुने से ज्यादा होने का अनुमान लगाया था.

अब Tata Sons के पोर्टफोलियो में काफी बदलाव हो चुका है. Tata Electronics तेजी से उभर रही है, जबकि Air India अभी भी लॉस-मेकिंग है. वहीं Tata ग्रुप की कई लिस्टेड कंपनियों का मार्केट वैल्यूएशन 2020 के मुकाबले काफी बढ़ा है.

RBI के नियमों से जुड़ा है IPO

Tata Sons को RBI ने NBFC के Upper Layer में वर्गीकृत किया है. इस कैटेगरी में आने वाली कंपनियों के लिए लिस्टिंग से जुड़े नियम लागू होते हैं. इसी वजह से Tata Sons की लिस्टिंग की आवश्यकता सामने आई है. IPO आने की स्थिति में Tata Sons में हिस्सेदारी रखने वाली लिस्टेड कंपनियों को लंबे समय से होल्ड की गई इस इन्वेस्टमेंट की मार्केट वैल्यू सामने आने का मौका मिल सकता है. इससे Tata ग्रुप की इन कंपनियों के लिए वैल्यू अनलॉकिंग का एक नया रास्ता खुल सकता है.

साथ ही, इन कंपनियों के शेयरहोल्डर्स को भी लंबे समय से होल्ड की गई Tata Sons की हिस्सेदारी से संभावित फायदा मिल सकता है. हालांकि, वास्तविक वैल्यू अनलॉक Tata Sons की लिस्टिंग, वैल्यूएशन और संबंधित कंपनियों की हिस्सेदारी की मार्केट वैल्यू पर निर्भर करेगी.

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