IPO लानें से पहले इस टेक कंपनी ने जिता NASA से दो कॉन्ट्रैक्ट, एक दशक तक मिलेगा काम; जानें डिटेल्स

अमेरिकी टेक और स्टाफिंग कंपनी ट्राइफैक्टा को NASA के SEWP प्रोग्राम के तहत दो बड़े कॉन्ट्रैक्ट मिले हैं, जिनकी ऑर्डरिंग अवधि 2036 तक रहेगी. इस उपलब्धि के साथ कंपनी को अमेरिकी सरकारी IT प्रोजेक्ट्स में बड़े अवसर मिलेंगे. इसी बीच ट्राइफैक्टा ने GIFT City में 100-150 मिलियन डॉलर के IPO के लिए DRHP भी दाखिल किया है.

Tryfacta IPO Image Credit: Money9 Live

अमेरिका की मशहूर स्टाफिंग और टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस कंपनी ‘ट्राइफैक्टा’ (Tryfacta) के हाथ एक बड़ी कामयाबी लगी है. कंपनी ने अमेरिकी स्पेस एजेंसी NASA के ‘सॉल्यूशंस फॉर एंटरप्राइज-वाइड प्रोक्योरमेंट’ (SEWP) प्रोग्राम के तहत दो बड़े कॉन्ट्रैक्ट अपने नाम कर लिए हैं.

इस डील के साथ ही ट्राइफैक्टा के लिए साल 2036 तक अमेरिकी फेडरल आईटी बिजनेस के दरवाजे पूरी तरह से खुल गए हैं.

10 साल के लिए मिला मौका

यह एक मल्टी-अवार्ड कॉन्ट्रैक्ट है, जिसकी ऑर्डरिंग अवधि 1 नवंबर 2026 से शुरू होकर 31 अक्टूबर 2036 तक यानी पूरे 10 सालों के लिए होगी. सबसे खास बात यह है कि इस प्रोग्राम के तहत प्रत्येक कॉन्ट्रैक्ट की अधिकतम वैल्यू 20 बिलियन अमेरिकी डॉलर रखी गई है.

कंपनी ने ये कॉन्ट्रैक्ट ‘कैटेगरी बी’ (एंटरप्राइज-वाइड आईटी सर्विस सॉल्यूशंस) और ‘कैटेगरी सी’ (आईटी मिशन-बेस्ड सर्विसेज) के तहत जीते हैं. इसके जरिए ट्राइफैक्टा अब अमेरिकी सरकार की विभिन्न एजेंसियों के आईटी टास्क ऑर्डर्स के लिए सीधे तौर पर कंपिट कर सकेगी.

इन एडवांस टेक्नोलॉजी सेक्टर्स में काम करेगी कंपनी

नासा के इस कॉन्ट्रैक्ट को जीतने के बाद ट्राइफैक्टा बड़े स्तर पर सरकारी ऑर्डर्स में हिस्सा लेने के लिए पात्र हो गई है. कंपनी अब अमेरिकी सरकार के लिए एंटरप्राइज आईटी सर्विसेज, साइबर सिक्योरिटी, क्लाउड ट्रांसफॉर्मेशन, एप्लिकेशन डेवलपमेंट, एआई (AI) आधारित ऑटोमेशन, डेटा एनालिटिक्स और प्रोग्राम मैनेजमेंट सपोर्ट जैसे हाई-टेक सेक्टर्स में काम करेगी.

गिफ्ट सिटी में IPO लाने की तैयारी

यह खबर ऐसे समय पर आई है जब कंपनी भारत में इतिहास रचने की दहलीज पर खड़ी है. इसी महीने ट्राइफैक्टा ने गुजरात के ‘गिफ्ट सिटी’ (GIFT City) में 100 से 150 मिलियन डॉलर के आईपीओ (IPO) के लिए ड्राफ्ट पेपर (DRHP) दाखिल किए हैं.

दस्तावेजों के मुताबिक, इस आईपीओ में 1.33 करोड़ तक के नए इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे, जबकि प्रमोटर रातिका त्यागी द्वारा 30 लाख शेयरों की बिक्री (OFS) की जाएगी. शेयर बाजार में लिस्ट होते ही ट्राइफैक्टा गिफ्ट सिटी फ्रेमवर्क के जरिए भारत में लिस्ट होने वाली अमेरिका की पहली कंपनी बन जाएगी.

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बता दें, यह मुख्य रूप से विदेशी निवेशकों और अनिवासी भारतीयों (NRIs) को आकर्षित करने के लिए बनाया गया है. भारत के घरेलू निवेशक यहां सिर्फ RBI की ‘लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम’ (LRS) के तहत ही (एक तय लिमिट में) डॉलर में निवेश कर सकते हैं, वो भी काफी कागजी कार्रवाई के बाद.

डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.